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Taliban: चीन-पाकिस्तान ने आतंकी समूहों के खिलाफ कार्रवाई के लिए तालिबान पर डाला दबाव, कहा- हालात बद से बदतर

Fri, 14 Apr 2023 08:00 PM IST
निर्मल कांत वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, बीजिंग
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, बीजिंग Published by: निर्मल कांत Updated Fri, 14 Apr 2023 08:00 PM IST
सार

चीनी विदेश मंत्री गांग ने कहा, अफगानिस्तान में आतंकवाद की स्थिति बद से बदतर हो गई है। अफगानिस्तान में आतंकवादी समूहों की संख्या आज बढ़कर बीस से ज्यादा हो गई है।

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China, Pakistan press Afghan Taliban admin to intensify crackdown on terror groups
China- Qin Gang - फोटो : Agency (File Photo)

विस्तार

अमेरिकी सैनिकों की वापसी के बाद अफगानिस्तान में आतंकवाद की स्थिति 'बद से बदतर' हो गई है। यह बात चीनी विदेश मंत्री किन गांग ने गुरुवार को रूस, पाकिस्तान और ईरान के अपने समकक्षों की मौजूदगी में एक सम्मेलन की अध्यक्षता करने के बाद कही। बीजिंग ने तालिबानी शासकों से कहा है कि वे पड़ोसी देशों, खासकर उसके करीबी सहयोगी पाकिस्तान, के लिए मुश्किलें पैदा करने वाले आतंकवादी समूहों पर लगाम लगाने के अपने वादे को पूरा करें। 

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अफगानिस्तान में आतंकी समूहों की बीस से ज्यादा: चीन
पाकिस्तान, आतंकवादी समूह टीटीपी के लगातार हमलों का सामना कर रहा है। इन हमलों को लेकर इस्लामाबाद आरोप लगाता रहा है कि यह अफगानिस्तान की धरती से हो रहे हैं। चीनी विदेश मंत्री गांग ने कहा, अफगानिस्तान में आतंकवाद की स्थिति बद से बदतर हो गई है। अफगानिस्तान में आतंकवादी समूहों की संख्या आज बढ़कर बीस से ज्यादा हो गई है।

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अफगानिस्तान में भूमिका बढ़ाने की कोशिश कर रहा चीन
चीन द्वारा बुलाई गई विदेश मंत्रियों की यह चौथी बैठक है। चीन के उइगुर मुस्लिम बहुल शिनजियांग प्रांत की सीमा अफगानिस्तान के साथ लगती है। बीजिंग, तालिबान के अंतरिम प्रशासन का समर्थन करके अफगानिस्तान में अपनी भूमिका बढ़ाने की कोशिश कर रहा है, उसे शिनजियांग में एक अलगाववादी आतंकवादी संगठन ईस्ट तुर्किस्तान इस्लामिक मूवमेंट (ईटीआईएम) पर कार्रवाई करने के लिए प्रोत्साहित कर रहा है, जिसके कथित तौर पर अल कायदा और इस्लामिक स्टेट जैसे कट्टरपंथी संगठनों के साथ संबंध हैं।
 

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पाकिस्तान की विदेश राज्य मंत्री ने भी लिया सम्मेलन में भाग
लेकिन इससे भी महत्वपूर्ण बात यह है कि दशकों तक तालिबान की मदद करने वाले पाकिस्तान को तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान (टीटीपी) से बड़ी समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है, क्योंकि इसने कई आतंकवादी हमलों को अंजाम देकर देश में तबाही मचाई है। समरकंद बैठक में पाकिस्तान की विदेश राज्य मंत्री हिना रब्बानी खार ने भी भाग लिया। बैठक के अंत में जारी एक संयुक्त बयान में कहा गया है कि अफगानिस्तान में स्थित आतंकवादी समूहों ने पड़ोसी देशों के लिए गंभीर समस्याएं खड़ी की हैं। 
 

आतंकवादी समूह क्षेत्रीय और वैश्विक सुरक्षा के लिए खतरा
बयान में कहा गया, मंत्रियों ने अफगानिस्तान में आतंकवाद से संबंधित सुरक्षा स्थिति के बारे में अपनी गहरी चिंताओं पर जोर दिया बताया कि सभी आतंकवादी समूह (इस्लामिक स्टेट खुरासान प्रांत (आईएसआईएस-केपी), अल-कायदा, पूर्वी तुर्किस्तान इस्लामिक मूवमेंट (ईटीआईएम), अफगानिस्तान में स्थित तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान (टीटीपी), बलूस्चिस्तान लिबरेशन आर्मी (बीएलए), जैश अल-अदल आदि) क्षेत्रीय और वैश्विक सुरक्षा के लिए एक गंभीर खतरा बना हुआ है। 


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