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China CPC: सीपीसी की बैठक में भविष्य के नेताओं पर नजर, शी से विपरीत विचारों वाले केकियांग के भविष्य पर सवाल
Thu, 20 Oct 2022 03:13 AM IST
देव कश्यप
एजेंसी, बीजिंग।
एजेंसी, बीजिंग।
Published by: देव कश्यप
Updated Thu, 20 Oct 2022 03:13 AM IST
सार
फिलहाल सबकी नजरें पोलित ब्यूरो स्थायी समिति पर हैं जिसके सात सदस्य चिनफिंग के अधीन काम करते रहे हैं। आगामी रविवार को पार्टी कई महत्वपूर्ण फैसलों की घोषणा करेगी। यह भी देखने वाली बात होगी कि महत्वपूर्ण पदों पर कितने नए नेताओं को जगह मिलती है।
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Xi Jinping in CPC Congress
- फोटो : Agency
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विस्तार
चीन में सत्तारूढ़ सीपीसी की बैठक में विमर्श के बाद 69 वर्षीय शी जिनपिंग को राष्ट्रपति के रूप में 5 साल के लिए तीसरा कार्यकाल मिलना तय है। हालांकि अभी यह स्पष्ट नहीं है कि अगले पांच वर्षों में पार्टी की महत्वपूर्ण इकाइयों-केंद्रीय समिति और पोलित ब्यूरो में उनके साथ कौन शामिल होगा। इस बारे में विश्लेषक विमर्श करेंगे कि अहम इकाइयों में किसे शामिल करें और किसे नहीं।
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फिलहाल सबकी नजरें पोलित ब्यूरो स्थायी समिति पर हैं जिसके सात सदस्य चिनफिंग के अधीन काम करते रहे हैं। आगामी रविवार को पार्टी कई महत्वपूर्ण फैसलों की घोषणा करेगी। यह भी देखने वाली बात होगी कि महत्वपूर्ण पदों पर कितने नए नेताओं को जगह मिलती है।
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सबसे बड़ा सवाल पार्टी के दूसरे शीर्ष नेता व प्रधानमंत्री ली केकियांग के भविष्य से जुड़ा है जो 2012 से ही स्थायी समिति में हैं। मुख्यत: वही देश के मंत्रिमंडल और दुनिया की दूसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था का नेतृत्व करते रहे हैं। 67 वर्षीय ली केकियांग को शी के विपरीत बाजार सुधारों और निजी उद्यम के पैरोकार के रूप में माना जाता है।
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वह तकनीकी आत्मनिर्भरता पर जोर देने तथा अमीर-गरीब के बीच बड़े अंतर को कम करने के पक्षधर हैं। मौजूदा कार्यकाल में नीति निर्माण पर केकियांग का प्रभाव ज्यादा नहीं पड़ पाया क्योंकि शी ने उन्हें सियासी रूप से दरकिनार कर रखा था। ली के अलावा पोलित ब्यूरो की स्थायी समिति सबसे अधिक बारीकी से देखी जाएगी जिसका आकार बदलता रहता है। हालांकि शी का नेतृत्व सात सदस्यों पर केंद्रित रहता है।
वांग यांग, हुनिंग व चुनहुआ की अच्छी संभावनाएं
चीन के अन्य भावी संभावित उम्मीदवारों में सलाहकार समिति के वांग यांग शामिल हैं जो 2017 में स्थायी समिति में शामिल हुए और विंग के सदस्य के रूप में जाने जाते हैं। वह बाजारों, निजी उद्यम और आर्थिक प्रयोग का पक्षधर हैं। वांग यांग के अलावा लंबे समय से पार्टी के सियासी सिद्धांतकार वांग हुनिंग को भी स्थायी समिति में बने रहने की संभावना के रूप में देखा जा रहा है। उनके साथ ही वाइस प्रीमियर हु चुनहुआ को सर्वाधिक बेहतर कद मिलने की उम्मीदें जताई जा रही है। वह 2012 से 2017 तक ग्वांगडोंग प्रांत में शीर्ष अधिकारी रहे, जहां उन्होंने बड़ी कार्रवाईयों का नेतृत्व किया।
चीन : शी की ताजपोशी से पहले बढ़े विरोध प्रदर्शन
चीनी कम्युनिस्ट पार्टी (सीपीसी) की 20वीं राष्ट्रीय कांग्रेस का परिणाम आया भी नहीं है कि शी जिनपिंग की सरकार के खिलाफ प्रदर्शनों का दौर शुरू हो गया है। इससे नागरिकों में सरकार के खिलाफ पनप रहे रोष और खासकर जिनपिंग की जीरो कोविड नीति के खिलाफ गुस्से का पता चलता है।
द जिनेवा डेली की रिपोर्ट के मुताबिक, सीपीसी की राष्ट्रीय कांग्रेस से ठीक पहले बीजिंग में लोगों ने देश में सत्ता परिवर्तन की व्यवस्था के खिलाफ प्रदर्शन किया। हजारों लोगों ने वीचैट पर बेपरवाह तरीके से शी जिनपिंग विरोधी विचार रखे। बीजिंग में रिंग रोड पर एक युवा ने टायर जलाया और पुल पर बैनर लिखकर टांग दिए, जिनमें तानाशाह और गद्दार बताकर शी जिनपिंग को हटाने की मांग की गई।
प्रदर्शनकारियों ने लॉकडाउन खत्म करने की मांग करते हुए कहा कि हम गुलाम नहीं बनना चाहते और वोट देना चाहते हैं। इससे पूर्व, शंघाई में जीरो कोविड नीति के कारण संक्रमित होने पर हजारों लोगों को परिवार और बच्चों से अलग होना पड़ा। चीन सरकार ने दर्जनों ब्लॉगरों, अध्यापकों, कार्यकर्ताओं को खामोश करने के लिए इंटरनेट को सेंसर किया।