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चार्ली किर्क हत्याकांड: सुरक्षा में कहां-कहां हुई बड़ी चूक? खुले कैंपस से छत तक, रिपोर्ट ने खोली पोल

Sat, 26 Sep 2026 04:16 AM IST
प्रशांत तिवारी वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला Published by: प्रशांत तिवारी Updated Sat, 26 Sep 2026 04:16 AM IST
सार

यूटा वैली यूनिवर्सिटी की स्वतंत्र आफ्टर-एक्शन रिपोर्ट के अनुसार, चार्ली किर्क के कार्यक्रम की सुरक्षा योजना में कई स्तरों पर कमियां थीं। खुले आंगन को लेकर पहले से चिंता जताई गई थी, लेकिन ऊंची इमारतों और संभावित लाइन-ऑफ-साइट जैसे खतरों का पर्याप्त आकलन नहीं हुआ। कार्यक्रम के लिए कोई औपचारिक सुरक्षा आकलन या लिखित कार्ययोजना भी नहीं बनाई गई और निजी सुरक्षा टीम तथा बाहरी कानून प्रवर्तन के बीच समन्वय भी स्पष्ट नहीं था।

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Charlie Kirk murder case Where did major lapses occur From open campus to the rooftop report lays it all bare
चार्ली कर्क - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स

विस्तार

यूटा वैली यूनिवर्सिटी में पिछले साल चार्ली किर्क की हत्या को लेकर जारी नई रिपोर्ट में सुरक्षा व्यवस्था की कई गंभीर कमियां सामने आई हैं। रिपोर्ट के मुताबिक, किर्क के संगठन टर्निंग पॉइंट USA ने सुरक्षा को लेकर चिंता जताए जाने के बावजूद खुले स्थान पर कार्यक्रम कराने पर जोर दिया था। दूसरी ओर, यूनिवर्सिटी ने ऐसे खतरे का ठीक से आकलन नहीं किया, जिसमें किसी ऊंची इमारत या छत से हमलावर गोली चला सकता था।

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स्वतंत्र जांच में सुरक्षा तैयारियों की खुली पोल
यूटा वैली यूनिवर्सिटी ने शुक्रवार को 10 सितंबर 2025 को अपने ओरम कैंपस में हुए कंजर्वेटिव नेता चार्ली किर्क के कार्यक्रम की आफ्टर-एक्शन रिपोर्ट जारी की। यह एक बाहरी और स्वतंत्र समीक्षा थी, जिसमें कार्यक्रम की सुरक्षा व्यवस्था, आयोजन से पहले की तैयारियों और गोलीबारी के बाद यूनिवर्सिटी की प्रतिक्रिया की जांच की गई। जांचकर्ताओं ने खास तौर पर यह देखा कि यूनिवर्सिटी और टर्निंग पॉइंट USA के बीच कार्यक्रम की सुरक्षा को लेकर क्या बातचीत हुई थी और फैसले किस तरह लिए गए थे।
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न सुरक्षा का औपचारिक आकलन, न लिखित प्लान
रिपोर्ट में कहा गया है कि यूनिवर्सिटी ने कार्यक्रम के लिए कोई औपचारिक सुरक्षा आकलन नहीं किया था। इसके अलावा कोई लिखित सुरक्षा कार्ययोजना भी तैयार नहीं की गई थी। रिपोर्ट के मुताबिक, कार्यक्रम से जुड़े कई अहम सुरक्षा फैसलों की जिम्मेदारी काफी हद तक टर्निंग पॉइंट USA पर छोड़ दी गई थी। जांचकर्ताओं का कहना है कि इस तरह की व्यवस्था में यूनिवर्सिटी और आयोजन से जुड़े दूसरे पक्षों के बीच सुरक्षा की जिम्मेदारियां और समन्वय स्पष्ट नहीं रह गया।
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खुले आंगन में कार्यक्रम कराने पर टर्निंग पॉइंट का जोर
रिपोर्ट के मुताबिक, अगस्त 2025 में हुई एक योजना बैठक के दौरान टर्निंग पॉइंट के प्रतिनिधि ने जोर दिया कि किर्क का भाषण कैंपस के एक आंगन में ही कराया जाए। इसकी एक वजह यह थी कि किर्क पहले भी वहां कार्यक्रम कर चुके थे और संगठन उस जगह से अच्छी तरह परिचित था। हालांकि, यूनिवर्सिटी के कुछ अधिकारियों ने इस जगह को लेकर चिंता जताई थी। खास तौर पर आसपास मौजूद ऊंची इमारतों को लेकर सवाल उठाए गए थे, क्योंकि खुले स्थान में ऐसे स्थानों से सुरक्षा व्यवस्था को चुनौती मिल सकती थी। इसके बावजूद आखिरकार कार्यक्रम को उसी जगह आयोजित करने की मंजूरी दे दी गई।

रिपोर्ट ने माना, फैसलों के गंभीर नतीजे निकले
रिपोर्ट में इस पूरे घटनाक्रम पर टिप्पणी करते हुए कहा गया कि जांचकर्ताओं के आकलन में इन फैसलों के “गंभीर परिणाम” हुए। रिपोर्ट के मुताबिक, कार्यक्रम की जगह खुली होने के कारण सुरक्षा व्यवस्था के सामने कई अहम चुनौतियां थीं। खास तौर पर किसी संभावित हमलावर के लिए ऊंचाई वाले स्थानों से कार्यक्रम स्थल पर नजर रखना या हमला करना एक ऐसी संभावना थी, जिसे पर्याप्त रूप से संबोधित नहीं किया गया।

लाइन-ऑफ-साइट तक का लिखित आकलन नहीं हुआ
जांच में यह भी सामने आया कि योजना बनाने के दौरान सुरक्षा अधिकारियों के साथ कार्यक्रम स्थल की लाइन-ऑफ-साइट का कोई लिखित आकलन नहीं किया गया था। यानी यह व्यवस्थित तरीके से नहीं देखा गया कि आसपास की कौन-कौन सी जगहों से मंच या कार्यक्रम स्थल साफ दिखाई देता है और वहां से संभावित खतरा पैदा हो सकता है। इसके अलावा कार्यक्रम से पहले सुरक्षा टीम की ब्रीफिंग और आयोजन स्थल का विस्तृत वॉक-थ्रू भी योजना प्रक्रिया का हिस्सा नहीं था।

निजी सुरक्षा और पुलिस के बीच भी तालमेल की कमी
रिपोर्ट में चार्ली किर्क की निजी सुरक्षा टीम और बाहर से आने वाली कानून प्रवर्तन एजेंसियों के बीच समन्वय की कमी की ओर भी इशारा किया गया है। जांचकर्ताओं के मुताबिक, यह स्पष्ट नहीं था कि अलग-अलग सुरक्षा और कानून प्रवर्तन टीमों के बीच जिम्मेदारियां किस तरह बांटी गई थीं और जरूरत पड़ने पर वे एक-दूसरे के साथ किस तरह काम करतीं। इस तरह के समन्वय की कमी ने कार्यक्रम की सुरक्षा योजना को और कमजोर किया।


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सवाल सिर्फ हमले के बाद की प्रतिक्रिया पर नहीं
आफ्टर-एक्शन रिपोर्ट का दायरा केवल गोलीबारी के बाद यूनिवर्सिटी की प्रतिक्रिया तक सीमित नहीं था। इसमें कार्यक्रम से पहले लिए गए फैसलों, सुरक्षा संबंधी चिंताओं, आयोजन स्थल के चुनाव और अलग-अलग पक्षों के बीच समन्वय की भी पड़ताल की गई। रिपोर्ट से सामने आया कि सबसे बड़ी कमियों में सुरक्षा जोखिमों का औपचारिक आकलन न होना, लिखित योजना का अभाव और आयोजन से जुड़े सभी सुरक्षा पक्षों के बीच पर्याप्त तालमेल न होना शामिल था।

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