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बीआरएफ : भारत की नाराजगी मोल न लेने को इमरान से नहीं मिले पुतिन
Tue, 30 Apr 2019 05:32 AM IST
गौरव द्विवेदी
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला
Published by: गौरव द्विवेदी
Updated Tue, 30 Apr 2019 05:32 AM IST
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व्लादिमीर पुतिन (फाइल फोटो)
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पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान चीन में बेल्ट एंड रोड फोरम (बीआरएफ) के बहाने रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के साथ बैठक की इच्छा के बावजूद मुलाकात नहीं कर सके। इसके पीछे सबसे बड़ा कारण रूसी राष्ट्रपति का भारत के साथ कूटनीतिक संबंध बनाए रखने के लिए उसे नाराज न करना माना जा रहा है। नई दिल्ली के साथ मॉस्को के घनिष्ठ संबंधों का जिक्र करते हुए रूसी सूत्र ने कहा, रूस इस स्तर पर भारत को कोई गलत संदेश नहीं देना चाहता जब पुलवामा हमले के बाद भारत और पाकिस्तान के बीच रिश्ते बेहद खराब हैं।
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इतना ही नहीं बल्कि वहां पहुंचे 37 देशों में से केवल दो देशों के राष्ट्राध्यक्षों इथियोपिया के प्रधानमंत्री व ताजिकिस्तान के राष्ट्रपति ने ही इमरान के साथ द्विपक्षीय मुलाकात की। पाकिस्तान ने जिन अन्य देशों को द्विपक्षीय मुलाकात के लिए निवेदन भेजा था वह भी ठुकरा दिए गए। इस वाकये को पाकिस्तान के लिए कूटनीतिक झटका बताया गया है। बता दें कि चीन में 25 से 27 अप्रैल तक चली बीआरएफ में 37 देशों के राष्ट्राध्यक्षों व सरकारों ने हिस्सा लिया था।
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पाकिस्तान सरकार ने साधी चुप्पी
पाकिस्तान की सरकार की ओर से इस मुद्दे पर कोई स्पष्टीकरण अभी तक नहीं आया है कि आखिर प्रधानमंत्री इमरान व विश्व के अन्य नेताओं के बीच बैठकों की व्यवस्था क्यों नहीं की जा सकी। जबकि द्विपक्षीय बैठकें अंतरराष्ट्रीय मंचों पर बेहद आसान होती हैं क्योंकि इन मौकों पर इस तरह की बैठकें आयोजित करना सुविधाजनक होता है। बता दें कि इमरान के बीजिंग रवाना होने से पहले पाकिस्तान के विदेश कार्यालय ने बयान जारी कर कहा था कि इमरान न केवल बीआरएफ में शामिल होंगे बल्कि वहां पहुंचे कई राष्ट्राध्यक्षों, सरकारों और कॉरपोरेट व बिजनेस टायकून के साथ भी बैठकें करेंगे।
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रूस ने अनुरोध ठुकराया
पाकिस्तान के समाचार पत्रों में रूसी राष्ट्रपति और इमरान की मुलाकात नहीं हो पाने को बड़ा कूटनीतिक झटका बताया गया है। समाचार पत्रों में आधिकारिक सूत्रों के हवाले से कहा गया है कि सरकार ने दोनों नेताओं के बीच बैठक के लिए रूस से अनुरोध किया था, लेकिन इसे अमल में नहीं लाया जा सका। जबकि विदेश कार्यालय के प्रवक्ता डॉ. मुहम्मद फैसल ने कहा कि उन्हें इमरान और पुतिन के बीच बैठक के लिए पाकिस्तान से किसी भी अनुरोध के बारे में पता नहीं था।