फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   World ›   China moon mission: china can claim on Moon, NASA warned

China moon mission: क्या चांद पर भी कब्जा जमा लेगा चीन? नासा ने दी चेतावनी

Wed, 04 Jan 2023 04:48 PM IST
Harendra Chaudhary वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, वाशिंगटन
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, वाशिंगटन Published by: Harendra Chaudhary Updated Wed, 04 Jan 2023 04:48 PM IST
सार

China moon mission: नासा के प्रशासक बिल नेल्सन ने कहा है- ‘यह तथ्य है। अंतरिक्ष में हमारी होड़ चल रही है। और यह भी सच है कि हमें चीन की निगरानी करनी होगी, ताकि वह वैज्ञानिक अनुसंधान की आड़ में चांद पर अपना कब्जा न जमा ले। कहा जा रहा है कि चीन के लिए ऐसा करना असंभव नहीं है...

विज्ञापन
China moon mission: china can claim on Moon, NASA warned
China moon mission - फोटो : Agency (File Photo)

विस्तार

अमेरिका में चीन को लेकर आशंकाएं बढ़ती जा रही हैं। अभी तक चर्चा दुनिया में चीन के बढ़ते प्रभाव को लेकर थी। एशिया से अफ्रीका और लैटिन अमेरिका तक चीन के मित्र देशों की बढ़ती संख्या से अमेरिकी रणनीतिकार परेशान रहे हैं। अब अमेरिका की अंतरिक्ष एजेंसी- नेशनल एरोनॉटिक्स एंड स्पेस एडमिनिस्ट्रेशन (नासा) ने चेतावनी दी है कि चीन चांद पर भी अपना नियंत्रण कायम कर सकता है। खास कर उसने चांद के उन स्थलों पर चीन का नियंत्रण बनने की आशंका जताई है, जहां कीमती संसाधन प्रचुर मात्रा में हैं।

विज्ञापन

नासा के प्रशासक बिल नेल्सन ने कहा है- ‘यह तथ्य है। अंतरिक्ष में हमारी होड़ चल रही है। और यह भी सच है कि हमें चीन की निगरानी करनी होगी, ताकि वह वैज्ञानिक अनुसंधान की आड़ में चांद पर अपना कब्जा न जमा ले। कहा जा रहा है कि चीन के लिए ऐसा करना असंभव नहीं है। वहां जा कर वे कह सकते हैं कि यहां से दूर रहो, यह हमारा इलाका है।’

विज्ञापन

नेल्सन ने आगाह किया है- ‘चांद के दक्षिणी ध्रुव पर ऐसी अनेक जगहें हैं, जहां ऐसी चीजें प्रचुर मात्रा में हैं, जिनके बारे में फिलहाल हमारा अनुमान है कि उनका वॉटर हार्वेस्टिंग जैसी क्रियाओं में इस्तेमाल हो सकता है।’ उन्होंने अपने चीन विरोधी दावे के पक्ष में चीन के कथित संदिग्ध आचरण का तर्क दिया। रूस की वेबसाइट रशिया टुडे पर छपी एक रिपोर्ट के मुताबिक उन्होंने कहा- ‘अगर आपको मेरी बातों पर शक है, तो गौर कीजिए कि स्प्रेटली द्वीपों पर चीन क्या कर रहा है।’ यह द्वीप दक्षिण चीन सागर में है, जिस पर कई दूसरे देशों का भी दावा है। इसके बावजूद चीन की सेना ने वहां अपना अड्डा बना लिया है।     

विज्ञापन
विज्ञापन

चीन को हाल के वर्षों में अंतरिक्ष अभियानों में बड़ी सफलताएं मिली हैं। 2019 में चीन पहला ऐसा देश बना, जो अपने यान को चांद के सुदूर क्षेत्र में उतारने में सफल रहा। उसके चांग-4 रोबोटिक मिशन की सफलता से तब दुनिया चौंक गई थी। वह यान चांद से कई प्रकार के नमूने धरती पर ले आया। चीन एलान कर चुका है कि 2030 के पहले वह इंसान को चांद पर भेजने में सफल रहेगा। उसके बाद वहां वह वैज्ञानिक अनुसंधान केंद्र बनाएगा।

पिछले कुछ वर्षों के दौरान चीन की अंतरिक्ष एजेंसी- चाइना नेशनल स्पेस एडमिनिस्ट्रेशन (सीएनएसए) एक ऑर्बिटर और एक रोवर को मंगल ग्रह पर भेजने में सफल रही है। उसने धरती की कक्षा में अपना अंतरिक्ष केंद्र स्थापित करने में भी सफलता हासिल कर ली है। नेल्सन ने स्वीकार किया कि बीते एक दशक में चीन ने अपने अंतरिक्ष कार्यक्रम में विशाल सफलताएं हासिल की हैं। लेकिन उन्होंने दावा किया कि नासा के पास अभी भी ऐसी क्षमता है, जिससे अंतरिक्ष होड़ में वह चीन को परास्त कर सकता है। नासा ने 2025 में फिर से इंसान को चांद पर भेजने का लक्ष्य घोषित किया है।

चीन बार-बार इस बात का खंडन कर चुका है कि उसके अंतरिक्ष कार्यक्रम के पीछे कोई संदिग्ध एजेंडा है। बीते अगस्त में चीन के विदेश मंत्रालय ने कहा था- अंतरिक्ष कोई कुश्ती का अखाड़ा नहीं है, बल्कि एक ऐसा क्षेत्र है, जहां विभिन्न देश ऐसा सहयोग कर सकते हैं, जो सबके फायदे में हो।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get latest World News headlines in Hindi related political news, sports news, Business news all breaking news and live updates. Stay updated with us for all latest Hindi news.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed