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चीन के हुनान में पटाखा फैक्टरी में बड़ा विस्फोट: 21 लोगों की दर्दनाक मौत, 61 घायल; कंपनी के अधिकारी हिरासत में
Tue, 05 May 2026 08:09 AM IST
हिमांशु सिंह चंदेल
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, बीजिंग
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, बीजिंग
Published by: हिमांशु सिंह चंदेल
Updated Tue, 05 May 2026 08:09 AM IST
सार
मध्य चीन के हुनान प्रांत के लियुयांग में एक पटाखा फैक्ट्री में भीषण विस्फोट होने से 21 लोगों की मौत हो गई और 61 लोग घायल हो गए। सोमवार शाम हुए इस हादसे के बाद 482 जवानों और रेस्क्यू रोबोट्स को बचाव कार्य में लगाया गया है। खतरे को देखते हुए 3 किलोमीटर के इलाके को खाली करा लिया गया है। आइए, विस्तार से मामले को जानते हैं...
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पटाखा फैक्टरी में विस्फोट।
- फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
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विस्तार
मध्य चीन के हुनान प्रांत से एक बेहद दर्दनाक और खौफनाक खबर सामने आई है। यहां की एक पटाखा फैक्ट्री में अचानक हुए भयानक विस्फोट ने पूरे इलाके को दहला कर रख दिया है। इस दिल दहला देने वाले हादसे में अब तक 21 लोगों की जान जा चुकी है, जबकि 61 अन्य लोग गंभीर रूप से घायल हुए हैं। धमाका इतना जोरदार था कि आसपास के इलाकों में भारी तबाही मच गई और आसमान में धुएं का गुबार छा गया। इस भीषण त्रासदी के बाद प्रशासन ने तुरंत मोर्चा संभाल लिया है और राहत व बचाव कार्य युद्ध स्तर पर जारी है।
अंतर्राष्ट्रीय समाचार एजेंसी की रिपोर्ट के अनुसार, यह भयानक हादसा हुनान प्रांत के लियुयांग इलाके में सोमवार शाम करीब 4:40 बजे हुआ। पटाखा फैक्ट्री में हुए इस विस्फोट के तुरंत बाद हुनान प्रांत के प्रशासन ने अपना आपातकालीन प्रतिक्रिया प्लान (इमरजेंसी रिस्पॉन्स प्लान) लागू कर दिया। हालात की गंभीरता को देखते हुए तुरंत पांच बचाव दलों को घटनास्थल पर भेजा गया। इन बचाव दलों में कुल 482 जवान शामिल हैं, जो मौके पर पहुंचकर बड़े पैमाने पर खोज और बचाव अभियान चला रहे हैं। मंगलवार सुबह 8 बजे तक के आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, इस हादसे में 21 लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है और सभी 61 घायलों को इलाज के लिए तुरंत अस्पतालों में भर्ती कराया गया है।
रोबोट की मदद से कैसे चल रहा है रेस्क्यू ऑपरेशन?
प्रशासन ने क्या कड़े कदम उठाए?
इस भयंकर विस्फोट के बाद भी खतरा पूरी तरह से टला नहीं है। प्लांट के अंदर काले बारूद (ब्लैक पाउडर) के दो बड़े गोदाम मौजूद हैं, जिनसे एक और बड़ा धमाका होने का भारी जोखिम बना हुआ है। इस खतरे को देखते हुए बचाव कमान ने घटनास्थल के 1 किलोमीटर के दायरे को 'कोर रेस्क्यू जोन' (मुख्य बचाव क्षेत्र) और 3 किलोमीटर के दायरे को 'कंट्रोल जोन' (नियंत्रण क्षेत्र) घोषित कर दिया है। एहतियात के तौर पर इस खतरनाक इलाके में रहने वाले सभी स्थानीय निवासियों को वहां से निकालकर सुरक्षित स्थानों पर पहुंचा दिया गया है।
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दोषियों पर क्या कार्रवाई हुई?
किसी अन्य हादसे को रोकने के लिए बचाव दलों ने पूरी फैक्ट्री के चारों ओर आइसोलेशन बेल्ट और फायरब्रेक बना दिए हैं। इसके साथ ही बचे हुए बारूद के खतरे को खत्म करने के लिए लगातार पानी का छिड़काव किया जा रहा है और नमी बनाई जा रही है। इस बीच, जन सुरक्षा अधिकारियों (पुलिस) ने सख्त कदम उठाते हुए इस हादसे के लिए जिम्मेदार कंपनी के प्रमुख अधिकारियों को हिरासत में ले लिया है। फिलहाल हादसे के असली कारणों का पता लगाने के लिए जांच तेजी से और सुचारू रूप से आगे बढ़ रही है।
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अंतर्राष्ट्रीय समाचार एजेंसी की रिपोर्ट के अनुसार, यह भयानक हादसा हुनान प्रांत के लियुयांग इलाके में सोमवार शाम करीब 4:40 बजे हुआ। पटाखा फैक्ट्री में हुए इस विस्फोट के तुरंत बाद हुनान प्रांत के प्रशासन ने अपना आपातकालीन प्रतिक्रिया प्लान (इमरजेंसी रिस्पॉन्स प्लान) लागू कर दिया। हालात की गंभीरता को देखते हुए तुरंत पांच बचाव दलों को घटनास्थल पर भेजा गया। इन बचाव दलों में कुल 482 जवान शामिल हैं, जो मौके पर पहुंचकर बड़े पैमाने पर खोज और बचाव अभियान चला रहे हैं। मंगलवार सुबह 8 बजे तक के आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, इस हादसे में 21 लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है और सभी 61 घायलों को इलाज के लिए तुरंत अस्पतालों में भर्ती कराया गया है।
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रोबोट की मदद से कैसे चल रहा है रेस्क्यू ऑपरेशन?
- राहत और बचाव कार्य को तेजी से पूरा करने के लिए घटनास्थल पर 20 अलग-अलग बचाव केंद्र बनाए गए हैं।
- रिपोर्ट के मुताबिक, इस मुश्किल अभियान में इंसानों के साथ-साथ मशीनों की भी पूरी मदद ली जा रही है।
- बचाव दल तीन अत्याधुनिक रेस्क्यू रोबोट से लैस हैं।
- इंसान और रोबोट मिलकर ग्रिड-स्टाइल (जालीदार तरीके) में पूरे इलाके का चप्पा-चप्पा छान रहे हैं।
- मलबे में फंसे अन्य लोगों की तलाश के लिए फिर पूरे इलाके की सघन जांच की जा रही है।
प्रशासन ने क्या कड़े कदम उठाए?
इस भयंकर विस्फोट के बाद भी खतरा पूरी तरह से टला नहीं है। प्लांट के अंदर काले बारूद (ब्लैक पाउडर) के दो बड़े गोदाम मौजूद हैं, जिनसे एक और बड़ा धमाका होने का भारी जोखिम बना हुआ है। इस खतरे को देखते हुए बचाव कमान ने घटनास्थल के 1 किलोमीटर के दायरे को 'कोर रेस्क्यू जोन' (मुख्य बचाव क्षेत्र) और 3 किलोमीटर के दायरे को 'कंट्रोल जोन' (नियंत्रण क्षेत्र) घोषित कर दिया है। एहतियात के तौर पर इस खतरनाक इलाके में रहने वाले सभी स्थानीय निवासियों को वहां से निकालकर सुरक्षित स्थानों पर पहुंचा दिया गया है।
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दोषियों पर क्या कार्रवाई हुई?
किसी अन्य हादसे को रोकने के लिए बचाव दलों ने पूरी फैक्ट्री के चारों ओर आइसोलेशन बेल्ट और फायरब्रेक बना दिए हैं। इसके साथ ही बचे हुए बारूद के खतरे को खत्म करने के लिए लगातार पानी का छिड़काव किया जा रहा है और नमी बनाई जा रही है। इस बीच, जन सुरक्षा अधिकारियों (पुलिस) ने सख्त कदम उठाते हुए इस हादसे के लिए जिम्मेदार कंपनी के प्रमुख अधिकारियों को हिरासत में ले लिया है। फिलहाल हादसे के असली कारणों का पता लगाने के लिए जांच तेजी से और सुचारू रूप से आगे बढ़ रही है।
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