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भारत-चीन सीमा विवाद: PM मोदी के हालिया बयान पर चीन की प्रतिक्रिया, माओ निंग बोले- जल्द सुलझा लिया जाएगा
Fri, 12 Apr 2024 03:49 PM IST
आदर्श शर्मा
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, बीजिंग
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, बीजिंग
Published by: आदर्श शर्मा
Updated Fri, 12 Apr 2024 03:49 PM IST
सार
हाल ही में पीएम मोदी के चीन-भारत सीमा विवाद पर दिए गए बयान पर चीन के विदेश मंत्रालय ने प्रतिक्रिया दी है। प्रवक्ता माओ निंग ने कहा कि दोनों देशों ने विवाद को जल्द सुलझाने के लिए सकारात्मक प्रगति की है।
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चीन और भारत
- फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
चीन अक्सर अपनी करतूतों के कारण दुनियाभर में सुर्खियों में रहता है। कभी अपने पड़ोसी देशों से सीमा विवाद का मामला हो या फिर गरीब देशों को कर्ज के झाल में फंसाकर वहां अपनी मौजूदगी सुनिश्चित करना हो। भारत के साथ अंतरराष्ट्रीय सीमा होने के कारण भारत और चीन के बीच आए दिन विवाद होता रहता है। इस बीच, शुक्रवार को चीन के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने कहा दोनों देशों के बीच चल रहे सीमा विवाद को हल करने के लिए बड़ी सकारात्मक प्रगति की है, जिसके लिए हमने एक मजबूत वार्ता को बनाए रखा है। गौरतलब है कि चीन के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता माओ निंग का यह बयान उसके बाद आया, जिसमें हाल ही में पीएम मोदी ने एक साक्षात्कार में कहा था कि चीन के साथ संबंध जरूरी है और सीमाओं पर चली आ रही लंबे समय की स्थिति को जल्द सुलझाया जाना चाहिए।
भारत और चीन के संबंधों को मजबूत करने पर जोर
चीन के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता माओ ने कहा कि हम यह भी मानते हैं कि चीन और भारत के संबंध दोनों देशों के हितों की रक्षा करते हैं। चीन ने उम्मीद जताई कि भारत मतभेदों को ठीक से सुलझाने और द्विपक्षीय संबंधों को स्थिर ट्रैक पर आगे बढ़ाने के लिए चीन के साथ समान दिशा में काम करेगा। खास बात है कि यह दूसरी बार है जब चीन ने पीएम मोदी के साक्षात्कार पर अपनी प्रतिक्रिया दी है।
दोनों देश सीमा विवाद को हल करने में जुटे- माओ निंग
हालांकि कई बार भारत का कहना है कि जब तक सीमाओं की स्थिति असामान्य रहेगी, तब तक चीन के साथ उसके संबंधों में सामान्य स्थिति की बहाली नहीं हो सकती। माओ ने कहा कि दोनों देश सीमा स्थिति से संबंधित मुद्दों से निपटने के लिए राजनयिक और सैन्य चैनलों के माध्यम से घनिष्ठ संचार बनाए रखते हैं और सकारात्मक प्रगति की है। उन्होंने कहा कि हमें उम्मीद है कि भारत चीन के साथ काम करेगा। द्विपक्षीय संबंधों को रणनीतिक ऊंचाई औ दीर्घकालिक परिप्रेक्ष्य से देखेगा, विश्वास बनाए रखेगा और आपसी सहयोग में रहेगा।
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भारत-चीन के बीच हुआ था ये विवाद
पैंगोंग त्सो झील क्षेत्र में हिंसक झड़प के बाद 5 मई, 2020 को पूर्वी लद्दाख सीमा पर गतिरोध पैदा होने के बाद से व्यापार संबंधों को छोड़कर भारत और चीन के बीच संबंधों में गतिरोध बना हुआ है। विवाद को सुलझाने के लिए दोनों पक्ष अब तक कोर कमांडर स्तर की 21 दौर की वार्ता कर चुके हैं।
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भारत और चीन के संबंधों को मजबूत करने पर जोर
चीन के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता माओ ने कहा कि हम यह भी मानते हैं कि चीन और भारत के संबंध दोनों देशों के हितों की रक्षा करते हैं। चीन ने उम्मीद जताई कि भारत मतभेदों को ठीक से सुलझाने और द्विपक्षीय संबंधों को स्थिर ट्रैक पर आगे बढ़ाने के लिए चीन के साथ समान दिशा में काम करेगा। खास बात है कि यह दूसरी बार है जब चीन ने पीएम मोदी के साक्षात्कार पर अपनी प्रतिक्रिया दी है।
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दोनों देश सीमा विवाद को हल करने में जुटे- माओ निंग
हालांकि कई बार भारत का कहना है कि जब तक सीमाओं की स्थिति असामान्य रहेगी, तब तक चीन के साथ उसके संबंधों में सामान्य स्थिति की बहाली नहीं हो सकती। माओ ने कहा कि दोनों देश सीमा स्थिति से संबंधित मुद्दों से निपटने के लिए राजनयिक और सैन्य चैनलों के माध्यम से घनिष्ठ संचार बनाए रखते हैं और सकारात्मक प्रगति की है। उन्होंने कहा कि हमें उम्मीद है कि भारत चीन के साथ काम करेगा। द्विपक्षीय संबंधों को रणनीतिक ऊंचाई औ दीर्घकालिक परिप्रेक्ष्य से देखेगा, विश्वास बनाए रखेगा और आपसी सहयोग में रहेगा।
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भारत-चीन के बीच हुआ था ये विवाद
पैंगोंग त्सो झील क्षेत्र में हिंसक झड़प के बाद 5 मई, 2020 को पूर्वी लद्दाख सीमा पर गतिरोध पैदा होने के बाद से व्यापार संबंधों को छोड़कर भारत और चीन के बीच संबंधों में गतिरोध बना हुआ है। विवाद को सुलझाने के लिए दोनों पक्ष अब तक कोर कमांडर स्तर की 21 दौर की वार्ता कर चुके हैं।