Ukraine War: यूक्रेन में सीजफायर से रूस को होगा फायदा, चीन के प्रस्ताव का अमेरिका ने ये कहकर किया विरोध
Ukraine War: किर्बी ने चीन के आधिकारिक संक्षिप्त नाम पीपुल्स रिपब्लिक ऑफ चाइना का इस्तेमाल करते हुए कहा, 'हम निश्चित तौर पर संघर्ष विराम की मांग का समर्थन नहीं करते हैं जिसका आह्वान पीआरसी मॉस्को में एक बैठक में करेगा जिससे रूस को फायदा होगा।
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व्हाइट हाउस के एक प्रवक्ता ने शुक्रवार को कहा कि अमेरिका यूक्रेन में संघर्ष विराम की चीन की मांग का विरोध करता है क्योंकि इससे रूस को फायदा होगा और क्रेमलिन को एक नये आक्रमण की तैयारी करने में मदद मिलेगी। राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद के प्रवक्ता जॉन किर्बी ने चीनी नेता शी चिनफिंग की अगले सप्ताह होने वाली मास्को यात्रा से पहले संवाददाताओं से कहा, ''हम अभी संघर्ष विराम के आह्वान का समर्थन नहीं करते।
उन्होंने चीन के आधिकारिक संक्षिप्त नाम पीपुल्स रिपब्लिक ऑफ चाइना का इस्तेमाल करते हुए कहा, 'हम निश्चित तौर पर संघर्ष विराम की मांग का समर्थन नहीं करते हैं जिसका आह्वान पीआरसी मॉस्को में एक बैठक में करेगा जिससे रूस को फायदा होगा।
अमेरिका को चिंता-युद्ध विराम से रूसी बलों पर कम हो जाएगा दबाव
संयुक्त राज्य अमेरिका पिछले एक साल से रूस के आक्रमण के खिलाफ यूक्रेन की मदद कर रहा है। वह चिंतित है कि युद्धविराम को प्राथमिकता देने से रूसी बलों पर दबाव कम हो जाएगा और क्रेमलिन को क्षेत्र के बड़े हिस्से पर अपनी पकड़ मजबूत करने का अवसर मिलेगा।
उन्होंने कहा, 'संघर्ष विराम होने पर रूस इसका इस्तेमाल यूक्रेन में अपनी स्थिति को और मजबूत करने, अपने बलों के पुनर्निर्माण, पुनर्गठन और उन्हें तरोताजा करने के लिए स्वतंत्र होगा। इससे वे अपनी पसंद के समय पर यूक्रेन पर हमले फिर से शुरू करने में सक्षम हो सकेंगे।
"हम नहीं मानते कि यह एक न्यायसंगत और टिकाऊ शांति की दिशा में एक कदम है।"
राष्ट्रपति जिनपिंग से बात करेंगे अमेरिकी राष्ट्रपति
किर्बी ने दोहराया कि राष्ट्रपति जो बाइडेन की शी के साथ फोन पर बात करने की योजना है, लेकिन उन्होंने कहा कि फिलहाल इसका कोई कॉल शेड्यूल नहीं है। हालांकि राष्ट्रपति ने यह स्पष्ट कर दिया है कि वह राष्ट्रपति शी के साथ बात करने के इच्छुक हैं, पर अभी इसकी प्रक्रिया शुरू नहीं की गई है।