China: दिखावटी है शी जिनपिंग का ‘कॉमन प्रॉस्परिटी’ का विचार, बढ़ते धन पर लगाम नहीं
China: ताजा रिपोर्ट के मुताबिक चीन में धनी परिवारों की संख्या बढ़ी है। 2020 में हाई नेट वेल्थ (अति धनी) परिवारों की संख्या 20 लाख 20 हजार थी, जो पिछले वर्ष 20 लाख 60 हजार तक पहुंच गई। इन परिवारों के पास कुल धन 2020 में 126 ट्रिलियन युवान था, जो 2021 में 160 ट्रिलियन युवान तक पहुंच गया...
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चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग की ‘कॉमन प्रॉस्परिटी’ (साझा समृद्धि) लाने की योजना देश में बढ़ती आर्थिक गैर-बराबरी पर लगाम लगाने में नाकाम रही है। पिछले साल के ताजा सामने आए आंकड़ों का निष्कर्ष यह है कि देश में धनी लोगों की संपत्ति और बढ़ गई है।
एक ताजा रिपोर्ट के मुताबिक पिछले साल चीन में धनी परिवारों की संख्या में ज्यादा बदलाव नहीं हुआ। फिर भी धनी परिवारों की संख्या बढ़ी है। 2020 में हाई नेट वेल्थ (अति धनी) परिवारों की संख्या 20 लाख 20 हजार थी, जो पिछले वर्ष 20 लाख 60 हजार तक पहुंच गई। इन परिवारों के पास कुल धन 2020 में 126 ट्रिलियन युवान था, जो 2021 में 160 ट्रिलियन युवान तक पहुंच गया। साफ है धनी परिवारों की कुल संपत्ति में बढ़ोतरी हुई है।
ये रिपोर्ट हुरुन रिसर्च इंस्टीट्यूट और सिटिक प्रूडेंशियल ने जारी की है। इसके मुताबिक 2021 में चीन में अति धनी (हाई नेट वेल्थ- एचएनआई) परिवारों की संख्या 20 लाख 60 हजार थी। एक करोड़ युवान से अधिक संपत्ति वाले परिवारों को एचएनआई श्रेणी में रखा गया है। ‘समृद्ध’ परिवारों की संख्या 50 लाख थी। इन परिवारों के पास 60 लाख युवान (8,38,000 अमेरिकी डॉलर) से अधिक की संपत्ति थी। अति धनी वर्ग के बीच 10 करोड़ युवान से अधिक संपत्ति वाले परिवारों की संख्या पिछले वर्ष के अंत तक एक लाख 30 हजार थी।
ये रिपोर्ट उस समय आई है, जब राष्ट्रपति शी जिनपिंग की साझा समृद्धि का विचार बहुचर्चित है। उन्होंने ये योजना 1970 के दशक के बाद से देश में बढ़ती चली गई आर्थिक गैर-बराबरी को घटाने के मकसद से पेश की है। बीते अक्तूबर में चीन की कम्युनिस्ट पार्टी की 20वीं कांग्रेस (महाधिवेशन) के दौरान पेश अपनी रिपोर्ट में शी ने प्रति व्यक्ति आय बढ़ाने और 2035 तक देश की कुल आबादी में मध्य वर्ग का अनुपात बढ़ाने का संकल्प लिया था। कांग्रेस में सत्ताधारी कम्युनिस्ट पार्टी ने अपनी आर्थिक योजना में ‘साझा समृद्धि’ को प्राथमिकता देने का प्रस्ताव पारित किया था।
इस वर्ष के आरंभ में चीन के नेशनल ब्यूरो ऑफ स्टैटिस्टिक्स के आयुक्त निंग जिझे ने बताया था कि देश में 14 करोड़ परिवार मध्य वर्ग का हिस्सा हैं। इन परिवारों के सदस्यों की संख्या 40 करोड़ है। विशेषज्ञ इस तरफ ध्यान खींचते रहे हैं कि गैर-बराबरी चीन के लिए एक बड़ी समस्या बन गई है। अगर इसे काबू में नहीं लाया गया, तो यह बड़े पैमाने पर सामाजिक और राजनीतिक उथल-पुथल का कारण बन सकती है। पिछले साल के आंकड़ों से यही सामने आया है कि फिलहाल इस खाई को पाटने के उपाय कामयाब नहीं हुए हैं।
विश्लेषकों के मुताबिक चीन सरकार अगर उत्तराधिकार टैक्स में भारी बढ़ोतरी करे, तो वह गैर-बराबरी पर लगाम लगा सकती है। अनुमान लगाया गया है कि अगले दस साल में 18 ट्रिलियन युवान उत्तराधिकार के रूप में अगली पीढ़ी को सौंपे जाएंगे। अगले 20 वर्ष में यह रकम 49 ट्रिलियन युवान होगी। ताजा जारी हुई रिपोर्ट के मुताबिक चीन में सबसे ज्यादा अति धनी और समृद्ध परिवार शंघाई में हैं। इसके बाद हांगकांग, शेनझेन और ग्वांगझाऊ का नंबर है। लेकिन दस करोड़ युवान से अधिक संपत्ति वाले एचएनआई परिवार बीजिंग में रहते हैं।