फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   World ›   China seized church at Christmas and seized the Bible

मुस्लिमों के बाद चीन के निशाने पर ईसाई, क्रिसमस पर चर्च बंद कर जब्त की बाइबल

Tue, 25 Dec 2018 07:21 PM IST
संदीप भट्ट वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला Published by: संदीप भट्ट Updated Tue, 25 Dec 2018 07:21 PM IST
विज्ञापन
China seized church at Christmas and seized the Bible

चीन में उइगर मुस्लिमों पर अत्याचार के बाद अब ईसाइयों पर पाबंदी लगाने की खबर सामने आई है। न्यू यॉर्क टाइम्स में छपी एक खबर के मुताबिक चीन में क्रिसमस पर चेंगदू के प्रमुख चर्च को बंद कर दिया गया है। चीन की इस हरकत के बाद चीन में रह रहे ईसाइयों ने भी मोर्चा खोल दिया है। ईसाई समुदाय के लोगों ने जागरूक करने का फैसला किया है। चर्च के कुछ सदस्यों की तरफ से संदेश दिया जा रहा है कि अधिकारियों के दमन के कारण हम अपने धर्म से पीछे नहीं हटेंगे। 

विज्ञापन


गु बाओलुओ कई महीनों से चीन के सबसे अच्छे माने जाने वाले प्रोटेस्टेंट चर्च में क्रिसमस सेलिब्रेशन का इंतजार कर रहे थे। लेकिन दिसंबर की शुरुआत में पुलिस ने उस प्रार्थना स्थल को बंद कर दिया। क्रिश्चन ऐक्टिविस्ट ने इसे ईसाई समुदाय पर एक दशक का सबसे बड़ा हमला बता रहे हैं। रिपोर्ट के अनुसार पुलिस ने बाइबल को जब्त कर लिया है। चर्च द्वारा चलाए जा रहे स्कूल को बंद कर दिया है और तोड़फोड़ के लिए उकसाने के आरोप में अर्ली रेन के पादरी को हिरासत में लिया है। 
विज्ञापन


इन आरोपों में उन्हें कम से कम 5 साल कैद की सजा सुनाई जा सकती है। रिपोर्ट में कहा गया है कि चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग इस बात से चिंतित हैं कि स्वतंत्र पूजा सत्ताधारी कम्युनिस्ट पार्टी के लिए देश में प्रभुत्व को लेकर संकट पैदा कर सकती है। ऐसे में पार्टी ने ईसाई धर्म को पार्टी के नियंत्रण में लाने की मांग की है। चीन की सरकार ने इस साल ही बाइबल की ऑनलाइन बिक्री पर प्रतिबंध लगा दिया था। चर्चों को तोड़ा और करीब आधे दर्जन से ज्यादा प्रार्थना स्थलों को बंद करा दिया है।

विज्ञापन
विज्ञापन

उइगर मुस्लिमों के धार्मिक अधिकार भी छीने

China seized church at Christmas and seized the Bible

शिनजियांग वर्ष 1949 में पूर्वी तुर्किस्तान के नाम से आजाद देश घोषित किया गया था, लेकिन उसी साल चीन ने इस पर कब्जा कर लिया। उइगर मुस्लिम शिनजियांग को चीन के कब्जे को अवैध बताकर इसे दोबारा आजाद घोषित कराने की मुहिम चला रहे हैं। चीन ने इस राज्य को स्वायत्त दर्जा दे रखा है, लेकिन प्रशासन पर चीनी कब्जा ही है। पिछले कुछ सालों में चीन ने यहां पर अपने बहुसंख्यक हान समुदाय को बसाकर क्षेत्रीय जनसांख्यिकीय घनत्व को बदलने के प्रयास जारी कर रखे हैं, जिसके कारण उइगर मुस्लिमों के साथ उनकी हिंसात्मक झड़पें होती रहती हैं।

उइगर मुस्लिमों के धार्मिक अधिकार भी छीने

2014 में शिनजियांग की सरकार ने रमजान के महीने में मुस्लिम कर्मचारियों के रोजा रखने और मुस्लिम नागरिकों के दाढ़ी बढ़ाने पर पाबंदी लगा दी थी। 2014 में ही राष्ट्रपति जिनपिंग के आदेश पर यहां की कई मस्जिदें और मदसों के भवन ढहा दिए गए। इसके अलावा भी तमाम प्रतिबंध इन पर लगे हुए हैं।

कश्मीर पर भी पड़ रहा है प्रभाव

उइगर मुस्लिमों के दमन का प्रभाव पाक कब्जे वाले कश्मीर पर भी पड़ रहा है। शिनजियांग क्षेत्र से लगे गिलगित-बाल्टिस्तान क्षेत्र के कश्मीरी मुस्लिमों के सदियों से उइगर मुस्लिमों के साथ वैवाहिक संबंध रहे हैं, लेकिन पिछले कुछ साल से पाकिस्तानियों से शादी करने वाली उइगर महिलाएं अपने मायके जाने पर कभी वापस नहीं लौट सकी हैं। आरोप है कि चीनी अधिकारियों ने पाकिस्तानी आतंकियों के उइगर उग्रवादियों से संपर्क बढ़ाने का जरिया मानकर इन महिलाओं को कैद कर लिया है।

उइगर मुस्लिमों पर एक नजर
01 करोड़ से ज्यादा तुर्की मूल के उइगर मुस्लिम हैं शिनजियांग राज्य में
08 देशों की सीमा से सटा शिनजियांग चीन के पश्चिम में सबसे बड़ा राज्य है

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get latest World News headlines in Hindi related political news, sports news, Business news all breaking news and live updates. Stay updated with us for all latest Hindi news.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed