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उपलब्धि: ब्रिटिश वैज्ञानिकों ने बनाया कोविड अलार्म, अब बिना जांच के 15 मिनट में होगी कोरोना संक्रमितों की पहचान

Tue, 15 Jun 2021 02:31 PM IST
प्रियंका तिवारी वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, लंदन
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, लंदन Published by: प्रियंका तिवारी Updated Tue, 15 Jun 2021 02:31 PM IST
सार

ब्रिटेन के वैज्ञानिकों ने एक ऐसा डिवाइस तैयार किया है, जिसकी मदद से अब भीड़भाड़ वाली जगहों पर या फिर किसी कमरे में कोरोना संक्रमित शख्स की बिना आरटी-पीसीआर टेस्ट के आसानी से पहचान हो सकेगी।

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British scientists made Covid alarm now corona infected will be identified in 15 minutes without any test
प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : ANI

विस्तार

बिना कोरोना की जांच कराए यह पुष्टि कर पाना लगभग असंभव है कि कौन सा शख्स कोरोना वायरस से संक्रमित है और कौन नहीं। हालांकि, ब्रिटेन के लंदन स्कूल ऑफ हाइजीन एंड ट्रॉपिकल मेडिसिन (एलएसएचटीएम) और डरहम यूनिवर्सिटी के वैज्ञानिकों ने एक ऐसी डिवाइस बनाने में सफलता हासिल की है, जो महज 15 मिनट में ही यह बता देगा कि कमरे के अंदर मौजूद कोई व्यक्ति कोरोना संक्रमित है या नहीं। यदि कमरा बड़ा हुआ तो यह डिवाइस कोरोना संक्रमितों की पहचान करने में 30 मिनट का समय लेगी। बता दें यह डिवाइस त्वचा और सांसों से बाहर निकले रसायनों का पता लगाकर संक्रमितों की पहचान करती है। 

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कोविड के लक्षण न होने पर भी संक्रमित को पहचान लेगी डिवाइस 
डिवाइस की टेस्टिंग के आधार पर डिवाइस में नतीजों की सटीकता का स्तर 98 से 100 फीसदी तक है। यानी यह कोरोना के आरटी-पीसीआर और एंटीजन टेस्ट की तुलना में कहीं ज्यादा सटीकता से कोरोना संक्रमितों के बारे में जानकारी देने में सक्षम है। वैज्ञानिकों ने बताया कि यदि वय्कित में कोरोना के लक्षण न हों, तब भी यह डिवाइस संक्रमित को पहचान लेती है। वैसे अभी डिवाइस के परीक्षण के शुरुआती नतीजों की समीक्षा बाकि है। सार्वजनिक स्थानों पर संक्रमण का पता लगाने और कोरोना के अलावा भविष्य में अन्य महामारियों की पहचान के लिए यह डिवाइस काफी कारगर साबित होगी। 
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कैसे काम करती है यह डिवाइस?
यह डिवाइस त्वचा और सांसों से बाहर निकले रसायनों का पता लगाकर संक्रमितों की पहचान करती है। वायरस के चलते वाष्पशील कार्बनिक यौगिकों में बदलाव होने लगता है, इससे शरीर में गंध पैदा होती है। डिवाइस में लगे सेंसर इसी गंध को पहचान लेते हैं। बाद में यह डिवाइस संक्रमण की जानकारी अधिकृत व्यक्ति को मैसेज के जरिये भेज देती है। 
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5.15 लाख की है एक डिवाइस 
डरहम यूनिवर्सिटी में बायोसाइंस के प्रोफेसर स्टीव लिंडसे ने बताया कि हर बीमारी की अलग गंध होती है। कोरोना संक्रमित और सामान्य लोगों की गंध अलग-अलग होती है। इसी की वजह से हमारा काम आसान हो गया। उन्होंने बताया कि डिवाइस करीब 5.15 लाख रुपये की है, लेकिन ऐसी जानलेवा महामारियों की पहचान के लिए यह बहुत बड़ी राशि नहीं है।  कोरोना संक्रमितों की जानकारी देने वाली यह डिवाइस आने वाले समय में विमानों के केबिन, क्लासरूम, केयर सेंटर, घरों और कार्यालयों में स्क्रीनिंग के लिए उपयोगी साबित हो सकती है। इस डिवाइस को कोविड अलार्म नाम दिया गया है और इसका आकार स्मोक अलार्म से थोड़ी ज्यादा है।

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