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चार साल पहले आईएस में शामिल हुआ था ब्रिटेन का यह पूरा परिवार, अब हुआ ये हाल
Sat, 29 Jun 2019 08:39 AM IST
Sneha Baluni
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला
Published by: Sneha Baluni
Updated Sat, 29 Jun 2019 08:39 AM IST
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सांकेतिक तस्वीर
- फोटो : Shutterstock
2015 में ब्रिटेन का एक परिवार उस समय चर्चा में आया था जब परिवार के सभी 12 सदस्यों ने आतंकी संगठन आईएसआईएस में शामिल होने का फैसला लिया था। परिवार में तीन बच्चे भी शामिल थे जिनकी उम्र एक से ग्यारह साल के बीच थी। सीरिया भागकर जाने वाले इस परिवार को लेकर अब एक खबर सामने आ रही है। बताया जा रहा है कि पूरे परिवार की मौत हो चुकी है।
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मेल ऑनलाइन की खबर के अनुसार मोहम्मद मन्नान के परिवार में तीन बड़े बेटों के अलावा तीन छोटे-छोटे बच्चे और महिलाएं भी शामिल थीं। रिपोर्ट के अनुसार परिवार के तीन बड़े लड़के आईएस के लिए लड़ते हुए मारे गए जबकि बाकी के सात सदस्य एयरस्ट्राइक का निशाना बन गए। वहीं परिवार के मुखिया मन्नान और उनकी पत्नी मिनेरा की मौत स्वास्थ्य कारणों से हुई।
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मन्नान ने दो शादियां की थीं। पहली पत्नी से हुए बेटे सलीम ने सभी की मौत की पुष्टि की है। यह परिवार ब्रिटेन के ल्यूटन शहर में रहता था। सलीम ने कहा, 'वह सभी मर गए हैं। हम सालों से उनकी तलाश कर रहे थे लेकिन अब खबर मिली है कि पूरा परिवार खत्म हो गया है।' माना जाता है कि मई 2015 में परिवार तुर्की से लौटते ही सीरिया पहुंच गया था।
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पहले यह परिवार बांग्लादेश स्थित एक रिश्तेदार के घर गया इसके बाद वह तुर्की गए। जब परिवार ब्रिटेन नहीं पहुंचा और ल्यूटन में मौजूद परिजनों को उनके बारे में कोई खबर नहीं मिली तो मामला पुलिस के पास पहुंचा। पुलिस ने इस मामले में गुमशुदगी का मामला दर्ज किया था। जुलाई 2015 में मन्नान परिवार ने सीरिया से एक बयान जारी किया था। जिसमें उनका कहना था कि वह आईएस का समर्थन करते हैं और इस संगठन के साथ उनकी खुशी है।
बयान में परिवार ने कहा था, 'हम ऐसी जमीन पर रहना चाहते हैं जहां भ्रष्टाचार न हो। इंसान के बनाए कानून के बजाए शरिया कानून चलता हो। हमारा 12 सदस्यीय परिवार अब आईएस के साथ है। यह संख्या आपको चौंका क्यो रही है। दुनियाभर से मुसलमान जमीन और पानी के जरिए रोजाना आईएस पहुंच रहे हैं।'
75 साल के मन्नान डायबिटिज से ग्रस्त थे। उनकी मौत स्वास्थ्य कारणों से हुई है। जबकि उनकी पत्नी की मौत कैंसर की वजह से सीरिया में हुई। 2017 में उनके दो बेटे 25 साल के जायद हुसैन और 19 साल के तौफीक हुसैन आईएस के लिए लड़ते हुए अमेरिका के हाथों मारे गए। बाकी बचा परिवार एयर स्ट्राइक का शिकार बना।