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अहम करार: चीन ब्रह्मपुत्र का हाइड्रोलॉजिकल डाटा करेगा साझा, दोकलम विवाद के बाद से था बंद

Sun, 10 Jun 2018 02:34 AM IST
एजेंसी, किंगदाओ (चीन)
एजेंसी, किंगदाओ (चीन) Updated Sun, 10 Jun 2018 02:34 AM IST
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China will share hydrological data of Brahmaputra in rainy season
ब्रह्मपुत्र
चीन बरसात के मौसम में ब्रह्मपुत्र नदी का हाइड्रोलॉजिकल डाटा साझा करने पर सहमत हो गया है। इसे एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। दोनों देशों की सेनाओं के बीच 73 दिन तक चले दोकलम गतिरोध के बाद चीन ने यह सूचना देना बंद कर दिया था। जबकि इस क्षेत्र में बाढ़ की स्थिति के आकलन के लिए यह जानकारी महत्वपूर्ण होती है। दोनों देशों के बीच गैर बासमती चावल के निर्यात पर भी समझौता हुआ है। इस कदम से दोनों देशों के बीच व्यापार घाटा पाटने में कुछ हद तक मदद मिलेगी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और राष्ट्रपति शी जिनपिंग के बीच हुई मुलाकात के बाद इस संबंध में एमओयू पर हस्ताक्षर किए गए।
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पहला समझौता दोनों देशों के जल संसाधन मंत्रालयों के बीच हुआ। इसके अनुसार, चीन हर साल 15 मई से 15 अक्तूबर के बीच बाढ़ के मौसम में ब्रह्मपुत्र का हाइड्रोलॉजिकल डाटा उपलब्ध कराएगा। सामान्य सीजन में भी अगर जलस्तर दोनों देशों के बीच तय की गई सीमा से ऊपर जाता है, तो चीन डाटा साझा करेगा। तिब्बत से शुरू होने वाली ब्रह्मपुत्र चीन की सबसे बड़ी नदियों में से एक है। यह तिब्बत से भारत और बाद में बांग्लादेश तक जाती है, जहां यह गंगा के साथ मिलती है।
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दोनों देशों के बीच दूसरा समझौता चीन के सीमा शुल्क प्रशासन और भारत के कृषि एवं किसान कल्याण विभाग के बीच हुआ। इसके तहत दुनिया का सबसे बड़ा चावल का बाजार चीन भारत से बासमती के अलावा दूसरी किस्म का चावल भी खरीदेगा। इसके लिए 2006 में बनी व्यवस्था में संशोधन किया गया है। अभी चीन भारत से सिर्फ बासमती खरीदता है।
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सूत्रों के अनुसार, गैर-बासमती चावल पर हुए समझौते से चीन के साथ व्यापार घाटे को लेकर भारत की चिंता को दूर करने में मदद मिल सकती है। चीन ने भारत के साथ व्यापार घाटे के मुद्दे को हल करने पर सहमति जताई है। भारत चीन में अपने वस्तु एवं सेवाओं के लिए व्यापक पहुंच चाहता है।


51 बिलियन डॉलर का है व्यापार घाटा

भारत-चीन के बीच 2016-17 में व्यापार घाटा 51 बिलियन डॉलर का रहा है। इसके पहले वित्तीय वर्ष में यह 52.69 बिलियन डॉलर का था। इस वित्तीय वर्ष में अप्रैल से अक्तूबर के बीच वित्तीय घाटा 36.73 बिलियन डॉलर रहा है। 
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