वर्चुअल दुनिया: चीन भी जोर-शोर से कूद पड़ा 'मेटावर्स' बनाने की होड़ में
चीन की प्राइवेट सेक्टर की कंपनियां भी मेटावर्स कायम करने की होड़ में कूद पड़ी हैं। सोशल मीडिया कंपनी टेन्सेंट ने कहा है कि उसने मेटावर्स स्थापित करने की क्षमता हासिल कर ली है। वीडियो गेम बनाने वाली कंपनी नेटईज और सर्च इंजन की सेवा देने वाली कंपनी बाइदू ने भी मेटावर्स से संबंधित ट्रेडमार्क रजिस्टर्ड करवा लिए हैं...
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चीन ने अपने पहले मेटावर्स इंडस्ट्री ग्रुप के गठन का एलान किया है। इस तरह चीन भी मेटावर्स की वर्चुअल दुनिया कायम करने की पश्चिमी देशों में शुरू हुई होड़ में कूद पड़ा है। लेकिन पश्चिमी देशों में ये पहल फेसबुक जैसी निजी क्षेत्र की बड़ी कंपनियों ने की है। जबकि चीन में बनी मेटावर्स इंडस्ट्री कमेटी चीन सरकार संचालित चाइना मोबाइल कम्यूनिकेशंस एसोसिएशन (सीएमसीए) के निर्देशन में काम करेगी। कमेटी के गठन के एलान भी चीन के विज्ञान एवं तकनीकी उप मंत्री वू झोंगजी ने किया।
वू ने दो टूक कहा कि ये पहल इसलिए की गई है, ताकि टेक्नोलॉजी की दुनिया में चीन अपनी हैसियत और मजबूत कर सके। उन्होंने कहा- ‘मेटावर्स निश्चित रूप से अगले दशक में वैश्विक टेक्नोलॉजी के विकास में पथ प्रदर्शक होगा। सभी देशों के बीच डिजिटल अर्थव्यवस्था में प्रतिस्पर्धा का यह एक नया ऊंचा स्तर होगा।’
नहीं तय हो पाई मेटावर्स की परिभाषा
दुनिया की अब लगभग तमाम बड़ी टेक कंपनियां मेटावर्स के क्षेत्र में जाने का इरादा दिखा रही हैं। फेसबुक ने इनके बीच बढ़त ले ली है। उसने अपनी कंपनी का नाम ही बदल कर मेटा कर दिया है। विशेषज्ञों का कहना है कि मेटावर्स का क्या मतलब है, इस बारे में अभी दुनिया में ऐसी कोई परिभाषा तय नहीं हो पाई है, जिसे सभी लोग स्वीकार करते हों। मेटावर्स का अभी वजूद भी नहीं है। लेकिन आम समझ यह है कि यह इंटरनेट का एक त्रि-आयामी (ट्राइ-डायमेंशनल) अनुभव होगा, जो एक साथ वास्तविक और आभासी (वर्चुअल) दोनों महसूस होगा।
चीन में मेटवर्स इंडस्ट्री कमेटी का कार्यकारी निदेशक यू जियानिंग को बनाया गया है। वे ब्लॉकचेन टेक्नोलॉजी के विशेषज्ञ हैं और मेटावर्स के बारे में किताब लिख चुके हैं। वे चीन के उद्योग मंत्रालय के तहत आने वाले इंडस्ट्रियल इकॉनमिक्स रिसर्च इंस्टीट्यूट के निदेशक भी रह चुके हैं। मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक यू ने बताया कि मेटावर्स में मुख्य रूप से छह ट्रेंड देखने को मिलेंगे। इनमें शामिल हैः डिजिटल और वास्तविक अर्थव्यवस्था का मजबूत एकीकरण, डाटा का सर्व-प्रमुख संपत्ति बन जाना, और डिजिटल एवं विकेंद्रीकृत वित्त (डिसेंट्रलाइज्ड फाइनेंस) का भूमंडलीकरण हो जाना।
कूद पड़ी हैं चीन की तीन कंपनियां
वेबसाइट क्वार्ट्ज.कॉम की एक रिपोर्ट के मुताबिक इन ट्रेंड में बड़ी ताकत बनना चीन की इंटरनेट इंडस्ट्री के घोषित लक्ष्य हैं। चीन की सरकार डाटा को उत्पादन का साधन मानती है। इसीलिए टेक कंपनियों के पास मौजूद डाटा को अपने स्वामित्व में लेने के लिए उसने कानून पारित किया है। चीन की शिंहुआ यूनिवर्सिटी ऑफ जर्नलिज्म में प्रोफेसर शेन यांग ने कहा है कि मेटावर्स में वह संभावना मौजूद है, जिससे वास्तविक और वर्चुअल अर्थव्यवस्थाओं को एकीकृत करने का चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग का इरादा सफल हो सकता है।
इस बीच खबर है कि चीन की प्राइवेट सेक्टर की कंपनियां भी मेटावर्स कायम करने की होड़ में कूद पड़ी हैं। सोशल मीडिया कंपनी टेन्सेंट ने कहा है कि उसने मेटावर्स स्थापित करने की क्षमता हासिल कर ली है। वीडियो गेम बनाने वाली कंपनी नेटईज और सर्च इंजन की सेवा देने वाली कंपनी बाइदू ने भी मेटावर्स से संबंधित ट्रेडमार्क रजिस्टर्ड करवा लिए हैं।