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कनाडा: अपनी ही सरकार पर भड़के सांसद आर्य, खालिस्तानियों के खिलाफ निष्क्रियता से थे नाराज
Mon, 25 Sep 2023 05:43 AM IST
जलज मिश्रा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, ओटावा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, ओटावा
Published by: जलज मिश्रा
Updated Mon, 25 Sep 2023 05:43 AM IST
सार
कनाडाई सांसद ने देश में रह रहे हिंदुओं के भयभीत होने की तीन वजहें बताईं। पहली, खालिस्तान आंदोलन का इतिहास हिंसा व मौतों से भरा पड़ा है। खालिस्तानी आतंकी अब तक हजारों हिंदुओं व सिखों को मार चुके हैं। कनाडावासी शायद 38 साल पहले एयर इंडिया धमाके को भूले नहीं होंगे।
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canada flag
- फोटो : social media
विस्तार
कनाडा में सत्तारूढ़ लिबरल पार्टी के सांसद चंद्र आर्य रविवार को अपनी ही सरकार पर जमकर बरसे। उन्होंने कहा कि सरकार खालिस्तानी आंतकियों के खिलाफ कार्रवाई में निष्क्रियता बरत रही है, जबकि चरमपंथियों की धमकी के बाद देश के हिंदू समुदाय के लोग भयभीत हैं।
आर्य ने यह टिप्पणी गुरपतवंत सिंह पन्नू व अन्य आतंकियों की उस धमकी के बाद की है, जिसमें कनाडा में रह रहे हिंदुओं को भारत लौटने की धमकी दी गई है। कनाडाई सांसद ने सीबीसी न्यूज से बातचीत में कहा, संसद में प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो की तरफ से दिए गए बयान के बाद मैं उसके परिणाम को लेकर चिंतित हूं। उन्होंने एक लोकप्रिय कॉलम का भी हवाला दिया, जिसमें दावा किया गया है कि कनाडा में जातीय व सांप्रदायिक रक्तपात का खतरा वास्तविक है। आर्य ने कहा, मुझे चिंता है कि इस रक्तपात में खून हिंदू कनाडाई का होगा। आर्य ने दावा किया कि कनाडा में रहने वाले ज्यादातर सिख खालिस्तानी हरकतों का समर्थन नहीं करते। हालांकि, वे खुलेआम खालिस्तानियों का विरोध नहीं करते, लेकिन कनाडा के हिंदुओं से उनके मधुर व करीबी रिश्ते हैं।
हिंदू कनाडाई के भयभीत होने की तीन वजहें
कनाडाई सांसद ने देश में रह रहे हिंदुओं के भयभीत होने की तीन वजहें बताईं। पहली, खालिस्तान आंदोलन का इतिहास हिंसा व मौतों से भरा पड़ा है। खालिस्तानी आतंकी अब तक हजारों हिंदुओं व सिखों को मार चुके हैं। कनाडावासी शायद 38 साल पहले एयर इंडिया धमाके को भूले नहीं होंगे। यह देश के इतिहास का सबसे बड़ा नरसंहार और 9/11 से पहले दुनिया की सबसे बड़ी विमानन आतंकी वारदात थी। इसे कनाडा के खालिस्तानी आतंकी ने अंजाम दिया था। वास्तविकता यह है कि उन आतंकियों की कनाडा की कुछ जगहों पर आज भी पूजा की जाती है।
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पन्नू पर अबतक नहीं की गई कोई कार्रवाई
दूसरी, कुछ महीने पहले टोरंटो में भारत की पूर्व पीएम इंदिरा गांधी का सार्वजनिक स्थान पर एक कटआउट लगाया गया, जिसमें उनकी साड़ी खून से सनी थी और दो हत्यारे उन पर बंदूकें ताने थे। इसे सार्वजनिक रूप से प्रदर्शित करने और जश्न मनाने की अनुमति दी गई। तीसरा, पन्नू खुलेआम नफरती अपराध कर रहा है और उसपर अबतक कार्रवाई नहीं की गई है।
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आर्य ने यह टिप्पणी गुरपतवंत सिंह पन्नू व अन्य आतंकियों की उस धमकी के बाद की है, जिसमें कनाडा में रह रहे हिंदुओं को भारत लौटने की धमकी दी गई है। कनाडाई सांसद ने सीबीसी न्यूज से बातचीत में कहा, संसद में प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो की तरफ से दिए गए बयान के बाद मैं उसके परिणाम को लेकर चिंतित हूं। उन्होंने एक लोकप्रिय कॉलम का भी हवाला दिया, जिसमें दावा किया गया है कि कनाडा में जातीय व सांप्रदायिक रक्तपात का खतरा वास्तविक है। आर्य ने कहा, मुझे चिंता है कि इस रक्तपात में खून हिंदू कनाडाई का होगा। आर्य ने दावा किया कि कनाडा में रहने वाले ज्यादातर सिख खालिस्तानी हरकतों का समर्थन नहीं करते। हालांकि, वे खुलेआम खालिस्तानियों का विरोध नहीं करते, लेकिन कनाडा के हिंदुओं से उनके मधुर व करीबी रिश्ते हैं।
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हिंदू कनाडाई के भयभीत होने की तीन वजहें
कनाडाई सांसद ने देश में रह रहे हिंदुओं के भयभीत होने की तीन वजहें बताईं। पहली, खालिस्तान आंदोलन का इतिहास हिंसा व मौतों से भरा पड़ा है। खालिस्तानी आतंकी अब तक हजारों हिंदुओं व सिखों को मार चुके हैं। कनाडावासी शायद 38 साल पहले एयर इंडिया धमाके को भूले नहीं होंगे। यह देश के इतिहास का सबसे बड़ा नरसंहार और 9/11 से पहले दुनिया की सबसे बड़ी विमानन आतंकी वारदात थी। इसे कनाडा के खालिस्तानी आतंकी ने अंजाम दिया था। वास्तविकता यह है कि उन आतंकियों की कनाडा की कुछ जगहों पर आज भी पूजा की जाती है।
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पन्नू पर अबतक नहीं की गई कोई कार्रवाई
दूसरी, कुछ महीने पहले टोरंटो में भारत की पूर्व पीएम इंदिरा गांधी का सार्वजनिक स्थान पर एक कटआउट लगाया गया, जिसमें उनकी साड़ी खून से सनी थी और दो हत्यारे उन पर बंदूकें ताने थे। इसे सार्वजनिक रूप से प्रदर्शित करने और जश्न मनाने की अनुमति दी गई। तीसरा, पन्नू खुलेआम नफरती अपराध कर रहा है और उसपर अबतक कार्रवाई नहीं की गई है।