China Communist Party Congress: पार्टी कांग्रेस से पहले ही शी जिनपिंग के पीछे पूरी ताकत से लामबंद हुई सीपीसी
China Communist Party Congress: पार्टी ने बुधवार को जारी एक वक्तव्य में ‘शी जिनपिंग थॉट’ को अपनी विचाधारा का केंद्रीय हिस्सा बताया। इसके अलावा उसने कोविड-19 के खिलाफ युद्ध जारी रखने, हांगकांग में उथल-पुथल को खत्म करने, और ताइवान को ‘आजाद करने की कोशिशों’ का पुरजोर जवाब देने का संकल्प जताया...
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ऐसा लगता है कि चीन की कम्युनिस्ट पार्टी (सीपीसी) अपनी 20वीं कांग्रेस (महाधिवेशन) से पहले पूरी मजबूती से राष्ट्रपति शी जिनपिंग के पीछे खड़ी हो गई है। पार्टी ने बुधवार को जारी एक वक्तव्य में ‘शी जिनपिंग थॉट’ को अपनी विचाधारा का केंद्रीय हिस्सा बताया। इसके अलावा उसने कोविड-19 के खिलाफ युद्ध जारी रखने, हांगकांग में उथल-पुथल को खत्म करने, और ताइवान को ‘आजाद करने की कोशिशों’ का पुरजोर जवाब देने का संकल्प जताया। ये तमाम बातें शी जिनपिंग की नीति का हिस्सा रही हैँ।
सीपीसी ने ये बयान अपनी सेंट्रल कमेटी की चार दिन तक चली बैठक के बाद जारी किया। समझा जाता है कि सेंट्रल कमेटी की बैठक में पार्टी कांग्रेस के एजेंडे को मंजूरी दी गई। पार्टी की 20वीं कांग्रेस रविवार से शुरू हो रही है। हफ्ते भर चलने वाली इस बैठक के दौरान अगले पांच साल के लिए पार्टी की नीति और कार्यक्रमों को मंजूरी दी जाएगी। साथ ही पार्टी पदाधिकारियों का चुनाव भी होगा। ऐसी संभावना है कि शी जिनपिंग को पार्टी कांग्रेस के दौरान लगातार तीसरे कार्यकाल के लिए सीपीसी का महासचिव चुन लिया जाएगा। पार्टी कांग्रेस में 2,296 प्रतिनिधि हिस्सा लेंगे।
सेंट्रल कमेटी ने अपने बयान में 2017 में हुई पिछली कांग्रेस के बाद की पांच साल की अवधि को ‘बेहद उपयोगी और असाधारण’ बताया है। इसे शी जिनपिंग के नेतृत्व की तारीफ के रूप में देखा गया है। बयान में शी के नेतृत्व में अपनाई गई विकास नीति, सेना के आधुनिकीकरण, और ‘एक बड़ी ताकत के रूप में’ चीन ने जैसी कूटनीति की, उनकी प्रशंसा की गई है। चीन की सरकारी समाचार एजेंसी शिन्हुआ की तरफ से बयान में कहा गया- ‘जिंदगी को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए चीन ने कोविड-19 महामारी के खिलाफ समग्र युद्ध लड़ा है, जिससे अधिकतम सीमा तक सार्वजनिक स्वास्थ्य की रक्षा करना संभव हुआ।’
इस बात को विश्लेषकों ने महत्त्वपूर्ण बताया है। उन्होंने ध्यान दिलाया है कि जहां पश्चिमी देशों में शी जिनपिंग की जीरो कोविड नीति की कड़ी आलोचना हो रही है और इसे विश्व अर्थव्यवस्था के लिए हानिकारक बताया जा रहा है, वहीं सीपीसी की सेंट्रल कमेटी ने इसी नीति को अपना पूरा समर्थन दिया है। इस नीति के तहत एक भी कोरोना संक्रमण का मामला सामने आने पर सख्त प्रतिबंध लगा दिए जाते हैं और जल्द हालात काबू में ना आने पर लॉकडाउन लागू कर दिया जाता है।
सेंट्रल कमेटी ने अपने बयान में हांगकांग को ‘अफरा-तफरी से बेहतर शासन’ की ओर ले जाने के लिए शी की तारीफ की गई है। हांगकांग में 2020 में नया सुरक्षा कानून लागू किया गया था, जिसका वहां की आबादी के एक हिस्से ने विरोध किया था। आलोचकों का कहना है कि ये कानून असहमति और नागरिक अधिकारों का दमन करने वाला है। सेंट्रल कमेटी ने कहा है कि ताइवान को आजाद कराने की कोशिश का सीपीसी पुरजोर विरोध करेगी।
मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक सेंट्रल कमेटी की बैठक में 358 सदस्यों ने भाग लिया। इसमें तीन रिपोर्टों को मंजूरी दी गई, जिन्हें पार्टी कांग्रेस में पेश किया जाएगा। विश्लेषकों के मुताबिक बयान में जिस भाषा का इस्तेमाल किया गया है, उससे साफ संकेत मिला है कि पार्टी कांग्रेस के दौरान शी जिनपिंग का दर्जा बढ़ाने का फैसला हो सकता है। संभव है कि उन्हें पार्टी में कम्युनिस्ट क्रांति के पिता माओ जे दुंग जैसा दर्जा दे दिया जाए।