फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   World ›   China Bhutan diplomatic relations border issues settlement appeal to make ties legal

China Bhutan Ties: कूटनीतिक रिश्तों को कानूनी बनाने की कवायद, चीन ने भूटान से सीमा विवाद सुलझाने की अपील की

Tue, 24 Oct 2023 04:12 PM IST
ज्योति भास्कर वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, बीजिंग
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, बीजिंग Published by: ज्योति भास्कर Updated Tue, 24 Oct 2023 04:12 PM IST
सार

चीन भूटान के साथ रिश्तों को लेकर काफी गंभीर है। पड़ोसी देश के साथ संबंधों को कानूनी रूप देने के लिए चीन ने भूटान से अपील की है। चीन ने राजनयिक संबंध स्थापित करने और सीमा विवाद को जल्द सुलझाने की बात भी कही है।

विज्ञापन
China Bhutan diplomatic relations border issues settlement appeal to make ties legal
Bhutan China border talks - फोटो : Amar Ujala

विस्तार

चीन ने भूटान से उसके साथ राजनयिक संबंध स्थापित करने और सीमा मुद्दे को "जितनी जल्दी हो सके" हल करने के लिए कहा है। चीन का कहना है कि सीमा विवाद सुलझाने के बाद ही दोनों पड़ोसियों के बीच संबंधों को "कानूनी रूप" दिया जा सकेगा। बता दें कि भूटान के विदेश मंत्री डॉ टांडी दोरजी बीजिंग दौरे पर हैं। सोमवार को उन्होंने चीनी विदेश मंत्री वांग यी से मुलाकात की।
विज्ञापन


भूटान के हित में है विवादों का समाधान
दोनों देशों के बीच सीमा वार्ता से जुड़ी खबरों के अनुसार, भूटान के विदेश मंत्री से मुलाकात के दौरान वांग ने कहा कि राजनयिक संबंधों की बहाली दोनों देशों के दीर्घकालिक हितों की पूर्ति करेगी। उन्होंने कहा, "सीमा वार्ता का निष्कर्ष और चीन और भूटान के बीच राजनयिक संबंधों की स्थापना पूरी तरह से देश और भूटान के दीर्घकालिक और मौलिक हितों में है।"
विज्ञापन


दोस्ती को कानून का जामा पहनाने की पहल
चीन में सत्तारूढ़- कम्युनिस्ट पार्टी के ब्यूरो ने नेपाल के विदेश मंत्री दोरजी को बताया, चीनी विदेश मंत्री वांग, शक्तिशाली राजनीतिक दल के सदस्य भी हैं। उन्होंने बताया क चीन भूटान के साथ एक ही दिशा में काम करने, ऐतिहासिक अवसर का लाभ उठाने, इस महत्वपूर्ण प्रक्रिया को जल्द से जल्द पूरा करने के पक्ष में है। चीन भूटान के साथ मैत्रीपूर्ण संबंधों को कानूनी रूप में विकसित करने के लिए तैयार है।"
विज्ञापन
विज्ञापन


भूटान और चीन की पारंपरिक दोस्ती, भूटान ने चीन का आभार जताया
दोनों नेताओं की मुलाकात के संबंध में चीनी विदेश मंत्रालय ने बयान जारी किया। इसके अनुसार, भूटान के विदेश मंत्री दोरजी का मानना है कि भूटान और चीन के बीच पारंपरिक मित्रता रही है। उन्होंने भूटान को मजबूत समर्थन और सहायता के लिए चीन को धन्यवाद भी दिया।

राजनयिक संबंध के लिए राजनीतिक प्रोसेस आगे बढ़ाने को तैयार
विदेश मंत्री दोरजी के अनुसार, भूटान दृढ़ता से एक-चीन सिद्धांत (one China Principle) का पालन करता है। इसका मतलब है कि ताइवान और तिब्बत चीन का हिस्सा हैं। दोरजी ने संकेत दिए हैं कि भूटान सीमा मुद्दे के शीघ्र समाधान के लिए चीन के साथ काम करने और राजनयिक संबंध स्थापित करने की राजनीतिक प्रक्रिया को आगे बढ़ाने के लिए तैयार है।

चीन 12 पड़ोसियों से सीमा विवाद सुलझा चुका है
गौरतलब है कि चीन और भूटान के बीच राजनयिक संबंध नहीं हैं, लेकिन दोनों देशों के अधिकारी समय-समय पर दौरों के जरिए संपर्क बनाए रखते हैं। बीजिंग 12 अन्य पड़ोसियों के साथ सीमा विवादों को सुलझा चुका है, भारत और भूटान ही ऐसे दो देश हैं, जिन के साथ चीन ने अभी तक सीमा समझौते पर हस्ताक्षर नहीं किए हैं।

ड्रैगन का जोर जटिल सीमा विवाद सुलझाने पर 
दोनों देशों के बीच रिश्तों को लेकर आई खबरों के अनुसार, हाल के वर्षों में चीन भूटान के साथ पूर्ण राजनयिक संबंध स्थापित करने और जटिल सीमा विवाद का समाधान करने पर अधिक ध्यान दे रहा है। बातचीत में तेजी लाने के प्रयास तेज कर दिए गए हैं। 

आज भी याद है डोकलाम मुद्दे पर हुआ गतिरोध
बता दें कि डोकलाम पर चीन के दावा ठोकने के बाद भूटान के साथ रिश्तों में तल्खी आ गई थी। भूटान का दावा है कि डोकलाम इलाका उसका है। यह जानना भी रोचक है कि करीब छह साल पहले, साल 2017 में डोकलाम पठार में सड़क बनाने के चीन के प्रयासों के कारण भारत और चीन के बीच भी गतिरोध पैदा हो गया था। डोकलाम मामले पर पड़ोसियों के बीच तनाव पैदा हो गया था।


भारत के चिकन नेक के करीब सड़क बना रहा था चीन
भारत ने डोकलाम ट्राइ-जंक्शन पर चीनी सेना की तरफ से हो रहे सड़क के निर्माण का कड़ा विरोध किया था। भारत का कहना था कि सड़क के कारण उसके समग्र सुरक्षा हितों पर असर पड़ने का खतरा है, क्योंकि रास्ता बेहद संकीर्ण- सिलीगुड़ी कॉरिडोर यानी चिकन नेक के करीब है। चिकन नेक भारत को उत्तर-पूर्व से जोड़ता है। भारत के कड़े विरोध के बाद बीजिंग को सड़क बनाने की योजना छोड़नी पड़ी, जिससे डोकलाम गतिरोध समाप्त हुआ।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get latest World News headlines in Hindi related political news, sports news, Business news all breaking news and live updates. Stay updated with us for all latest Hindi news.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed