China Economy: डांवाडोल अर्थव्यवस्था को संभालने की पतवार किसे सौंपेगी चीन की कम्युनिस्ट पार्टी?
China Economy: चीन की अर्थव्यवस्था संबंधी ताजा आंकड़ों ने सीपीसी की चिंता काफी बढ़ा दी है। देश में 16 से 24 वर्ष उम्र वर्ग के नौजवानों में बेरोजगारी की दर बढ़ कर 20 फीसदी हो गई है। उधर कर्मचारियों की आमदनी में गिरावट देखी जा रही है...
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चीन की अर्थव्यवस्था डांवाडोल है। इस बीच चीन की कम्युनिस्ट पार्टी (सीपीसी) ने अपनी 20वीं कांग्रेस (महाधिवेशन) का कार्यक्रम घोषित किया है। इस कांग्रेस का आयोजन 16 अक्तूबर से होगा। विशेषज्ञों का कहना है कि चीनी अर्थव्यवस्था जिस हाल में पहुंच गई है, उससे साफ है कि इससे जुड़ी समस्याएं ही बीसवीं कांग्रेस पर छायी रहेंगी। इसलिए देखने की बात यह होगी कि देश का नया प्रधानमंत्री किसे चुना जाता है। चीन में आर्थिक मामलों के प्रभारी प्रधानमंत्री ही होते हैं।
मौजूदा प्रधानमंत्री ली किचियांग ने एलान कर दिया है कि अगली कांग्रेस के बाद वे रिटायर हो जाएंगे। जबकि यह लगभग तय है कि शी जिनपिंग को तीसरे कार्यकाल के लिए सीपीसी का महासचिव और देश का राष्ट्रपति चुन लिया जाएगा।
चीन की अर्थव्यवस्था संबंधी ताजा आंकड़ों ने सीपीसी की चिंता काफी बढ़ा दी है। देश में 16 से 24 वर्ष उम्र वर्ग के नौजवानों में बेरोजगारी की दर बढ़ कर 20 फीसदी हो गई है। उधर कर्मचारियों की आमदनी में गिरावट देखी जा रही है। ग्रामीण इलाकों में ये गिरावट 30 प्रतिशत तक है। बैंकिंग सेक्टर गहरे संकट में है। वेबसाइट निक्कईएशिया.कॉम ने इस सूरत का जिक्र करते हुए कहा है कि इसीलिए सीपीसी की कांग्रेस में सबका ध्यान इस पर टिका रहेगा कि नया प्रधानमंत्री कौन बनता है।
इस रिपोर्ट के मुताबिक चीन के कारोबारी समूह चाहते हैं कि ये जिम्मेदारी 67 वर्षीय वांग यांग को दी जाए। वांग फिलहाल चीन की पीपुल्स पॉलिटिकल कंसल्टेटिव कॉन्फ्रेंस (सीपीपीसीसी) के अध्यक्ष हैं। चीन में सीपीपीसीसी सरकार की सर्वोच्च सलाहकार समिति होती है। वांग सीपीसी के पोलित ब्यूरो के भी सदस्य हैं। इसमें उनका दर्जा चौथा है।
बताया जाता है कि चीनी कम्युनिस्ट पार्टी में पद हथियाने के लिए इस समय होड़ तेज हो गई है। इसके बीच माना जा रहा है कि वांग के रास्ते में कई रुकावटें हैं। वांग ने अपना करियर कम्युनिस्ट यूथ लीग से शुरू किया। यह सीपीसी का युवा संगठन है, जिसके सात करोड़ 30 लाख सदस्य हैं। लेकिन समझा जाता है कि राष्ट्रपति शी कम्युनिस्ट यूथ लीग से आए नेताओं को पसंद नहीं करते।
वांग का जन्म एक गरीब परिवार में हुआ था। मिडल स्कूल की पढ़ाई करने के बाद उन्होंने एक फूड फैक्टरी में नौकरी कर ली थी। लेकिन उनकी नीतियां कारोबारी समूहों के हक में मानी जाती हैं। शी जिनपिंग ने पिछले तीन साल से बड़े कारोबारी घरानों के खिलाफ मुहिम छेड़ रखी है। वांग ने हाल में अपने कई बयानों में शी की नीतियों की प्रशंसा की है।
निक्कई एशिया की रिपोर्ट के मुताबिक शी के मौजूदा प्रधानमंत्री ली के साथ रिश्ते सहज नहीं रहे हैं। दोनों को शायद ही कभी सार्वजनिक मंचों पर एक दूसरे से बातचीत करते देखा गया। वांग के बारे में बताया जाता है कि उनसे शी के रिश्तों में कोई पेच नहीं है। वांग ने कई बार सार्वजनिक रूप से शी की नीतियों के प्रति अपना समर्थन जताया है। ऐसे मुमकिन है कि शी कम्युनिस्ट यूथ लीग के उनके अतीत को भूल कर उन्हें प्रधानमंत्री पद पर लाने का समर्थन करें। समझा जाता है कि ऐसा हुआ तो कारोबारी समूहों का भरोसा बहाल करने में मदद मिलेगी, जिनके मन में फिलहाल चीन की आर्थिक संभावनाओं को लेकर संदेह गहराता जा रहा है।