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एफएटीएफ से ब्लैकलिस्ट होने से बचा पाक, चीन समेत तीन देश बने रक्षक

Fri, 21 Jun 2019 10:20 PM IST
गौरव द्विवेदी वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला Published by: गौरव द्विवेदी Updated Fri, 21 Jun 2019 10:20 PM IST
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China save Pakistan from FATF warning, relief till October
सांकेतिक तस्वीर - फोटो : सोशल मीडिया

आर्थिक संकट से जूझ रहा पाकिस्तान किसी तरह फाइनेंशियल एक्शन टास्क फोर्स (एफएटीएफ) के तीन सदस्यों चीन, तुर्की और मलयेशिया का साथ पाकर ब्लैकलिस्ट होने से बच तो गया है, लेकिन अब भी उसके ऊपर से संकट के बादल छंटे नहीं हैं। पाकिस्तान एफएटीएफ के सदस्य देशों से समर्थन के लिए लगातार कूटनीतिक कोशिशें कर रहा था, जिसके बाद इस्लामाबाद को फौरी राहत मिल गई है और वह ग्रे लिस्ट से ब्लैकलिस्ट में पहुंचने से बच गया।

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एफएटीएफ की ओर से अब तक औपचारिक घोषणा नहीं की गई। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, एफएटीएफ 13 से 18 अक्तूबर के बीच पेरिस में पाकिस्तान को ब्लैकलिस्ट नहीं किए जाने की औपचारिक घोषणा करेगा। एफएटीएफ चार्टर के तहत, ब्लैकलिस्ट होने से बचने के लिए कम से कम तीन सदस्य देशों का समर्थन मिलना जरूरी है। तुर्की एकमात्र ऐसा देश था जो अमेरिका और ब्रिटेन के समर्थन से भारत के लाए गए इस प्रस्ताव का खुलकर विरोध कर रहा था। 
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एफएटीएफ और एशिया पैसिफिक ग्रुप के संयुक्त समूह का सदस्य देश भारत चाहता था कि पाकिस्तान को ब्लैकलिस्ट में शामिल किया जाए। क्योंकि अब तक पाकिस्तान वित्तीय अपराध और आतंकी संगठनों की फंडिंग रोकने में असफल रहा है।

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2018 में पाकिस्तान को डाला ग्रे सूची में


पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता मोहम्मद फैसल ने मीडिया रिपोर्ट पर किसी तरह की टिप्पणी करने से इनकार कर दिया। गौरतलब है कि जून, 2018 में एफएटीएफ ने पाकिस्तान को अपनी ‘ग्रे’ सूची में डाल दिया था। साथ ही आतंकवादी संगठनों की फंडिंग पर नजर रखने वाली इस संस्था ने इस्लामाबाद को 27 प्वाइंट का एक्शन प्लान सौंपा था। 

सईद, अजहर के खिलाफ पाक के कार्रवाई नहीं करने से चिंतित है अमेरिका, ब्रिटेन और फ्रांस


इससे पहले अमेरिका, ब्रिटेन और फ्रांस ऐसे कुछ प्रमुख देश हैं जिन्होंने पाकिस्तान के उसकी सरजमीं से आतंकवाद के वित्तपोषण को रोकने के लिए पर्याप्त कदम उठाने में विफल रहने और आतंकवादी सरगनाओं हाफिज सईद और मसूद अजहर के खिलाफ आतंकवाद निरोधक कानून के तहत मामले दर्ज नहीं करने पर चिंता जताई है। यह जानकारी सूत्रों ने शुक्रवार को दी।
 

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