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दक्षिण चीन सागर: अपनी नौ सेना की हमलावर क्षमता क्यों बढ़ा रहा है बीजिंग?

Thu, 18 Nov 2021 08:51 PM IST
Harendra Chaudhary वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, हांग कांग
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, हांग कांग Published by: Harendra Chaudhary Updated Thu, 18 Nov 2021 08:51 PM IST
सार

चीन ने परमाणु क्षमता से लैस नौ सैनिक उपकरण भी तैनात किए हैं। इनमें 094 टाइप की परमाणु क्षमता से लैस बैलिस्टिक मिसाइलें और बैलिस्टिक मिसाइलें दागने की क्षमता से लैस लड़ाकू जहाज शामिल हैं। इन जहाजों से दागी जाने वाली बैलिस्टिक मिसाइलें 7,200 किलोमीटर दूरी तक मार कर सकती हैं...

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China is preparing military ships in the South China Sea, which will be capable of carrying fighter planes
दक्षिणी चीन सागर - फोटो : Agency (File Photo)

विस्तार

दक्षिण चीन सागर में तेजी होती नौ सैनिक होड़ के बीच ये खबर आई है कि चीन ऐसे सैन्य जहाज तैयार कर रहा है, जो लड़ाकू विमानों को ढोने में सक्षम होंगे। इस बारे में पहले खबर ब्रिटिश अखबार डेली सन ने मंगलवार को दी थी। बुधवार को इस बारे में रूस की समाचार एजेंसी स्पुतनिक न्यूज ने भी एक खास रिपोर्ट दी।

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स्पुतनिक न्यूज ने कहा है कि दक्षिण चीन सागर में नौ सैनिक होड़ जिस तरह बढ़ रही है, उसके बीच ये खबर अहम है। दक्षिण चीन सागर में अमेरिका और चीन दोनों ने अपनी नौ सेनाओं को तैनात कर रखा है। वहां जारी तनाव के बीच हाल के वर्षों में ऐसी खबरें लगातार आई हैं कि चीन अपनी नौ सेना को अधिक ताकतवर बनाने में जुटा हुआ है। इससे अमेरिका चिंतित रहा है।

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अमेरिकी जहाजों का मॉक-अप अभ्यास

ब्रिटिश अखबार डेली सन ने ये खबर ब्रिटिश थिंक टैंक हेनरी जैक्सन सोसायटी के विशेषज्ञ सैम आर्मस्ट्रॉन्ग के हवाले से दी है। आर्मस्ट्रॉन्ग ने कुछ दिन पहले आई इस खबर का जिक्र किया कि चीन लड़ाकू विमानों को ढो सकने में सक्षम एक अमेरिकी बेड़े की प्रतिकृति बना कर उसे नष्ट करने का मॉक-अप अभ्यास कर रहा है। आर्मस्ट्रॉन्ग ने पूछा कि अगर चीन का इरादा किसी लड़ाकू बेड़े को नष्ट करने का नहीं है, तो फिर उसने ऐसा मॉक-अप अभ्यास क्यों किया है?

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स्पुतनिक न्यूज ने कहा है- ‘हाल में विशेषज्ञों में यह आम राय बनी है कि नौ सैनिक मामलों में जल्द ही अमेरिका अपनी बढ़त खो देगा। चीन नौ सेना के आधुनिकीकरण की जिस योजना पर काम कर रहा है, उसमें नए जहाज, विमान और हथियार बनाना, सैन्य आधारभूत ढांचे के रखरखाव में सुधार, नए नौ सैनिक सिद्धांत को अपनाना और नौ सैनिकों की क्षमता बढ़ाना शामिल है।’

चीन ने यह नहीं बताया है कि उसकी नौ सैनिक क्षमता कैसी है। लेकिन विशेषज्ञों का अनुमान है कि चीन के पास अभी 355 लड़ाकू जहाज हैं, जिनमें बड़े आकार के बेड़े, पनडुब्बियां, विमान वाहक, सुरंग बिछाने वाले जहाज आदि शामिल हैं। अमेरिकी अखबार द वॉशिंगटन टाइम्स ने कुछ समय पहले अपनी एक रिपोर्ट मे बताया था कि इस दशक के अंत तक चीन के पास मौजूद लड़ाकू जहाजों की संख्या 460 तक पहुंच जाएगी।

परमाणु क्षमता से लैस नौ सैनिक उपकरणों की तैनाती

इनके अलावा चीन ने परमाणु क्षमता से लैस नौ सैनिक उपकरण भी तैनात किए हैं। इनमें 094 टाइप की परमाणु क्षमता से लैस बैलिस्टिक मिसाइलें और बैलिस्टिक मिसाइलें दागने की क्षमता से लैस लड़ाकू जहाज शामिल हैं। इन जहाजों से दागी जाने वाली बैलिस्टिक मिसाइलें 7,200 किलोमीटर दूरी तक मार कर सकती हैं। यानी ये मिसाइलें अमेरिकी राज्यों अलास्क और हवाई तक पहुंच सकती हैं।



पर्यवेक्षकों के मुताबिक येलो सी, पूर्वी चीन सागर और दक्षिण चीन सागर को चीन अपना करीबी समुद्री क्षेत्र मानता है। वह इन इलाकों को अपने राष्ट्रीय हित से संबंधित मानता है। लेकिन पश्चिमी देश चीन के इस दावे को नहीं मानते कि इन समुद्री क्षेत्रों पर उसका कोई विशेष अधिकार है। इसकी वजह से दोनों पक्षों में हाल के वर्षों में टकराव बढ़ा है। इसके मद्देनजर चीन की नौ सैनिक तैयारियों पर दुनिया भर की नजरें टिकी हुई हैं।

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