फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   World ›   Britain: Anti-vaccine groups against the vaccination of children, preparing to send legal notice to schools

ब्रिटेन: वैक्सीन विरोधी समूह बन गए हैं बच्चों के टीकाकरण में बाधा, स्कूलों को लीगल नोटिस भेजने की तैयारी

Wed, 13 Oct 2021 02:07 PM IST
Harendra Chaudhary वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, लंदन
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, लंदन Published by: Harendra Chaudhary Updated Wed, 13 Oct 2021 02:07 PM IST
सार

ब्रिटिश सरकार ने कहा है कि टीका लगाने से पहले माता-पिता की सहमति ली जाएगी। लेकिन अगर कोई बच्चा इस बारे में फैसला करने के लिहाज से खुद को परिपक्व मानता है, तो उसकी राय मानी जाएगी...

विज्ञापन
Britain: Anti-vaccine groups against the vaccination of children, preparing to send legal notice to schools
बच्चों को कोरोना वैक्सीन - फोटो : Agency (File Photo)

विस्तार

ब्रिटेन में स्कूली बच्चों को कोविड-19 का वैक्सीन लगाने के फैसले ने एक बड़े विवाद को जन्म दे दिया है। वैक्सीन विरोधी गुट लगातार इसके खिलाफ स्कूलों के गेट पर प्रदर्शन कर रहे हैं। उन्होंने कोविड-19 वैक्सीन के खिलाफ दुष्प्रचार का तेज अभियान छेड़ रखा है। उनका मकसद बच्चों के अभिभावकों के मन में वैक्सीन को लेकर डर पैदा करना है। उनकी प्रचार सामग्रियों में दावा किया गया है कि टीकों का ठीक से परीक्षण नहीं किया गया है और बच्चों को उन्हें लगाना खतरनाक है।

विज्ञापन


ब्लेडॉन शहर के सेंट थॉमस मूर कैथोलिक स्कूल के गेट पर बीते हफ्ते एक बड़ा वैक्सीन विरोधी प्रदर्शन हुआ। उसके बाद स्कूल की वेबसाइट पर डाले गए एक पत्र में हेड टीचर जोनाथन पार्किंसन ने कहा कि इस प्रदर्शन से बहुत से बच्चे बेहद बेचैन हैं। लेकिन स्कूल को ये सफाई देनी पड़ी कि बच्चों को टीका लगाया जाए या नहीं, इस बारे में स्कूल के अपने को कोई विचार नहीं हैं। चूंकि सरकार ने फैसला किया है, इसलिए स्कूल ने टीकाकरण की सुविधाएं उपलब्ध करवाई हैं।
विज्ञापन


खबरों के मुताबिक वैक्सीन विरोधी गुटों ने जगह-जगह पोस्टर लगाए हैं और बच्चों के बीच पर्चे बांट रहे हैं। इन पर्चों में लिखा है कि टीके का प्रयोग करने के लिए बच्चों का जानवरों की तरह इस्तेमाल किया जा रहा है। ब्रिटेन में 12 से 15 साल तक के बच्चों के लिए टीकाकरण अभियान पिछले महीने शुरू हुआ था। इसके तहत फाइजर-बायोएनटेक कंपनी का एक टीका हर बच्चे को लगाया जाएगा। टीकाकरण के लिए कई स्कूलों में कैंप लगाए गए हैं। ब्रिटिश सरकार ने कहा है कि टीका लगाने से पहले माता-पिता की सहमति ली जाएगी। लेकिन अगर कोई बच्चा इस बारे में फैसला करने के लिहाज से खुद को परिपक्व मानता है, तो उसकी राय मानी जाएगी।

विज्ञापन
विज्ञापन

वैक्सीन विरोधी गुट आउटरीच वर्ल्डवाइड ने इंस्टाग्राम पर डाले गए एक पोस्ट के जरिए बच्चों के टीकाकरण के खिलाफ आंदोलन का आह्वान किया। उसमें कहा गया- ‘बच्चों के पक्ष में खड़े हों। जिस दिन स्कूल में टीकाकरण हो, उसमें शांतिपूर्ण तरीकों से बाधा डालें।’ कुछ दूसरे वैक्सीन विरोधी गुटों ने स्कूलों के बाहर पोस्ट लगाए हैं, जिनमें लिखा है- ‘मम्मियां बच्चों को टीका लगाने का विरोध करती हैं’ और ‘ये वैक्सीन हमारे बच्चों को नुकसान पहुंच रही हैं’।

उधर वैक्सीन विरोधी वकीलों के संगठन लॉयर्स फॉर लिबर्टी ने एक ट्विट में एलान किया है कि वह उन बच्चों के माता-पिता की तरफ से स्कूलों को लीगल नोटिस भेजेगा, जिनकी सहमति के बिना टीका लगा दिया गया है। टीकाकरण विरोधी अभियान से सरकार भी चिंतित है। ब्रिटिश संसद के निचले सदन हाउस ऑफ कॉमन्स में इस मुद्दे पर चर्चा हुई। उसमें कौशल विकास मंत्री एलेक्स बर्गहार्ट ने कहा कि स्कूलों के बाहर वैक्सीन विरोधी प्रदर्शन पूरी तरह अस्वीकार्य हैं।

ब्रिटेन में अभी भी कोरोना संक्रमण की दर ऊंची बनी हुई है। लेकिन टीकाकरण का असर यह हुआ है कि अब बहुत कम मरीजों के अस्पताल में भर्ती होने की नौबत आ रही है। विशेषज्ञों ने कहा है कि ऊंची संक्रमण दर के बीच वैक्सीन विरोध समूह मुश्किलों को और बढ़ा रहे हैं।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get latest World News headlines in Hindi related political news, sports news, Business news all breaking news and live updates. Stay updated with us for all latest Hindi news.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed