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किंग चार्ल्स III: ब्रिटेन में 70 साल बाद हुआ राज्याभिषेक,जानें महारानी के निधन के आठ महीने बाद ताजपोशी क्यों?
Sat, 06 May 2023 06:13 PM IST
शिवेंद्र तिवारी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: शिवेंद्र तिवारी
Updated Sat, 06 May 2023 06:13 PM IST
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किंग चार्ल्स III राज्याभिषेक
- फोटो :
AMAR UJALA
विस्तार
ब्रिटेन में आज यानी शनिवार को किंग चार्ल्स तृतीय का राज्याभिषेक धूमधाम से हुआ। लंदन स्थित वेस्टमिंस्टर एब्बे में भव्य राज्याभिषेक समारोह में ब्रिटेन के राजा का ताज पहनाया गया। कैंटरबरी के आर्कबिशप ने राजा को 360 साल पुराना ताज पहनाया। महारानी एलिजाबेथ द्वितीय के निधन के बाद से ही किंग चार्ल्स के राज्याभिषेक की तैयारियां चल रही थीं।राज्याभिषेक क्यों किया गया? ब्रिटेन में राज्याभिषेक क्या होता है? इस कार्यक्रम में किसकी मौजूदगी रही? भारत के लिए इसमें क्या रहा? आइये जानते हैं…
किंग चार्ल्स को राज्याभिषेक समारोह में पहनाया गया ताज
- फोटो :
एएनआई
राज्याभिषेक क्यों किया गया?
पिछले साल सितंबर में महारानी एलिजाबेथ द्वितीय के निधन के बाद ब्रिटिश सिंहासन पर पहुंचे 74 वर्षीय किंग चार्ल्स और उनकी पत्नी क्वीन कैमिला को शनिवार को वेस्टमिंस्टर एब्बे में एक धार्मिक समारोह में औपचारिक रूप से ताज पहनाया गया।
ऐसा आयोजन 70 साल के अंतराल के बाद हुआ है, इससे पहले ऐसी शाही परंपरा आखिरी बार 1953 में दिवंगत क्वीन के लिए देखी गई थी। कोरोनेशन का आयोजन भव्य पैमाने पर किया जा रहा है। छह से आठ मई के बीच ब्रिटेन में यह उत्सव भव्य कार्यक्रमों के बीच समाप्त होगा।
पिछले साल सितंबर में महारानी एलिजाबेथ द्वितीय के निधन के बाद ब्रिटिश सिंहासन पर पहुंचे 74 वर्षीय किंग चार्ल्स और उनकी पत्नी क्वीन कैमिला को शनिवार को वेस्टमिंस्टर एब्बे में एक धार्मिक समारोह में औपचारिक रूप से ताज पहनाया गया।
ऐसा आयोजन 70 साल के अंतराल के बाद हुआ है, इससे पहले ऐसी शाही परंपरा आखिरी बार 1953 में दिवंगत क्वीन के लिए देखी गई थी। कोरोनेशन का आयोजन भव्य पैमाने पर किया जा रहा है। छह से आठ मई के बीच ब्रिटेन में यह उत्सव भव्य कार्यक्रमों के बीच समाप्त होगा।
king charles iii
- फोटो :
सोशल मीडिया
ब्रिटेन में राज्याभिषेक क्या होता है?
राज्याभिषेक वह समारोह है जिस पर सम्राट को औपचारिक तौर पर ताज पहनाया जाता है। यह समारोह पहले राजा या रानी की मौत के शोक का वक्त पूरा होने के बाद होता है। परंपरागत रूप से, राज्याभिषेक विशुद्ध रूप से एक संस्कारपूर्ण और धार्मिक आयोजन है, जिसे एक उत्सव के रूप में आयोजित किया जाता है।
यह समारोह कैंटरबरी के आर्चबिशप, एंग्लिकन कम्युनियन के आध्यात्मिक प्रमुख द्वारा आयोजित किया जाता है। पिछले 900 वर्षों से राज्याभिषेक समारोह वेस्टमिंस्टर एब्बे में आयोजित होता आया है।
राज्याभिषेक समारोह में उन्हें ताज और शाही सामग्री से विभूषित किया गया। महाराजा को उनकी पत्नी महारानी कैमिला के साथ ताज पहनाया गया। यह आमतौर पर नए राजा के बनने के कई महीनों बाद होता है। परंपरा के अनुसार, ब्रिटेन के राजाओं और रानियों को 1066 में विलियम द कॉन्करर के बाद से वेस्टमिंस्टर एब्बे में ताज पहनाया जाता है।
राज्याभिषेक वह समारोह है जिस पर सम्राट को औपचारिक तौर पर ताज पहनाया जाता है। यह समारोह पहले राजा या रानी की मौत के शोक का वक्त पूरा होने के बाद होता है। परंपरागत रूप से, राज्याभिषेक विशुद्ध रूप से एक संस्कारपूर्ण और धार्मिक आयोजन है, जिसे एक उत्सव के रूप में आयोजित किया जाता है।
यह समारोह कैंटरबरी के आर्चबिशप, एंग्लिकन कम्युनियन के आध्यात्मिक प्रमुख द्वारा आयोजित किया जाता है। पिछले 900 वर्षों से राज्याभिषेक समारोह वेस्टमिंस्टर एब्बे में आयोजित होता आया है।
राज्याभिषेक समारोह में उन्हें ताज और शाही सामग्री से विभूषित किया गया। महाराजा को उनकी पत्नी महारानी कैमिला के साथ ताज पहनाया गया। यह आमतौर पर नए राजा के बनने के कई महीनों बाद होता है। परंपरा के अनुसार, ब्रिटेन के राजाओं और रानियों को 1066 में विलियम द कॉन्करर के बाद से वेस्टमिंस्टर एब्बे में ताज पहनाया जाता है।
बकिंघम पैलेस में महारानी
- फोटो :
PTI
महारानी के निधन के आठ महीने बाद ताजपोशी क्यों?
आठ सितंबर 2022 को महारानी एलिजाबेथ द्वितीय के निधन के बाद, ब्रिटिश उत्तराधिकार के कानूनों के अनुसार, बिना किसी समारोह के सिंहासन उनके बेटे और उत्तराधिकारी चार्ल्स के पास चला गया। ब्रिटिश कानून के कारण सिंहासन का उत्तराधिकारी पिछले राजा/रानी की मृत्यु के तुरंत बाद राजा या रानी बन जाता है। ऐसा कोई समय नहीं होता है जब राज्य का कोई राजा या रानी न हो।
महारानी एलिजाबेथ द्वितीय की मृत्यु के दो दिन बाद ताजपोशी की आधिकारिक प्रक्रिया 10 सितंबर को शुरू हुई। इस दिन किंग चार्ल्स III को ब्रिटेन के नए राजा के रूप में घोषित करने के लिए सेंट जेम्स पैलेस में परिग्रहण परिषद की बैठक हुई। प्रिवी काउंसिल नाम का यह समारोह नए राजा के लिए पहला आधिकारिक समारोह था, जहां उन्होंने स्कॉटलैंड के चर्च की रक्षा करने की शपथ ली।
उसके बाद से, उत्तरी आयरलैंड और वेल्स की आवश्यक यात्राओं सहित राजा बनने के कई चरणों की शुरुआत हुई। मई तक, किंग चार्ल्स और शाही परिवार 'ऑपरेशन गोल्डन ऑर्ब' पर काम करते रहे। 'ऑपरेशन गोल्डन ऑर्ब' राज्याभिषेक समारोह की योजनाओं के लिए दिया गया नाम है। ब्रिटिश क्राउन की आधिकारिक वेबसाइट के मुताबिक, एक नए राजा का राज्याभिषेक उसके परिग्रहण के कुछ महीनों बाद, शोक की अवधि के बाद होता है। इसीलिए महारानी एलिजाबेथ द्वितीय भी 16 महीने बाद 2 जून 1953 को गद्दी पर बैठीं जबकि उनके पिता किंग जॉर्ज VI की मृत्यु 6 फरवरी 1952 को हुई थी।
आठ सितंबर 2022 को महारानी एलिजाबेथ द्वितीय के निधन के बाद, ब्रिटिश उत्तराधिकार के कानूनों के अनुसार, बिना किसी समारोह के सिंहासन उनके बेटे और उत्तराधिकारी चार्ल्स के पास चला गया। ब्रिटिश कानून के कारण सिंहासन का उत्तराधिकारी पिछले राजा/रानी की मृत्यु के तुरंत बाद राजा या रानी बन जाता है। ऐसा कोई समय नहीं होता है जब राज्य का कोई राजा या रानी न हो।
महारानी एलिजाबेथ द्वितीय की मृत्यु के दो दिन बाद ताजपोशी की आधिकारिक प्रक्रिया 10 सितंबर को शुरू हुई। इस दिन किंग चार्ल्स III को ब्रिटेन के नए राजा के रूप में घोषित करने के लिए सेंट जेम्स पैलेस में परिग्रहण परिषद की बैठक हुई। प्रिवी काउंसिल नाम का यह समारोह नए राजा के लिए पहला आधिकारिक समारोह था, जहां उन्होंने स्कॉटलैंड के चर्च की रक्षा करने की शपथ ली।
उसके बाद से, उत्तरी आयरलैंड और वेल्स की आवश्यक यात्राओं सहित राजा बनने के कई चरणों की शुरुआत हुई। मई तक, किंग चार्ल्स और शाही परिवार 'ऑपरेशन गोल्डन ऑर्ब' पर काम करते रहे। 'ऑपरेशन गोल्डन ऑर्ब' राज्याभिषेक समारोह की योजनाओं के लिए दिया गया नाम है। ब्रिटिश क्राउन की आधिकारिक वेबसाइट के मुताबिक, एक नए राजा का राज्याभिषेक उसके परिग्रहण के कुछ महीनों बाद, शोक की अवधि के बाद होता है। इसीलिए महारानी एलिजाबेथ द्वितीय भी 16 महीने बाद 2 जून 1953 को गद्दी पर बैठीं जबकि उनके पिता किंग जॉर्ज VI की मृत्यु 6 फरवरी 1952 को हुई थी।
बकिंघम पैलेस के अंदर का नजारा
- फोटो :
Social media
राज्याभिषेक का समय क्या था?
किंग चार्ल्स III का राज्याभिषेक का कार्यक्रम लंदन के समयानुसार सुबह 11 बजे (भारतीय समयानुसार 4:30 PM) शुरू हुआ। ब्रिटेन में बीबीसी, आईटीवी और स्काई न्यूज जैसे चैनलों के माध्यम से लाइव प्रसारण किया गया।
किंग चार्ल्स III का राज्याभिषेक का कार्यक्रम लंदन के समयानुसार सुबह 11 बजे (भारतीय समयानुसार 4:30 PM) शुरू हुआ। ब्रिटेन में बीबीसी, आईटीवी और स्काई न्यूज जैसे चैनलों के माध्यम से लाइव प्रसारण किया गया।
कार्यक्रम की लागत कितनी है?
किंग चार्ल्स III के राज्याभिषेक पर लगभग 1021.5 करोड़ रुपए से अधिक खर्च होने का अनुमान है। राज्याभिषेक का पूरा खर्च ब्रिटिश सरकार उठाएगी क्योंकि यह इसका एक विषय है। अनुमानित लागत महारानी एलिजाबेथ द्वितीय के 1953 के राज्याभिषेक से दोगुनी है, उस वक्त ब्रिटिश सरकार ने 1.5 मिलियन पाउंड खर्च किए थे। यह राशि आज लगभग लगभग 528.7 करोड़ रुपए के बराबर है।
किंग चार्ल्स III के राज्याभिषेक पर लगभग 1021.5 करोड़ रुपए से अधिक खर्च होने का अनुमान है। राज्याभिषेक का पूरा खर्च ब्रिटिश सरकार उठाएगी क्योंकि यह इसका एक विषय है। अनुमानित लागत महारानी एलिजाबेथ द्वितीय के 1953 के राज्याभिषेक से दोगुनी है, उस वक्त ब्रिटिश सरकार ने 1.5 मिलियन पाउंड खर्च किए थे। यह राशि आज लगभग लगभग 528.7 करोड़ रुपए के बराबर है।
ऋषि सुनक ने लंदन के बकिंघम पैलेस में किंग चार्ल्स III से मुलाकात की
- फोटो :
सोशल मीडिया
राज्याभिषेक के दौरान मेहमान कौन?
ताजपोशी के भव्य समारोह के लिए विभिन्न तैयारियां की गई थीं। इसमें 2,200 मेहमानों ने शिरकत किया। हालांकि, यह आंकड़ा 1953 में महारानी एलिजाबेथ के राज्याभिषेक के लिए आए 8,000 मेहमानों से बहुत कम रहा। मेहमानों में ब्रिटिश शाही परिवार रहा, जिसमें चार्ल्स के छोटे बेटे प्रिंस हैरी भी शामिल हैं।
अन्य विदेशी राजा, मंत्री और राष्ट्राध्यक्ष भी मौजूद रहे। अमेरिका की प्रथम महिला जिल बाइडन ने अमेरिका का प्रतिनिधित्व किया और चीन के उपराष्ट्रपति हान झेंग ने बीजिंग की ओर से भाग लिया। चार्ल्स और कैमिला के दोस्त भी समारोह में मौजूद रहे।
ताजपोशी के भव्य समारोह के लिए विभिन्न तैयारियां की गई थीं। इसमें 2,200 मेहमानों ने शिरकत किया। हालांकि, यह आंकड़ा 1953 में महारानी एलिजाबेथ के राज्याभिषेक के लिए आए 8,000 मेहमानों से बहुत कम रहा। मेहमानों में ब्रिटिश शाही परिवार रहा, जिसमें चार्ल्स के छोटे बेटे प्रिंस हैरी भी शामिल हैं।
अन्य विदेशी राजा, मंत्री और राष्ट्राध्यक्ष भी मौजूद रहे। अमेरिका की प्रथम महिला जिल बाइडन ने अमेरिका का प्रतिनिधित्व किया और चीन के उपराष्ट्रपति हान झेंग ने बीजिंग की ओर से भाग लिया। चार्ल्स और कैमिला के दोस्त भी समारोह में मौजूद रहे।
उप-राष्ट्रपति जगदीप धनखड़।
- फोटो :
अमर उजाला
जगदीप धनखड़ ने किया भारत का प्रतिनिधित्व
उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ ने ब्रिटेन के सम्राट चार्ल्स-तृतीय और क्वीन कैमिला के राज्याभिषेक में भारत का प्रतिनिधित्व किया। 1953 में महारानी एलिजाबेथ द्वितीय के राज्याभिषेक में तत्कालीन प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू ने भारत का प्रतिनिधित्व किया था। चार्ल्स की ताजपोशी के लिए ब्रिटेन ने शुरुआत में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू को आमंत्रित किया था, लेकिन उनके स्थान पर धनखड़ कार्यक्रम में शामिल हुए।
उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ ने ब्रिटेन के सम्राट चार्ल्स-तृतीय और क्वीन कैमिला के राज्याभिषेक में भारत का प्रतिनिधित्व किया। 1953 में महारानी एलिजाबेथ द्वितीय के राज्याभिषेक में तत्कालीन प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू ने भारत का प्रतिनिधित्व किया था। चार्ल्स की ताजपोशी के लिए ब्रिटेन ने शुरुआत में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू को आमंत्रित किया था, लेकिन उनके स्थान पर धनखड़ कार्यक्रम में शामिल हुए।
सोनम कपूर
- फोटो :
सोशल मीडिया
सात मई के इवेंट में शामिल होंगी बॉलीवुड एक्ट्रेस सोनम
बॉलीवुड एक्ट्रेस सोनम कपूर सात मई को होने वाले किंग चार्ल्स III की ताजपोशी इवेंट का हिस्सा बनने जा रही हैं। समारोह में ट्रॉम क्रूज और केटी पेरी जैसे सितारों के बीच सोनम एकमात्र भारतीय सेलिब्रिटी बनकर इवेंट में चार चांद लगाती दिखेंगी। सोनम कपूर इस ताजपोशी इवेंट में कॉमनवेल्थ वर्चुअल क्वायर का परिचय देंगी।
बॉलीवुड एक्ट्रेस सोनम कपूर सात मई को होने वाले किंग चार्ल्स III की ताजपोशी इवेंट का हिस्सा बनने जा रही हैं। समारोह में ट्रॉम क्रूज और केटी पेरी जैसे सितारों के बीच सोनम एकमात्र भारतीय सेलिब्रिटी बनकर इवेंट में चार चांद लगाती दिखेंगी। सोनम कपूर इस ताजपोशी इवेंट में कॉमनवेल्थ वर्चुअल क्वायर का परिचय देंगी।
बकिंघम पैलेस लंदन
- फोटो :
Pixabay
'किंग के प्रति निष्ठा की शपथ' पर सांसदों का विरोध
कार्यक्रम से पहले, ब्रिटेन के सबसे बड़े पादरी ने लोगों से अपील की थी कि वह अपने राजा के प्रति शपथ लें। लोग यह कहते हुए शपथ लें कि मैं शपथ लेता हूं कि मैं आपके और आपके उत्तराधिकारियों के प्रति कानून के साथ सच्ची निष्ठा निभाऊंगा। इसमें भगवान मेरी मदद करें।
ब्रिटिश राजशाही के उन्मूलन के लिए अभियान चलाने वाले ग्राहम स्मिथ ने कहा कि लोगों के प्रति निष्ठा की शपथ राज्य को लेनी चाहिए न कि इसके उलट। वहीं, ग्रीन के सह-नेता एड्रियन रामसे सहित अन्य नेताओं ने भी इस पर आपत्ति जताई।
रामसे ने कहा कि यह प्रतिज्ञा कुछ हद तक पुरानी है। ग्रीन पीयर जेनी जोन्स ने भी किंग चार्ल्स के प्रति निष्ठा की कसम खाने वाली अपील पर संदेह व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि निष्ठा के प्रति शपथ लेने को कहना अजीब है। राजशाही एक पुरानी संस्था है इसमें सुधार करने की आवश्यकता है।
कार्यक्रम से पहले, ब्रिटेन के सबसे बड़े पादरी ने लोगों से अपील की थी कि वह अपने राजा के प्रति शपथ लें। लोग यह कहते हुए शपथ लें कि मैं शपथ लेता हूं कि मैं आपके और आपके उत्तराधिकारियों के प्रति कानून के साथ सच्ची निष्ठा निभाऊंगा। इसमें भगवान मेरी मदद करें।
ब्रिटिश राजशाही के उन्मूलन के लिए अभियान चलाने वाले ग्राहम स्मिथ ने कहा कि लोगों के प्रति निष्ठा की शपथ राज्य को लेनी चाहिए न कि इसके उलट। वहीं, ग्रीन के सह-नेता एड्रियन रामसे सहित अन्य नेताओं ने भी इस पर आपत्ति जताई।
रामसे ने कहा कि यह प्रतिज्ञा कुछ हद तक पुरानी है। ग्रीन पीयर जेनी जोन्स ने भी किंग चार्ल्स के प्रति निष्ठा की कसम खाने वाली अपील पर संदेह व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि निष्ठा के प्रति शपथ लेने को कहना अजीब है। राजशाही एक पुरानी संस्था है इसमें सुधार करने की आवश्यकता है।
बकिंघम पैलेस
- फोटो :
Social Media
ताजपोशी से पहले थी सुरक्षा की चिंता
इस बीच, बकिंघम पैलेस की सुरक्षा की चिंता जताई गई थी। दरअसल, मंगलवार को एक व्यक्ति को महल के पास कुछ संदिग्ध वस्तु फेंकने पर पकड़ा गया था। लंदन में बकिंघम पैलेस के गेट के पास पहुंचने के बाद अधिकारियों ने मंगलवार शाम करीब सात बजे उस व्यक्ति को हिरासत में ले लिया।
पुलिस ने बताया कि लंदन में बकिंघम पैलेस के बाहर संदिग्ध शॉटगन के कारतूस फेंके जाने के बाद एक हल्का विस्फोट हुआ जिसके बाद एक शख्स को पकड़ा गया। इसके बाद महल को पूरी तरह से सील कर दिया गया। रिपोर्ट के मुताबिक, जब यह घटना हुई उस समय राजा और महारानी बकिंघम पैलेस में नहीं थे।
इस बीच, बकिंघम पैलेस की सुरक्षा की चिंता जताई गई थी। दरअसल, मंगलवार को एक व्यक्ति को महल के पास कुछ संदिग्ध वस्तु फेंकने पर पकड़ा गया था। लंदन में बकिंघम पैलेस के गेट के पास पहुंचने के बाद अधिकारियों ने मंगलवार शाम करीब सात बजे उस व्यक्ति को हिरासत में ले लिया।
पुलिस ने बताया कि लंदन में बकिंघम पैलेस के बाहर संदिग्ध शॉटगन के कारतूस फेंके जाने के बाद एक हल्का विस्फोट हुआ जिसके बाद एक शख्स को पकड़ा गया। इसके बाद महल को पूरी तरह से सील कर दिया गया। रिपोर्ट के मुताबिक, जब यह घटना हुई उस समय राजा और महारानी बकिंघम पैलेस में नहीं थे।