चीन राजनयिक मिशनों की संख्या में अमेरिका से आगे निकला, एशिया में भारत तीसरे नंबर पर
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चीन दुनिया में राजनयिक मिशनों की संख्या के मामले में अमेरिका से आगे निकल गया है। सिडनी स्थित लोवी इंस्टीट्यूट के एक अध्ययन के मुताबिक, 2019 में चीन राजनयिक मिशनों की संख्या के लिहाज से पहले पायदान पर आ गया है। दुनिया में उसके मिशनों की संख्या 276 पहुंच गई है, जबकि अमेरिका के 273 हैं। 186 राजनयिक मिशनों के साथ भारत दुनिया में 12वें पायदान पर है।
अध्ययन के अनुसार, हाल के वर्षों में चीन का दुनिया में प्रभाव बढ़ा है और उसके दूसरे देशों के साथ संबंध मजबूत हुए हैं। राष्ट्रपति शी जिनपिंग की महत्वाकांक्षी योजना बेल्ट एंड रोड इनिशिएटिव (बीआरआई) का भी लाभ चीन को कूटनीतिक विस्तार का दायरा बढ़ाने में मिला है। चीन के दूसरे देशों में 169 दूतावास, 96 वाणिज्य दूतावास, आठ स्थायी मिशन और तीन अन्य मिशन हैं।
अमेरिका के 168 दूतावास, 88 वाणिज्य दूतावास, 9 स्थायी मिशन और आठ अन्य मिशन हैं। 2016 में चीन अमेरिका और फ्रांस के बाद तीसरे स्थान पर था। एक साल बाद यानी 2017 में चीन फ्रांस को पीछे छोड़कर दूसरे पायदान पर पहुंच गया। इस बाबत 2018 में कोई रिपोर्ट नहीं आई थी।
एशिया में भारत तीसरे नंबर पर
दुनियाभर में राजनयिक मिशनों की संख्या के मामले में भारत 12वें नंबर है। भारत के 123 दूतावास/उच्चायोग, 54 वाणिज्य दूतावास, 5 स्थायी मिशन और चार अन्य मिशन हैं। चीन और जापान के बाद भारत एशिया में तीसरे पायदान पर है।
पाकिस्तान के कुल 117 राजनयिक मिशन हैं और वह दुनिया में 28वें जबकि एशिया में छठे नंबर पर है। 243 राजनयिक मिशनों के साथ जापान दुनिया में चौथे स्थान पर है। उसके 151 दूतावास, 61 वाणिज्य दूतावास, 10 स्थायी मिशन और 21 अन्य मिशन हैं।