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ब्रिटिश पार्लियामेंट के भीतर गूंजा कश्मीर मुद्दा

Fri, 20 Jan 2017 09:15 AM IST
एजेंसी/ लंदन 
एजेंसी/ लंदन  Updated Fri, 20 Jan 2017 09:15 AM IST
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Britain parliament debate on Kashmir Issue

ब्रिटिश सांसदों ने बृहस्पतिवार को ब्रिटेन की संसद में कश्मीर मसले पर बहस की और साथ ही इस क्षेत्र में बढ़ती हिंसा के प्रति चिंता जताई। हाउस ऑफ कामेंस के समक्ष एक प्रस्ताव पारित कर सांसदों ने ब्रिटिश सरकार से इस विवाद के दीर्घकालीन समाधान के लिए शांति वार्ता बहाली के लिए भारत और पाकिस्तान को प्रोत्साहित करने का आग्रह किया है।

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कंजर्वेटिव पार्टी के सांसद बॉब ब्लैकमैन ने कहा, ‘यह किसी भी संप्रभु राष्ट्र की आंतरिक राजनीति में हस्तक्षेप करने की ब्रिटेन की भूमिका नहीं है। लेकिन लद्दाख, जम्मू एंड कश्मीर के निर्दोष लोगों की पीड़ा को कम करने और उन्हें सुविधाजनक मदद के लिए हमें तैयार रहना चाहिए।’ ब्लैकमैन लंबे समय से इस क्षेत्र से पलायन हो चुके कश्मीरी पंडितों के अधिकारों के लिए लंबे समय से अभियान चलाए हुए हैं। 
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सांसदों के बीच बहस के दौरान ब्लैकमैन ने कहा, ‘आज 1990 के उस भयानक दिनों की याद आ गई जब कश्मीरी हिंदुओं को जबरन अपने घरों को छोड़ने के लिए मजबूर किया गया। मैं पिछले 27 वर्षों से इस मसले पर ध्यानाकर्षित कर रहा हूं। पूरा लद्दाख, जम्मू एंड कश्मीर भारत का अभिन्न अंग हैं और भारत और पाकिस्तान दोनों को संयुक्त राष्ट्र प्रस्ताव का अवश्य पालना करना चाहिए।’ 
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कश्मीर पर इस बहस को ऑल पार्टी पार्लियामेंट ग्रुप (एपीपीजी) द्वारा आयोजित किया गया था। यह समूह 1989 और 1990 के बीच कश्मीर घाटी में जबरन अपने घरों से पलायन कर चुके तकरीबन 700000 कश्मीर पंडितों को न्याय दिलाने के लिए आवाज उठाता आ रहा है। 

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