पीएम मोदी के बयान पर बौखलाया चीन, कहा- हम विस्तारवादी नहीं, गलत अनुमान
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अचानक हुई लद्दाख यात्रा के बाद अब चीन ने भी इस पर प्रतिक्रिया दी है। पीएम मोदी ने कहा था कि विस्तारवाद का युग खत्म हो चुका है और ऐसी ताकतें अब मिट चुकी हैं।प्रधानमंत्री मोदी के इस बयान पर चीन ने सफाई देते हुए कहा कि हमें विस्तारवादी के रूप में देखना सही नहीं है। भारत में चीन की राजदूत जी रोंग ने कहा कि चीन को विस्तारवादी के तौर पर देखना ठीक नहीं है। हमने 14 में से 12 पड़ोसियों के साथ समस्याएं बातचीत के माध्यम से हल की हैं। उन्होंने कहा कि भारत को चीन को लेकर गलत अनुमानों से बचना चाहिए।
#China has demarcated boundary with 12 of its 14 neighboring countries through peaceful negotiations, turning land borders into bonds of friendly cooperation. It's groundless to view China as "expansionist", exaggerate & fabricate its disputes with neighbours.
— Ji Rong (@ChinaSpox_India) July 3, 2020विज्ञापन
वहीं, चीन के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता झाओ लिजियान ने कहा, 'भारत और चीन सैन्य और राजनयिक माध्यमों से बातचीत के जरिए तनाव घटाने की प्रक्रिया में हैं। ऐसे में किसी भी पक्ष को ऐसी गतिविधियों में संलिप्त नहीं होना चाहिए जिससे इस बिंदु पर स्थितियां खराब हों।' प्रधानमंत्री मोदी के इस औचक दौरे में उनके साथ चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ (सीडीएस) बिपिन रावत भी मौजूद थे।
चीन ने यह बात प्रधानमंत्री मोदी के उस बयान को लेकर कही है जिसमें उन्होंने लद्दाख में चीनी हरकतों पर तंज कसा था। प्रधानमंत्री ने लेह के निमू में भारतीय सैनिकों का उत्साह बढ़ाते हुए कहा था कि अब विस्तारवाद का जमाना चला गया है, यह विकासवाद का समय है। प्रधानमंत्री ने इस दौरान भारतीय जवानों के साहस की प्रशंसा करते हुए कहा कि पूरी दुनिया ने उनकी बहादुरी का नमूना देखा है।
पीएम मोदी ने इस दौरान कहा, भारतीय सैनिकों ने जो बहादुरी दिखाई, उससे भारत की ताकत के बारे में दुनिया को एक संदेश गया है। विस्तारवाद का युग खत्म हो चुका है। ये युग विकासवाद का है। यही प्रासंगिक है। बीती शताब्दियों में विस्तारवाद ने ही मानवता का सबसे ज्यादा नुकसान किया है। विस्तारवाद की जिद जिस पर सवार होती है, उसने शांति के लिए खतरा पैदा किया है। लेकिन इतिहास गवाह है कि ऐसी ताकतें मिट गई हैं।