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पाकिस्तान: खत्म नहीं हो रही अर्थव्यवस्था की समस्याएं, अब अरब देशों से रिकॉर्ड ब्याज दर पर कर्ज ले रही इमरान सरकार
Tue, 25 Jan 2022 06:50 PM IST
कीर्तिवर्धन मिश्र
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, इस्लामाबाद
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, इस्लामाबाद
Published by: कीर्तिवर्धन मिश्र
Updated Tue, 25 Jan 2022 06:50 PM IST
सार
बताया गया है कि पाकिस्तान ने कर्ज के बदले लाहौर-इस्लामाबाद में बने मोटरवे के एक हिस्से को एसेट के तौर पर रखा है। इस मोटरवे का निर्माण 1990 के दौर में हुआ था।
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इमरान खान
- फोटो : पीटीआई
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विस्तार
पाकिस्तान की आर्थिक समस्याएं खत्म नहीं हो रही हैं। आईएमएफ से लगातार कर्ज जुटाने में लगी इमरान सरकार ने अब नकदी संकट को सुलझाने के लिए 7.95 प्रतिशत की रिकॉर्ड ब्याज दर पर सुकुक बांड से एक अरब डॉलर जुटाए हैं। पाकिस्तान की मीडिया रिपोर्ट्स में मंगलवार को यह जानकारी देते हुए कहा गया है कि इस्लामिक बॉन्ड के इतिहास में यह सबसे ऊंची ब्याज दर है, जिसका भुगतान करने के लिए पाकिस्तान सहमत हुआ है।
पाकिस्तान के वित्त मंत्रालय के हवाले से कहा गया है कि देश को अपने विदेशी मुद्रा भंडार को एक न्यूनतम स्तर तक रखने की जरूरत थी, क्योंकि जल्द कुछ बड़े विदेशी कर्जों का भुगतान किया जाना है।
प्रधानमंत्री इमरान खान के नेतृत्व वाली पाकिस्तान सरकार ने डेढ़ महीने पहले सऊदी अरब से तीन अरब डॉलर का कर्ज लिया था। लेकिन इस राशि में से दो अरब डॉलर उनकी सरकार खर्च कर चुकी है। ऐसे में अब सरकार को फिर रकम जुटाने के लिए अंतरराष्ट्रीय पूंजी बाजारों का रुख करना पड़ रहा है।
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पाकिस्तान का आधिकारिक विदेशी मुद्रा भंडार 14 जनवरी तक घटकर 17 अरब डॉलर पर आ गया था। वित्त मंत्रालय ने कहा कि पाकिस्तान ने 7.95 प्रतिशत की ब्याज दर पर सात साल की अवधि के संपत्ति-समर्थित सुकुक बांड जारी कर एक अरब डॉलर जुटाए हैं।
बताया गया है कि पाकिस्तान द्वारा जुटाए गए इस कर्ज की दर पिछले साल अप्रैल में जारी किए गए यूरोबॉन्ड की दर से आधा फीसदी ज्यादा है। बताया गया है कि पाकिस्तान ने कर्ज के बदले लाहौर-इस्लामाबाद में बने मोटरवे के एक हिस्से को एसेट के तौर पर रखा है। इस मोटरवे का निर्माण 1990 के दौर में हुआ था। अब इसका इस्तेमाल अंतरराष्ट्रीय बाजार से कर्ज जुटाने के लिए किया गया है।
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पाकिस्तान के वित्त मंत्रालय के हवाले से कहा गया है कि देश को अपने विदेशी मुद्रा भंडार को एक न्यूनतम स्तर तक रखने की जरूरत थी, क्योंकि जल्द कुछ बड़े विदेशी कर्जों का भुगतान किया जाना है।
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प्रधानमंत्री इमरान खान के नेतृत्व वाली पाकिस्तान सरकार ने डेढ़ महीने पहले सऊदी अरब से तीन अरब डॉलर का कर्ज लिया था। लेकिन इस राशि में से दो अरब डॉलर उनकी सरकार खर्च कर चुकी है। ऐसे में अब सरकार को फिर रकम जुटाने के लिए अंतरराष्ट्रीय पूंजी बाजारों का रुख करना पड़ रहा है।
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पाकिस्तान का आधिकारिक विदेशी मुद्रा भंडार 14 जनवरी तक घटकर 17 अरब डॉलर पर आ गया था। वित्त मंत्रालय ने कहा कि पाकिस्तान ने 7.95 प्रतिशत की ब्याज दर पर सात साल की अवधि के संपत्ति-समर्थित सुकुक बांड जारी कर एक अरब डॉलर जुटाए हैं।
बताया गया है कि पाकिस्तान द्वारा जुटाए गए इस कर्ज की दर पिछले साल अप्रैल में जारी किए गए यूरोबॉन्ड की दर से आधा फीसदी ज्यादा है। बताया गया है कि पाकिस्तान ने कर्ज के बदले लाहौर-इस्लामाबाद में बने मोटरवे के एक हिस्से को एसेट के तौर पर रखा है। इस मोटरवे का निर्माण 1990 के दौर में हुआ था। अब इसका इस्तेमाल अंतरराष्ट्रीय बाजार से कर्ज जुटाने के लिए किया गया है।