फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   World ›   china announced full lockdown in country regarding zero covid policy know reason behind this

चीन में फिर लॉकडाउनः जीरो कोविड पॉलिसी पर सख्त अमल के पीछे का क्या है सियासी कारण?

Wed, 07 Sep 2022 03:06 PM IST
सुभाष कुमार वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, बीजिंग
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, बीजिंग Published by: सुभाष कुमार Updated Wed, 07 Sep 2022 03:06 PM IST
सार

चीन के सरकारी अधिकारियों ने कहा है कि उनकी प्राथमिकता लोगों की जान बचाना है। हालांकि, कुछ पर्यवेक्षकों के मुताबिक जीरो कोविड नीति पर सख्ती के पीछे सियासी वजहें हैं।

विज्ञापन
china announced full lockdown in country regarding zero covid policy know reason behind this
चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग। - फोटो : सोशल मीडिया

विस्तार

चीन फिर से सख्त लॉकडाउन के दौर में है। कोरोना संक्रमण बढ़ने के कारण 20 अगस्त के बाद से लेकर अब तक देश के 74 शहरों में लॉकडाउन लागू किया जा चुका है। इस कारण 30 करोड़ से अधिक लोग प्रभावित हुए हैं। जानकारों के मुताबिक चीन सरकार अपनी जीरो कोविड नीति में किसी ढिलाई के लिए तैयार नहीं है। हालांकि, बीते सौ दिन से चीन में कोविड संक्रमण से एक भी मौत नहीं हुई है, इसके बावजूद सरकार ने सख्त लॉकडाउन लागू कर रखे है। 

विज्ञापन


बीते 20 अगस्त के बाद से जिन 74 शहरों में लॉकडाउन लागू किए गए हैं, उनमें 15 प्रांतीय राजधानियां हैं। चीन की वित्तीय पत्रिका काइशिन में छपी एक रिपोर्ट के मुताबिक अभी 33 शहरों में आंशिक या पूरा लॉकडाउन है। इस वजह से वहां आर्थिक गतिविधियां बुरी तरह प्रभावित हुई हैं। माना जा रहा है कि पहले से ही संकटग्रस्त चीन की अर्थव्यवस्था मौजूदा लॉकडाउन के कारण और प्रभावित होगी। 
विज्ञापन


चीन के सरकारी अधिकारियों ने कहा है कि उनकी प्राथमिकता लोगों की जान बचाना है। हालांकि, कुछ पर्यवेक्षकों के मुताबिक जीरो कोविड नीति पर सख्ती के पीछे सियासी वजहें हैं। राष्ट्रपति शी जिनपिंग जीरो कोविड नीति के सबसे बड़े पैरोकार हैं। अभी सत्ताधारी कम्युनिस्ट पार्टी अपनी बीसवीं कांग्रेस (महाधिवेशन) की तैयारियों में जुटी हुई है। मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक शी नहीं चाहते हैं कि 16 अक्टूबर से होने वाली कांग्रेस के पहले देश में महामारी से कोई बड़ी तबाही मचे। संभावना है कि अगली कांग्रेस में शी को तीसरे कार्यकाल के लिए पार्टी महासचिव और राष्ट्रपति चुना जाएगा। 
विज्ञापन
विज्ञापन


अमेरिकी थिंक टैंक काउंसिल ऑन फॉरेन रिलेशन्स में वैश्विक स्वास्थ्य के अनुसंधानकर्ता यांगझोंग हुआंग ने अमेरिकी टीवी चैनल सीएनएन से कहा है- ‘चीन की कम्युनिस्ट पार्टी (सीपीसी) यह सुनिश्चित करना चाहती है कि कोई ऐसी अवांछित घटना ना हो, जिससे सामाजिक स्थिरता खतरे में पड़े और नेतृत्व निर्वाचन की प्रक्रिया में रुकावट आए। इसके अलावा शी की निजी प्रतिष्ठा भी दांव पर लगी हुई है।

सीपीसी जीरो कोविड नीति के आधार पर ये दावा करती रही है कि उसका राजनीतिक मॉडल पश्चिमी व्यवस्थाओं से बेहतर है। अमेरिका और अन्य पश्चिमी देशों में कोरोना से बड़ी संख्या में हुई मौतों की तुलना में चीन में मृत लोगों की संख्या काफी कम रही है। सीपीसी ने इसके आधार पर चीन की व्यवस्था के अधिक मानवीय होने का दावा किया है। हुआंग ने कहा- ‘इस दलील को मजबूत करने के लिए चीनी अधिकारी सख्त और अतिवादी एहतियाती उपायों को लागू करने के लिए प्रेरित होते है।’


कुछ जानकारों को उम्मीद है कि सीपीसी की कांग्रेस के बाद संभव है कि चीन सरकार जीरो कोविड नीति में कुछ बदलाव करे। लेकिन ऐसे बदलाव चरणबद्ध ढंग से धीरे-धीरे ही लागू किए जाएंगे। इस बीच चीन के कुछ शहरों से लॉकडाउन के प्रति लोगों में असंतोष उभरने के संकेत मिले हैं। खास कर छोटे शहरों में लॉकडाउन से हो रही दिक्कतों के बीच सरकार उचित राहत पहुंचाने में नाकाम रही है। बीते शुक्रवार को सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हुआ था, जिसमें चेंगदू शहर की एक 27 वर्षीया महिला ये कहते सुनी गई कि लॉकडाउन के कारण उसे उचित चिकित्सा नहीं मिली और इस वजह से उसका गर्भपात हो गया।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get latest World News headlines in Hindi related political news, sports news, Business news all breaking news and live updates. Stay updated with us for all latest Hindi news.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed