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सीमा विवाद: चीन ने माना झड़प में हुआ नुकसान लेकिन संख्या पर साधी चुप्पी

Wed, 17 Jun 2020 08:42 AM IST
Sneha Baluni वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, बीजिंग
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, बीजिंग Published by: Sneha Baluni Updated Wed, 17 Jun 2020 08:42 AM IST
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China blamed India for violent LAC scuffle confirms casualties from its side but keep mum on numbers
चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग (फाइल फोटो) - फोटो : Facebook

पूर्वी लद्दाख की गलवां घाटी में भारत और चीनी सैनिकों के बीच 15-16 की दरमियानी रात में हिंसक झड़प हुई। भारतीय सेना ने जहां 20 जवानों के शहीद होने की पुष्टि की है वहीं चीन ने संख्या पर चुप्पी साध रखी है। भारत पर अनर्गल आरोप लगाते हुए चीन ने वास्तविक नियंत्रण रेखा (एलएसी) पर हुई झड़प के लिए भारत को जिम्मेदार बताया।

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चीन का कहना है कि भारतीय सैनिकों ने अवैध रूप से दो बार सीमा पार की और उत्तेजक हमले किए। चीन के विदेश मंत्रालय का कहना है कि उसने भारत के सामने घटना को लेकर कड़ा विरोध दर्ज कराया है। हालांकि उसने यह नही बताया है कि झड़प में उसके कितने सैनिकों की मृत्यु हुई है। 
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वहीं पीपुल्स लिबरेशन आर्मी (पीएलए) के प्रवक्ता का कहना है कि गंभीर झड़पों में कुछ सैनिक हताहत हुए हैं। कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ चाइना के मुखपत्र ग्लोबल टाइम्स के संपादक ने कहा कि चीन को भी नुकसान हुआ है। हालांकि दोनों ही संख्या को लेकर चुप्पी साधे हुए हैं।

यह भी पढ़ें- भारत-चीन सीमा विवाद: अमेरिका ने कहा- करीबी से रख रहे हैं स्थिति पर नजर


चीन की पश्चिमी कमांड के प्रवक्ता झांग शुईली ने कहा कि दोनों पक्षों के बीच भयंकर शारीरिक संघर्ष हुआ जिसके परिणामस्वरूप सैनिक हताहत हुए हैं। उन्होंने दावा किया कि गलवां नदी घाटी क्षेत्र चीन का है और भारतीय जवान चीनी क्षेत्र पर अवैध गतिविधियों का संचालन कर रहे थे।

इतना ही नहीं प्रवक्ता ने भारत पर सीमा मुद्दे और समझौते पर सहमति का उल्लंघन करने का आरोप लगाया है। दोनों कमांडर स्तर की वार्ता करने पर राजी हुए हैं। उन्होंने भारत से बातचीत के जरिए मुद्दे को सुलझाने के लिए कहा है। वहीं एक सेवानिवृत्त राजनयिक का कहना है कि एलएसी पर हिंसा की वजह से दोनों देशों के बीच तनाव बढ़ेगा।

इसी बीच ग्लोबल टाइम्स ने एक कदम आगे बढ़ते हुए भारत को चेतावनी देने हुए कहा कि उसे अहंकारी नहीं बनना चाहिए क्योंकि चीन झड़प से पीछे नहीं हटेगा। ग्लोबल टाइम्स के संपादक ने ट्वीट कर कहा कि गलवां घाटी में हुई झड़प में चीनी सैनिक भी हताहत हुए हैं। मैं भारत को कहना चाहता हूं कि उसे अहंकार नहीं करना चाहिए और चीन को कमजोर न समझे। चीन भारत के साथ किसी तरह का विवाद नहीं चाहता है।

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