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US: अमेरिका में आज से टैरिफ पर मिलेगा रिफंड, कंपनियों को 60-90 दिन में मिलेगा पैसा; जानें क्या है प्रक्रिया
Mon, 20 Apr 2026 07:44 AM IST
Pavan
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, वॉशिंगटन
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, वॉशिंगटन
Published by: Pavan
Updated Mon, 20 Apr 2026 07:44 AM IST
सार
अमेरिका में सुप्रीम कोर्ट ने राष्ट्रपति ट्रंप की तरफ से लगाए गए टैरिफ को असंवैधानिक करार दिया है। इसके तहत अब अमेरिकी सीमा शुल्क और सीमा सुरक्षा ने सोमवार से कंपनियों के लिए रिफंड प्रक्रिया शुरू की है। आयातक ऑनलाइन पोर्टल के जरिए आवेदन कर सकेंगे और सही पाए जाने पर 60-90 दिनों में पैसा लौटाया जाएगा।
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अमेरिकी टैरिफ पर आज से मिलेगा रिफंड
- फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
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विस्तार
अमेरिका में सुप्रीम कोर्ट के एक बड़े फैसले के बाद अब उन कंपनियों को राहत मिलने जा रही है, जिन्होंने राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के लगाए टैरिफ (आयात शुल्क) का भुगतान किया था। सोमवार से ऐसे कारोबारियों के लिए रिफंड (पैसे वापसी) की प्रक्रिया शुरू हो रही है।
यह भी पढ़ें - Hormuz Tension: कच्चे तेल की कीमतों में उछाल, US-ईरान टकराव बढ़ने का दिखा असर; तेहरान टैंकर जब्त होने से भड़का
अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट ने अपने फैसले में क्या कहा?
दरअसल, कोर्ट ने अपने छह-तीन के फैसले में कहा था कि ट्रंप ने बिना संवैधानिक अधिकार के ये टैरिफ लगाए थे, जो कि कांग्रेस के अधिकार क्षेत्र में आता है। इसके बाद अब अमेरिकी सरकार ने इन शुल्कों को लौटाने की प्रक्रिया शुरू करने का फैसला लिया है। इस काम को अमेरिकी सीमा शुल्क और सीमा सुरक्षा (सीबीपी) संभाल रही है।
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सोमवार सुबह से शुरू होगा ऑनलाइन पोर्टल
सीबीपी के मुताबिक, सोमवार सुबह आठ बजे से एक ऑनलाइन पोर्टल शुरू किया जाएगा, जहां आयात करने वाली कंपनियां और उनके एजेंट रिफंड के लिए आवेदन कर सकेंगे। कंपनियों को उन सभी सामानों का विवरण देना होगा, जिन पर उन्होंने टैरिफ चुकाया था। अगर आवेदन सही पाया गया, तो 60 से 90 दिनों के अंदर पैसा वापस मिल सकता है। हालांकि, यह प्रक्रिया काफी जटिल है और एक साथ सभी को पैसे नहीं मिलेंगे। सरकार इसे चरणों (फेज) में लागू करेगी, जिसमें पहले हाल के भुगतानों को प्राथमिकता दी जाएगी। तकनीकी कारणों या कागजी प्रक्रिया में गड़बड़ी के कारण कई मामलों में देरी भी हो सकती है।
इस फैसले का असर बहुत बड़ा है। आंकड़ों के अनुसार, करीब 3.3 लाख आयातकों ने 5.3 करोड़ से ज्यादा शिपमेंट पर कुल लगभग 166 अरब डॉलर (करीब लाखों करोड़ रुपये) का टैरिफ भरा था। फिलहाल पहले चरण में उन्हीं मामलों को शामिल किया गया है, जहां टैरिफ का अंतिम हिसाब नहीं हुआ था या हाल ही में भुगतान किया गया था।
यह भी पढ़ें - US: होर्मुज से बारूदी सुरंगों को हटाने के लिए अमेरिका ने भेजे रोबोट, ड्रोन से की जा रही समुद्री तल की जांच
रिफंड के लिए कंपनियों को सीबीपी के पास करना होगा रजिस्ट्रेशन
बता दें कि, रिफंड पाने के लिए कंपनियों को सीबीपी के इलेक्ट्रॉनिक पेमेंट सिस्टम में रजिस्ट्रेशन करना जरूरी है। 14 अप्रैल तक करीब 56,497 कंपनियां रजिस्टर कर चुकी थीं और उन्हें कुल 127 अरब डॉलर (ब्याज सहित) तक की वापसी मिल सकती है। विशेषज्ञों का कहना है कि इसका फायदा आगे चलकर आम ग्राहकों तक भी पहुंच सकता है, क्योंकि कई कंपनियां ये पैसा वापस मिलने पर ग्राहकों को भी राहत दे सकती हैं। हालांकि, यह प्रक्रिया धीरे-धीरे ही पूरी होगी।
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अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट ने अपने फैसले में क्या कहा?
दरअसल, कोर्ट ने अपने छह-तीन के फैसले में कहा था कि ट्रंप ने बिना संवैधानिक अधिकार के ये टैरिफ लगाए थे, जो कि कांग्रेस के अधिकार क्षेत्र में आता है। इसके बाद अब अमेरिकी सरकार ने इन शुल्कों को लौटाने की प्रक्रिया शुरू करने का फैसला लिया है। इस काम को अमेरिकी सीमा शुल्क और सीमा सुरक्षा (सीबीपी) संभाल रही है।
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सोमवार सुबह से शुरू होगा ऑनलाइन पोर्टल
सीबीपी के मुताबिक, सोमवार सुबह आठ बजे से एक ऑनलाइन पोर्टल शुरू किया जाएगा, जहां आयात करने वाली कंपनियां और उनके एजेंट रिफंड के लिए आवेदन कर सकेंगे। कंपनियों को उन सभी सामानों का विवरण देना होगा, जिन पर उन्होंने टैरिफ चुकाया था। अगर आवेदन सही पाया गया, तो 60 से 90 दिनों के अंदर पैसा वापस मिल सकता है। हालांकि, यह प्रक्रिया काफी जटिल है और एक साथ सभी को पैसे नहीं मिलेंगे। सरकार इसे चरणों (फेज) में लागू करेगी, जिसमें पहले हाल के भुगतानों को प्राथमिकता दी जाएगी। तकनीकी कारणों या कागजी प्रक्रिया में गड़बड़ी के कारण कई मामलों में देरी भी हो सकती है।
इस फैसले का असर बहुत बड़ा है। आंकड़ों के अनुसार, करीब 3.3 लाख आयातकों ने 5.3 करोड़ से ज्यादा शिपमेंट पर कुल लगभग 166 अरब डॉलर (करीब लाखों करोड़ रुपये) का टैरिफ भरा था। फिलहाल पहले चरण में उन्हीं मामलों को शामिल किया गया है, जहां टैरिफ का अंतिम हिसाब नहीं हुआ था या हाल ही में भुगतान किया गया था।
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रिफंड के लिए कंपनियों को सीबीपी के पास करना होगा रजिस्ट्रेशन
बता दें कि, रिफंड पाने के लिए कंपनियों को सीबीपी के इलेक्ट्रॉनिक पेमेंट सिस्टम में रजिस्ट्रेशन करना जरूरी है। 14 अप्रैल तक करीब 56,497 कंपनियां रजिस्टर कर चुकी थीं और उन्हें कुल 127 अरब डॉलर (ब्याज सहित) तक की वापसी मिल सकती है। विशेषज्ञों का कहना है कि इसका फायदा आगे चलकर आम ग्राहकों तक भी पहुंच सकता है, क्योंकि कई कंपनियां ये पैसा वापस मिलने पर ग्राहकों को भी राहत दे सकती हैं। हालांकि, यह प्रक्रिया धीरे-धीरे ही पूरी होगी।
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