चीन की तानाशाही: जैक मा की कंपनी अलीबाबा पर 2.78 अरब डॉलर का जुर्माना, लगाया यह आरोप
- चीन ने दिग्गज कंपनी अलीबाबा पर 2.78 अरब डॉलर का जुर्माना लगाया है
- अलीबाबा के खिलाफ यह अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई मानी जा रही
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चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग अरबपति जैक मा के पीछे हाथ धोकर पड़ गए हैं। कई तरह की पाबंदियां लगाने के बाद अब चीनी सरकार ने जैक मा की कंपनी अलीबाबा के खिलाफ एकाधिकार विरोधी नियमों के उल्लंघन के मामले में बड़ी कार्रवाई की है। चीन ने दिग्गज कंपनी अलीबाबा ग्रुप पर 2.78 अरब डॉलर का जुर्माना लगाया है। इसे अलीबाबा के खिलााफ हुई अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई माना जा रहा है।
#BREAKING China fines Alibaba $2.78bn for monopolistic practices: state media pic.twitter.com/fyutpjmsW9
— AFP News Agency (@AFP) April 10, 2021विज्ञापन
जानकारी के मुताबिक, चीनी नियामकों का कहना है कि अलीबाबा ग्रुप ने एकाधिकार विरोधी नियमों का उल्लंघन किया है। इसके साथ ही बाजार में अपनी साख का दुरुपयोग भी किया है। इसलिए कंपनी के खिलाफ 2.75 अरब डॉलर का जुर्माना लगाया गया है। जुर्माने की यह राशि 2019 में अलीबाबा द्वारा कमाए गए राजस्व के लगभग 4 फीसदी के बराबर है। बता दें कि जैक मा ने पिछले साल सरकार की नीतियों की आलोचना की थी, तभी से वे चीनी सरकार के निशाने पर आ गए हैं।
छह माह तक लापाता रहे जैक मा
जैक मा ने अक्तूबर,2020 में किसी मुद्दे पर चीनी सरकार की आलोचना की थी। रिपोर्ट्स के अनुसार, इसके बाद से ही जैक मा की कोई सार्वजनिक उपस्थिति दर्ज नहीं हुई है। जैक मा के बारे में रहस्य तब गहरा गया था, जब वे अपने टैलेंट शो 'अफ्रीका के बिजनेस हीरो' के फाइनल एपिसोड में भी नहीं दिखाई दिए। मा की जगह इस एपिसोड में अलीबाबा के एक अधिकारी ने अपनी उपस्थिति दर्ज कराई थी। इसके बाद दुनिया भर में जैकमा के लापता होने की चर्चा की गई। इसके बाद जैकमा एक वीडियो कार्यक्रम में नजर आए।
जैक मा को भारी पड़ी चीन सरकार की आलोचना
जैक मा ने अक्तूबर, 2020 में चीन के वित्तीय नियामकों और सरकारी बैंकों की आलोचना की थी। उन्होंने शंघाई में दिए भाषण में यह आलोचना की थी। जैक मा ने सरकार से आह्वान किया था कि वह ऐसे सिस्टम में बदलाव करे, जो कारोबार में नवाचारों के प्रयासों को दबाने का काम करते हैं। मा के इस भाषण के बाद चीन की सत्तारूढ़ कम्युनिस्ट पार्टी मा पर बिगड़ गई थी। इसके बाद से जैक मा के एंट ग्रुप सहित कई कारोबारों पर असाधारण प्रतिबंध लगाए जाने शुरू हो गए थे।