Pakistan: ब्रिटिश-पाकिस्तान कट्टरपंथी उपदेशक अंजेम चौधरी को उम्रकैद, आतंकवादी संगठन चलाने का पाया गया दोषी
57 वर्षीय चौधरी को आतंकवादी संगठन एएलएम अल-मुहाजिरौन में कार्यवाहक की भूमिका निभाते हुए पाया गया था। लंदन की वूलविच क्राउन कोर्ट ने मुकदमे की सुनवाई के दौरान चौधरी को आंतकवादी समूह चलाने और उसके समर्थन के लिए ऑनलाइन बैठक करने का दोषी माना।
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ब्रिटिश और पाकिस्तान की दोहरी नागरिकता वाले कट्टरपंथी इस्लामिक उपदेशक अंजेम चौधरी को मंगलवार को प्रतिबंधित आतंकवादी संगठन चलाने का दोषी पाया गया। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर हुई संयुक्त जांच के बाद चौधरी को यूके में उम्रकैद की सजा सुनाई गई। 57 वर्षीय चौधरी को आतंकवादी संगठन एएलएम अल-मुहाजिरौन में कार्यवाहक की भूमिका निभाते हुए पाया गया था। लंदन की वूलविच क्राउन कोर्ट ने मुकदमे की सुनवाई के दौरान चौधरी को 2014 से एक विशेष समय तक आंतकवादी समूह चलाने और उसके समर्थन के लिए ऑनलाइन बैठक करने का दोषी माना।
मेट्रोपॉलिटन पुलिस, न्यूयॉर्क पुलिस विभाग और रॉयल कैनेडियन माउंटेड पुलिस की जांच के परिणाम के बाद 30 जुलाई को कोर्ट ने फैसला सुनाया। इसमें चौधरी को आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई। मेट्रोपॉलिटन पुलिस के आतंकवाद रोधी विंग के प्रमुख कमांडर डोमिनिक मर्फी ने बताया कि एएलएम का जाल दुनियाभर में बढ़ रहा है। इससे विश्वभर में लोगों की सुरक्षा और संरक्षा पर असर पड़ रहा है। बताया गया कि एएलएम को पहली बार यूके में 2006 में अल घुराबा के नाम से प्रतिबंधित किया गया था। चौधरी इसके प्रमुख तीन सदस्यों में से एक था।
जांच एजेंसी क्राउन प्रॉसिक्यूशन सर्विस ने बताया कि चौधरी ने 2023 तक एएलएम के नेता के तौर पर काम किया और इस्लामिक थिंकर्स सोसाइटी को ऑनलाइन भाषण देकर एएलएम का समर्थन किया। बता दें कि चौधरी को 2018 में आईएसआईएस आतंकवादी संगठन का समर्थन करने पर पांच साल की सजा सुनाई गई थी। मगर उन्हें पहले रिहा कर दिया गया और 2021 तक उन पर इंटरनेट का इस्तेमाल करने पर पाबंदी लगा दी गई थी। मगर जैसे ही यह पाबंदी खत्म हुई तो चौधरी ने अपने घर इलफोर्ड से व्हाट्सएप, टेलीग्राम के जरिये फिर से इस्लामिक संगठन के समर्थन का काम शुरू कर दिया।
पिछले साल जुलाई में लंदन के एक एयरपोर्ट से चौधरी के एक सहयोगी 29 वर्ष के खालेद हुसैन को हिरासत में लिया गया था। उसे एएलएम का सदस्य होने का दोषी पाया गया था। जांच एजेंसी ने कोर्ट को बताया कि जून 2022 से अपनी गिरफ्तारी होने तक चौधरी ने छोटे-छोटे समूहों में ऑनलाइन उपदेश देकर ब्रिटेन में इस्लामिक स्टेट की स्थापना पर जोर दिया।