हांगकांग को लेकर अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप की चिंता पर बोला चीन- बैठकर तमाशा नहीं देखेंगे
हांगकांग में पिछले 10 हफ्ते से लगातार हो रहा प्रत्यर्पण बिल का विरोध
ट्रंप ने कहा था-लोकतंत्र समर्थकों पर हिंसक प्रतिक्रिया नहीं होनी चाहिए
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चीन ने हांगकांग पर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की चिंता का जवाब देते हुए कहा है कि बह बैठकर तमाशा नहीं देखेगा। ट्रंप ने लोकतंत्र समर्थकों के विरोध प्रदर्शनों के लिए हिंसक प्रतिक्रिया के जोखिम पर चिंता व्यक्त की थी। उन्होंने एक ट्वीट में चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग से इस मामले को मानवता के आधार पर जल्द निपटाने की अपील की थी। साथ ही भरोसा जताया था कि जिनपिंग चाहें तो 10 मिनट में पूरा विवाद निपटा सकते हैं।
ट्रंप के इस ट्वीट का जवाब देते हुए लंदन में चीनी राजदूत लियू जियाओमिंग ने कहा, बीजिंग बैठकर तमाशा नहीं देखेगा, चीन के पास विरोध प्रदर्शन को खत्म करने के पर्याप्त समाधान और स्थिति पर नियंत्रण करने के लिए भरपूर ताकत है। विशेषज्ञों का मानना है कि संभावित विनाशकारी आर्थिक और राजनीतिक परिणामों को देखते हुए चीन वैश्विक वित्तीय केंद्र हांगकांग पर किसी बाहरी के दखल को बर्दाश्त नहीं करेगा।
हांगकांग में पिछले एक सप्ताह से अधिक वक्त से प्रदर्शनकारी हांगकांग को चीन से अलग करने की मांग कर रहे हैं। जिसके जवाब में चीन द्वारा विरोध को रोकने के लिए कड़े और हिंसक कदम उठाए जा रहे हैं। चीन ने हांगकांग में भारी मात्रा में सेना को तैनात कर दिया है। जो प्रदर्शनकारियों को लाल झंडे दिखा रहे हैँ। इनके लिए रसद लेकर कतारों में खडे़ ट्रकों को भी सीमा पर पहुंचाया गया है।
दूसरा तियानानमेन स्क्वॉयर नहीं बनेगा : चीनी मडिया
अमेरिकी सुरक्षा सलाहकार जॉन बोल्टन ने बीजिंग को चेतावनी दी थी कि वह हांगकांग में एक नया ‘तियानानमेन स्क्वॉयर’ बनाने की कोशिश कर रहा है। इस पर चीनी मीडिया ने जवाब देते हुए कहा कि ऐसा नहीं है। बोल्टन की सोच और उनका अनुमान पूरी तरह गलत है। चीन हांगकांग विवाद को निपटाने में सक्षम है और इसे बाहरी दखल की कोई जरूरत नहीं है।
दरअसल 1989 में बीजिंग के तियानानमेन चौक पर छात्रों के नेतृत्व में विशाल विरोध प्रदर्शन हुआ था जिसे दबाने के लिए चीन की सरकार ने बीजिंग में मॉर्शल लॉ लागू कर नरसंहार किया और हजारों छात्रों को मार गिराया था। चीनी इतिहास का यह सबसे बड़ा नरसंहार था।
प्रदर्शनकारियों ने की महारैली की तैयारी
विरोध प्रदर्शन कर रहे लोकतंत्र समर्थकों ने इस सप्ताहांत पर कई रैलियां निकालने की तैयारी कर ली है। इसका उद्देश्य यह दिखाना है कि सरकार की हिंसक प्रतिक्रियाओं के बावजूद जनता समर्थकों के साथ है। दरअसल चीन ने मीडिया को विरोध प्रदर्शन के खिलाफ हो रही हिंसक कार्रवाई की तस्वीरें और खबर छापने से मना कर दिया है।
अर्थव्यवस्था को झटका
अमेरिका के साथ व्यापार युद्ध के कारण पहले से कमजोर हो रही अर्थव्यवस्था को इन विरोध प्रदर्शनों से भी झटका लगा है। हांगकांग के वित्तीय प्रमुख पॉल चान ने बृहस्पतिवार को इस साल अर्थव्यवस्था में शून्य से एक फीसदी के बीच वृद्धि का अनुमान लगाया है।
शांति का संदेश देने के लिए 68 मंजिला इमारत पर चढ़े
फ्रांस के स्पाइडर मैन कहे जाने वाले 57 वर्षीय एलन रॉबर्ट शांति का संदेश देने के लिए हांगकांग की 68 मंजिला इमारत पर चढ़ गए। उन्होंने इमारत पर चढ़कर शांति की मांग वाला बैनर दिखाया और सरकार से बीते दस दिनों से चल रहे विरोध प्रदर्शन को खत्म कराने की मांग की।
आंसू गैस से बचाने वाले नकाबों की बिक्री बढ़ी
हांगकांग में विरोध प्रदर्शन के चलते यहां की दुकानाें में हेलमेट, चश्मे और आंसू गैस से बचाने वाले नकाबों की बिक्री बढ़ गई है। दुकानदारों ने इन सामानों की बढ़ती मांग के चलते दुकानों को इनसे भर लिया है। इन सामानों को ‘राष्ट्रीय आपदा हार्डवेयर’ कह कर बेचा और खरीदा जा रहा है।