फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   World ›   China will not sit silent on US arms deal to Taiwan

ताइवान को अमेरिकी हथियारों के सौदे पर शांत नहीं बैठेगा चीन

Fri, 23 Aug 2019 03:15 AM IST
Avdhesh Kumar वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला Published by: Avdhesh Kumar Updated Fri, 23 Aug 2019 03:15 AM IST
सार

  • आवश्यक हुआ तो वह बल द्वारा अपने स्वयं के क्षेत्र पर विचार करेगा
  • वाशिंगटन से 80 लाख के इस सौदे को ‘तत्काल रद्द’ करने मांग की है
  • विदेशी कंपनियों को दंडित करने के अलावा अन्य संभावित प्रतिबंध लगा सकता है

विज्ञापन
China will not sit silent on US arms deal to Taiwan
सांकेतिक तस्वीर

विस्तार

चीन ने ताइवान को एफ-16 युद्धक विमानों को बेचे जाने संबंधी प्रस्तावित सौदे पर नाराजगी जाहिर की और इसमें शामिल अमेरिकी फर्मों पर प्रतिबंधों की चेतावनी दी। चीन के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि ‘यदि अमेरिका ने ताइवान को उन्नत एफ -16 वी फाइटर जेट की बिक्री करता है, तो चीन शांत होकर नहीं बैठेगा। इसके साथ ही इस सौदे में शामिल विदेशी कंपनियों को दंडित करने के अलावा अन्य संभावित प्रतिबंध लगा सकता है।’
विज्ञापन


सैन्य विज्ञान अकादमी में युद्ध अध्ययन संस्थान के प्रमुख कर्नल चेन रोंगडी ने बृहस्पतिवार को एक रक्षा मंच पर कहा कि ‘बीजिंग ने इस सौदे को चीन के साथ अमेरिका के किए गए पिछली प्रतिबद्धताओं का उल्लंघन माना, क्योंकि यदि आवश्यक हुआ तो वह बल द्वारा अपने स्वयं के क्षेत्र पर विचार करेगा।’ हालांकि, उन्होंने इस बात पर विस्तार से कुछ नहीं बताया कि चीन की इस विषय पर आगे की क्या योजना है। 
विज्ञापन

चीन, ताइवान को अपना हिस्सा मानता है और उसे अपने में मिलाने की कोशिश में है, लेकिन यह एक स्वायत्त शासन वाला द्वीप है और अमेरिका का करीबी सहयोगी है। वहीं, बीजिंग इसे अपने आंतरिक मामले में गंभीर हस्तक्षेप मान रहा है और वाशिंगटन से 80 लाख के इस सौदे को ‘तत्काल रद्द’ करने मांग की है। ऐसा नहीं करने पर अमेरिकी कंपनियों को इसके गंभीर परिणाम भुगतने की चेतावनी देते हुए चीन ने उन पर प्रतिबंध लगाने की बात की है।
विज्ञापन
विज्ञापन

 

ट्रूडो खड़े है चीन के विरोध में 

बीजिंग ने बृहस्पतिवार को कनाडा के प्रधान मंत्री जस्टिन ट्रूडो को चीन के विरोध में खड़े होने की प्रतिज्ञा के बाद राजनयिक और व्यापार विवादों को बढ़ाने और द्विपक्षीय संबंधों को बिगड़ने का आरोप लगाया।

पिछले दिसंबर में कनाडा ने जासूसी से जुड़े आरोपों पर चीन के शीर्ष हुआवेई के कार्यकारी मेंग वानझोउ को हिरासत में ले लिया था इसके प्रतिशोध के रूप में चीन ने दो कनाडाई नागरिकों को हिरासत में लिया था। तब से दोनों देशों के बीच संबंध खराब चल रहे हैं। 

बुधवार को, ट्रूडो ने बीजिंग के खिलाफ एक भाषण में ‘हमेशा कनाडाई और कनाडा के हितों की रक्षा करने’ और ‘पीछे नहीं हटन’ का वादा किया था। चीनी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता गेंग शुआंग ने कहा कि ‘वर्तमान में, चीन-कनाडाई संबंध गंभीर कठिनाइयों का सामना कर रहे हैं।’ 
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get latest World News headlines in Hindi related political news, sports news, Business news all breaking news and live updates. Stay updated with us for all latest Hindi news.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed