{"_id":"636d202142b3df02ec37a528","slug":"british-sikh-military-personnel-get-special-tactical-nitnem-gutka-sahib-prayer-book","type":"story","status":"publish","title_hn":"UK: ब्रिटिश सिख सैन्य कर्मियों के लिए नितनेम गुटका साहिब लॉन्च, 100 सालों में पहली बार उठाया गया ऐसा कदम","category":{"title":"World","title_hn":"दुनिया","slug":"world"}}
UK: ब्रिटिश सिख सैन्य कर्मियों के लिए नितनेम गुटका साहिब लॉन्च, 100 सालों में पहली बार उठाया गया ऐसा कदम
Thu, 10 Nov 2022 09:31 PM IST
शिव शरण शुक्ला
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, लंदन
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, लंदन
Published by: शिव शरण शुक्ला
Updated Thu, 10 Nov 2022 09:31 PM IST
सार
100 सालों में पहली बार इस तरह का कदम उठाया गया है। ब्रिटिश सेना के सैनिकों के लिए बनाए गए गुटका में छलावरण (सैन्य ड्रेस जैसा) कवर होता है और रॉयल नेवी तथा आरएएफ गुटका में नेवी ब्लू कवर होता है। इन प्रार्थाना पुस्तकों को तीन भाषाओं में प्रिंट किया गया है। इसमें प्रथम विश्व युद्ध के दौरान की तस्वीरों को भी शामिल किया गया है।
विज्ञापन
नितनेम गुटका साहिब को किया गया लॉन्च
- फोटो : सोशल मीडिया
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
ब्रिटेन के रक्षा विभाग ने ऐतिहासिक कदम उठाया है। यहां, ब्रिटिश सिख सैन्य कर्मियों के लिए पहली बार दैनिक सिख प्रार्थना पुस्तक नितनेम गुटका साहिब को लांच किया गया है। गुरुवार को इस पुस्तक को ब्रिटेन के रक्षा सिख नेटवर्क द्वारा लंदन में एक समारोह में जारी की गई। सिख सैन्य कर्मियों के लिए लांच की गई नितनेम गुटका साहिब वाटर प्रूफ है। इसे सिख सैनिक ड्यूटी पर साथ ले जा सकेंगें।
विज्ञापन
जानकारी के मुताबिक, 100 सालों में पहली बार इस तरह का कदम उठाया गया है। ब्रिटिश सेना के सैनिकों के लिए बनाए गए गुटका में छलावरण (सैन्य ड्रेस जैसा) कवर होता है और रॉयल नेवी तथा आरएएफ गुटका में नेवी ब्लू कवर होता है। इन प्रार्थाना पुस्तकों को तीन भाषाओं में प्रिंट किया गया है। इसमें प्रथम विश्व युद्ध के दौरान की तस्वीरों को भी शामिल किया गया है।
विज्ञापन
बता दें कि ब्रिटेन के रक्षा सिख नेटवर्क के अध्यक्ष मेजर दलजिंदर सिंह विरदी काफी लंबे समय से सिख सैन्य कर्मियों के लिए इस तरह की मांग कर रहे थे। उन्होंने बताया कि ब्रिटिश सेना कई वर्षों से ईसाई धार्मिक ग्रंथ उपलब्ध करा रही है। ऐसे में मैनें सेना में सिख सैनिकों के लिए बदलाव का अवसर देखा और धर्म के लिए सिख ग्रंथ प्रदान करने की मांग की। उन्होंने बताया कि प्रथम विश्व युद्ध में कई सिख सैनिक मित्र देशों की सेनाओं के साथ और बाद में द्वितीय विश्व युद्ध में भी लड़े। इसे हाल ही में पश्चिमी लंदन में शेफर्ड बुश में केंद्रीय गुरुद्वारा खालसा जत्थे में लॉन्च किया गया था।
विज्ञापन
उन्होंने कहा, "सिखों के लिए, हमारे ग्रंथ केवल शब्द नहीं हैं, वे हमारे गुरु के जीवित अवतार हैं। हम प्रतिदिन शास्त्रों को पढ़ने से नैतिक शक्ति और शारीरिक शक्ति प्राप्त करते हैं, यह हमें अनुशासन देता है और यह हमें आध्यात्मिक रूप से विकसित करता है।"