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रेट्रो टैक्स विवाद: केंद्र सरकार ने केयर्न की पेशकश को स्वीकारा, जल्द ही सभी मामलों का होगा निपटारा

Thu, 18 Nov 2021 06:55 PM IST
प्रशांत कुमार झा वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला Published by: प्रशांत कुमार झा Updated Thu, 18 Nov 2021 06:55 PM IST
सार

 पिछले महीने केयर्न एनर्जी पीएलसी ने फ्रांस से लेकर अमेरिका में भारतीय संपत्तियों को जब्त करने से संबंधित मामलों को वापस लेने की घोषणा की थी। साथ ही कंपनी ने भारत सरकार की 1 अरब डॉलर की राशि वापस करने की पेशकश को स्वीकार किया था। जिसपर भारत सरकार ने कर कानून को समाप्त करने का फैसला लिया।

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central govt accepted Cairn Energy PLC early soon withdraw all cases against india
केयर्न एनर्जी (फाइल फोटो) - फोटो : social media

विस्तार

भारत सरकार ने रेट्रो टैक्स पर केयर्न की पेशकश को आखिरकार स्वीकार कर लिया है। केंद्र सरकार ने ब्रिटेन की कंपनी केयर्न एनर्जी पीएलसी के उपक्रमों को कबूल कर लिया है। इससे कर मामलों को वापस लेने की तैयारी शुरू हो जाएगी। सूत्रों ने कहा कि भारत को अपना सबसे बड़ा तेल क्षेत्र देने वाली एक फर्म के साथ पूर्वव्यापी कर विवाद को समाप्त करने की दिशा में बड़ा कदम है। कंपनी ने इस महीने की शुरुआत में भारत सरकार को दुनिया में कहीं और किसी भी कानूनी कार्यवाही को छोड़ने के लिए आवश्यक उपक्रम मुहैया कराए थे। सरकार ने इसे स्वीकार करते हुए केयर्न को फॉर्म- II जारी किया है। फॉर्म- II एकत्र किए गए कर को वापस करने के लिए होता है। 

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केयर्न एनर्जी कंपनी ने केंद्र सरकार की पेशकश किया था कबूल
दरअसल, पिछले महीने केयर्न एनर्जी पीएलसी ने फ्रांस से लेकर अमेरिका में भारतीय संपत्तियों को जब्त करने संबंधित मामलों को वापस लेने की घोषणा की थी। साथ ही कंपनी ने भारत सरकार की 1 अरब डॉलर की राशि वापस करने की पेशकश को स्वीकार किया था। जिसपर भारत सरकार ने कर कानून को समाप्त करने का फैसला लिया। 
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भारत की इनवेस्टमेंट डेस्टिनेशन के तौर पर छवि में सुधार करने के लिए केंद्र सरकार ने हाल ही में नया कानून लागू किया था। नए कानून के तहत कई बहुराष्ट्रीय कंपनियां (वोडाफोन, फार्मास्युटिकल्स कंपनी सनोफी, केयर्न और साबमिलर) के खिलाफ 1.1 लाख करोड़ रुपये की कर मांग को छोड़ने का फैसला किया गया था। केयर्न की पेशकश स्वीकार करने के बाद अब ये कंपनियां भारत के खिलाफ मामलों को वापस लेने पर सहमत हो जाएंगी, तो रद्द कर प्रावधान के तहत इनसे जुटाए गए 8,100 करोड़ रुपये वापस कर दिए जाएंगे। इनमें ब्याज और जुर्माना भी शामिल है। इनमें से 7,900 करोड़ रुपये अकेले केयर्न के बकाया हैं।
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जल्द ही मामलों का होगा निपटारा
केयर्न के सीईओ थॉमसन ने कहा था कि एक बार अंतिम निपटारा होने के बाद कुछ ही दिन में सभी मामले वापस ले लिए जाएंगे। उन्होंने कहा था कि सब कुछ वापस लिया जाएगा। कोई भी मामला नहीं छोड़ा जाएग। इससे पूरा मामला निपट जाएगा।

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