फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   World ›   Brisbane: eam jaishankar says india Australia relationship will grow and foster in the times to come

Australia: 'आने वाले समय में बढ़ेगा और मजबूत होगा भारत-ऑस्ट्रेलिया का रिश्ता', ब्रिसबेन में बोले EAM जयशंकर

Sun, 03 Nov 2024 04:51 PM IST
पवन पांडेय वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला Published by: पवन पांडेय Updated Sun, 03 Nov 2024 04:51 PM IST
सार

सोमवार को ब्रिसबेन में बोलते हुए भारत के विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने कहा, मैं प्रधानमंत्री मोदी के उस वादे को पूरा करने आया हूं, जो उन्होंने सार्वजनिक तौर पर किया था कि वे ब्रिस्बेन में एक वाणिज्य दूतावास खोलेंगे।

विज्ञापन
Brisbane: eam jaishankar says india Australia relationship will grow and foster in the times to come
एस. जयशंकर, विदेश मंत्री - फोटो : ANI

विस्तार

भारत के विदेश मंत्री एस. जयशंकर एकदिवसीय ऑस्ट्रेलिया दौरे पर हैं, सोमवार को ब्रिसबेन में बोलते हुए कहा, मैं आज सिर्फ ब्रिस्बेन में कल एक वाणिज्य दूतावास का औपचारिक उद्घाटन करने नहीं आया हूं, बल्कि आप सभी का धन्यवाद करने आया हूं क्योंकि यह आपकी उपस्थिति, आपका प्रयास, आपका योगदान है, जिसकी वजह से यह वाणिज्य दूतावास का निर्माण संभव हो पाया है। मैं प्रधानमंत्री मोदी के उस वादे को पूरा करने आया हूं, जो उन्होंने सार्वजनिक तौर पर किया था कि वे ब्रिस्बेन में एक वाणिज्य दूतावास खोलेंगे।
विज्ञापन

 

'10 वर्षों में हमने बहुत महत्वपूर्ण प्रगति की है'
विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर ने आगे कहा, पिछले 10 वर्षों में, हमारा मानना है कि हमने बहुत महत्वपूर्ण प्रगति की है और मैं इस प्रगति का श्रेय इस तथ्य को दूंगा कि हमने कई ऐसे प्रयास शुरू किए हैं जो एक-दूसरे को बढ़ावा देते हैं, देश में व्यापार करना बहुत आसान बनाते हैं, जीवन को आसान बनाते हैं, गति शक्ति नामक कार्यक्रम के माध्यम से बुनियादी ढांचे में आमूल-चूल सुधार करते हैं, एक उल्लेखनीय रूप से प्रभावी डिजिटल सार्वजनिक बुनियादी ढांचे को लागू करते हैं, समग्र रूप से शासन की गुणवत्ता में सुधार करते हैं, राजनीतिक स्थिरता सुनिश्चित करते हैं जो लिए गए निर्णयों को पूरी तरह से लागू करने और पहले के निर्णयों पर नए निर्णय लेने की अनुमति देता है।
विज्ञापन
विज्ञापन

 
विदेश मंत्री ने की नए भारत की तारीफ
विदेश मंत्री ने कहा, आज का भारत हर दिन 28 किलोमीटर राजमार्ग बना रहा है, हर दिन 12-14 किलोमीटर रेलवे ट्रैक बना रहा है, एक दशक पहले हमारे पास मेट्रो वाले 6 शहर थे और आज 21 हैं, और हम अतिरिक्त 39 की योजना बना रहे हैं। एक दशक पहले, हमारे पास 75 हवाई अड्डे थे, आज हम 150 के करीब हैं और इन सबके बाद, अंतरराष्ट्रीय विमानन उद्योग से लगभग 1,000 विमानों का ऑर्डर मिला है।

'बढ़ेगा और मजबूत होगा भारत-ऑस्ट्रेलिया का रिश्ता'
विदेश मंत्री ने आगे कहा, यहां भारतीय मूल के लगभग 125,000 लोग रहते हैं। मुझे बताया गया है कि इस राज्य में लगभग 15,000-16,000 छात्र रहते हैं। मुझे इस बात ने प्रभावित किया कि ऑस्ट्रेलिया का भारत को 75% निर्यात इसी राज्य से होता है, पिछले 10 वर्षों में, हमें इसे एक उपलब्धि के रूप में नहीं बल्कि एक झलक के रूप में देखना चाहिए कि क्या संभव है। हमने जो किया है, वह एक ऐसा ढांचा तैयार करना है, जिसके तहत आने वाले समय में यह रिश्ता बढ़ेगा और मजबूत होगा। 
 

क्वाड का स्थान सबसे ऊपर- जयशंकर
विदेश मंत्री जयशंकर ने कहा, क्वाड का स्थान सबसे ऊपर है और ऑस्ट्रेलिया हमारे द्विपक्षीय संबंधों के संदर्भ में उस तंत्र का संस्थापक भागीदार है। कूटनीति में, आप ऐसे शब्दों का इस्तेमाल करते हैं जो आपकी अपनी प्रणाली और दूसरों को संकेत देते हैं। जब हम आज एक व्यापक रणनीतिक साझेदारी की बात करते हैं, तो इस विवरण का नौकरशाही की दृष्टि से एक अर्थ है। हमारे शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने अभी-अभी ऑस्ट्रेलिया का दौरा किया है और मेरा मानना है कि शिक्षा और अनुसंधान ज्ञान अर्थव्यवस्था और एआई के युग में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।


जयशंकर ने एलएसी पर मौजूदा स्थिति का किया जिक्र
विदेश मंत्री एस जयशंकर ने रविवार को कहा कि भारत और चीन ने सैनिकों को पीछे हटाने की दिशा में 'कुछ प्रगति' की है। उन्होंने इस घटनाक्रम को 'स्वागत योग्य' कदम बताया। उन्होंने ब्रिस्बेन में प्रवासी भारतीय समुदाय के लोगों के साथ बातचीत के दौरान एक सवाल के जवाब में कहा, 'भारत और चीन के संदर्भ में हमने कुछ प्रगति की है। आप जानते हैं कि हमारे संबंध कुछ कारणों से बहुत ही खराब थे। हमने पीछे हटने की दिशा में कुछ प्रगति की है।' विदेश मंत्री ने कहा, 'वास्तविक नियंत्रण रेखा के आसपास बहुत बड़ी संख्या में चीनी सैनिक तैनात हैं, जो 2020 से पहले वहां नहीं थे और बदले में हमने भी जवाबी तैनाती की। इस अवधि के दौरान संबंधों के अन्य पहलू भी प्रभावित हुए हैं। इसलिए स्पष्ट रूप से, हमें पीछे हटने के बाद देखना होगा कि हम किस दिशा में आगे बढ़ते हैं।'
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get latest World News headlines in Hindi related political news, sports news, Business news all breaking news and live updates. Stay updated with us for all latest Hindi news.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed