दलाई लामा का इस्तेमाल बंद करे अमेरिका : चीन
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चीन ने कहा है कि अमेरिका को उसके सामने परेशानी खड़ी करने के लिए दलाई लामा का इस्तेमाल एकदम बंद कर देना चाहिए। पुरानी बात को दोहराते हुए चीन ने कहा है कि अमेरिका को इससे कोई लाभ नहीं होगा बल्कि द्विपक्षीय संबंधों को नुकसान जरूर पहुंचेगा। चीन में तिब्बत के मामलों के प्रभारी वरिष्ठ अधिकारी ने यह बात सरकारी समाचार पत्र से बातचीत में कही। उधर, अमेरिका ने एक बार फिर स्पष्ट किया है कि इस मुद्दे पर दोनों के बीच आपसी संवाद को प्रोत्साहन दिया जाएगा।
हाल ही में अमेरिका की विदेश मामलों से संबंधित सीनेट कमेटी द्वारा लिखे गए सवाल के जवाब में चीन की संसद के धार्मिक मामलों से जुड़ी समिति के प्रमुख जू वेइकन ने ‘ग्लोबल टाइम्स’ से कहा कि चीन तिब्बती समाज के विकास का समर्थन करने के लिए अपनी नीतियां नहीं बदलेगा और न ही वो क्षेत्र पर अपनी संप्रभुता की रक्षा बंद करेगा।
इस बारे में जब अमेरिका के नए विदेशमंत्री रैक्स टिलरसन ने पूछा गया कि दलाई लामा से होने वाली बैठक पर वह क्या करेंगे तो उन्होंने इसका उत्तर सकारात्मक ढंग से दिया। टिलरसन ने कहा कि वह बीजिंग और तिब्बत की निर्वासित सरकार व दलाई लामा के प्रतिनिधियों के बीच संवाद को प्रोत्साहन देंगे। जबकि चीन सरकार के लिए यह संवाद जारी रखना असंभव है।
दलाई लामा को हिंसक अलगाववादी नेता बताता है चीन
चीन ने दोहराया कि 1959 में चीनी शासन के खिलाफ असफल विद्रोह के बाद दलाई लामा भाग गए और इसके बाद भारत में जाकर शरण ले ली।
वह भारत में अपना निर्वासन काट रहे हैं और चीन के लिए एक हिंसक अलगाववादी नेता हैं। जबकि दलाई लामा शुरू से ऐसी किसी भी हिंसा से इनकार करते आए हैं जिनके बारे में चीन उन पर आरोप लगाता आया है। उनका कहना है कि वह केवल तिब्बत के लिए वास्तविक स्वायत्तता चाहते हैं।