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हमीं ने दर्द दिया और हमीं दवा देंगे- कोरोना रिसर्च में चीन अव्वल, वैक्सीन तलाशने की कोशिशें तेज
Thu, 09 Apr 2020 05:23 AM IST
Rajeev Rai
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला
Published by: Rajeev Rai
Updated Thu, 09 Apr 2020 05:23 AM IST
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coronavirus vaccine China
- फोटो : Social Media
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कोरोना वायरस से बचने के लिए दुनिया में जितने भी रिसर्च और क्लिनिकल शोध चल रहे हैं उनमें सबसे ज्यादा 60 शोध और प्रयोगों के साथ चीन सबसे अव्वल है। ब्रिटेन की एक कंपनी ने अपने सर्वे में बताया है कि इस वक्त दुनिया के 39 देशों में कोरोना की वैक्सीन ढूंढने और इसको लेकर होने वाले गहन शोधों की संख्या करीब तीन सौ है जिसमें अकेले चीन में 60 शोध हो रहे हैं जबकि अमेरिका 49 शोध और अध्ययन करने वाला दूसरे नंबर का देश है।
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ब्रिटेन की कंपनी फिनबोल्ड डॉट डॉम ने कोरोना वायरस रिसर्च इन्डेक्स जारी किया है जिसमें दुनिया के तमाम देशों में कोरोना के कन्फर्म मामलों के साथ होने वाले शोध और क्लिनिकल स्टडी का ब्यौरा पेश किया गया है। रिपोर्ट में चीन और अमेरिका की तारीफ करते हुए कहा गया है कि ये दोनों ही देश इस संकट से दुनिया को उबारने के लिए अपनी पूरी ताकत लगा रहे हैं, जबकि अभी दुनिया के तमाम देश इस मामले में बहुत पीछे हैं। कंपनी के सह संस्थापक इडास केब के मुताबिक कोरोना वायरस से प्रभावित देशों में दूसरे नंबर पर रहने वाला स्पेन अभी रिसर्च इंडेक्स में बहुत पीछे है।
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जाहिर है कोरोना को लेकर होने वाले रिसर्च के आंकड़े जमा करने और इसके इंडेक्स को तैयार करने के पीछे दुनिया को ये बताना है कि जिस तेजी से ये वायरस फैला और तमाम देशों को अपनी गिरफ्त में ले चुका है, उसी तेजी से इसकी वैक्सीन तलाशने और कारगर रिसर्च के जरिये इसकी तहतक पहुंचने और बचनेके रास्ते तलाशने का काम भी तेजी से चल रहा है। ये तो तय है कि चीन और अमेरिका इससे ज्यादा प्रभावित रहे हैं और चीन ही इसका जनक रहा है, तो रिसर्च का काम वहीं तेज़ हो रहा होगा। दूसरी महाशक्ति अमेरिका के लिए भी ये चुनौती रही है कि वह भला चीन से पीछे कैसे रहे। दोनों में प्रतियोगिता का यह दौर ऐसे संकट के समय में भी चल रहा है और श्रेय लेने की होड़ लगी है, साथ ही दुनिया को बताने की कोशिश भी कि हमीं ने दर्द दिया और हमीं दवा देंगे।
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