केपटाउन: दिवाली पर आतिशबाजी की मिली मंजूरी, अफसरों ने इस वजह से बदला फैसला
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यूं तो दिवाली पूरे विश्व में मनाया जाने वाला पर्व है, लेकिन आज भी कई ऐसे देश है जहां आतिशबाजी करने को लेकर नियम काफी सख्त हैं। दक्षिण अफ्रीका के केपटाउन में भी सार्वजनिक जगहों पर दिवाली के मौके पर आतिशबाजी करने पर पाबंदी थी।
हालांकि इसी पाबंदी को चुनौती देने का काम किया है हिंदू समुदाय और दक्षिण अफ्रीकी हिंदू महासभा के सदस्यों ने। नतीजतन सरकार ने दिवाली पर आतिशबाजी के लिए अलग से एक स्टेडियम दे दिया है।
दीपावली और गाइफॉक्स डे पर कर सकेंगे आतिशबाजी
केपटाउन में बचाव और सुरक्षा से जुड़ी मेयर समिति के सदस्य जेपी स्मिथ ने घोषणा करते हुए बताया कि इस स्टेडियम में लोग दीपावली और गाइफॉक्स डे के मौके पर आतिशबाजी कर सकते हैं। ऐसा करने पर उनके खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं होगी।
हालांकि एक सप्ताह पहले ही नगरपालिका के अधिकारियों ने यह निर्णय लिया था कि दीपावली और गाइ फॉक्स डे के मौके पर आतिशबाजी के लिए कोई भी जगह सुनिश्चित नहीं की जाएगी।
अधिकारियों के फैसले का हुआ था विरोध
नगरपालिका के अधिकारियों के फैसले पर हिंदू समुदाय और दक्षिण अफ्रीकी महासभा ने विरोध जताया था। साथ ही कोर्ट जाने की चेतावनी दी थी। इसी वजह से अधिकारियों को अपना फैसला बदलना पड़ा।
दक्षिण अफ्रीका हिंदू महासभा अध्यक्ष अश्विन त्रिकमजी ने एक सभा को संबोधित करते हुए कहा, "हम आतिशबाजी के लिए कोई निश्चित जगह न देने के उनके फैसले को कानूनी तौर पर चुनौती देने के लिए तैयार थे, क्योंकि यह समानता और धर्म की स्वतंत्रता के अधिकार का उल्लंघन था।'
बता दें कि पटाखे जलाने को लेकर पूरे दक्षिण अफ्रीका में काफी सख्त नियम हैं। इतना ही नहीं सड़कों और पार्क जैसे इलाकों में या कोई सार्वजनिक प्रदर्शन करने से पहले अनुमति लेने की भी जरूरत होती है।
उधर, डरबन में एक आयोग ने दिवाली पर सुरक्षा और शांति व्यवस्था बनाने के लिए अभी से बातचीत शुरू करने काे कहा है। बता दें कि डरबन में सबसे ज्यादा भारतीय मूल के लाेग रहते हैं। यहां पिछले साल दिवाली पर कुछ नस्लभेदी घटनाएं हुई थीं।