{"_id":"6339f1c716b273069c0bfc8c","slug":"brazilian-general-election-2022-voters-are-seen-leaning-towards-leftist-luiz-inacio-lula-da-silva","type":"story","status":"publish","title_hn":"Brazil: ब्राजील में वोटिंग, वामपंथी सिल्वा की ओर झुकते दिख रहे वोटर्स, 15 करोड़ से ज्यादा मतदाता","category":{"title":"World","title_hn":"दुनिया","slug":"world"}}
Brazil: ब्राजील में वोटिंग, वामपंथी सिल्वा की ओर झुकते दिख रहे वोटर्स, 15 करोड़ से ज्यादा मतदाता
Mon, 03 Oct 2022 01:47 AM IST
देव कश्यप
एजेंसी, रियो डि जेनेरियो।
एजेंसी, रियो डि जेनेरियो।
Published by: देव कश्यप
Updated Mon, 03 Oct 2022 01:47 AM IST
सार
अपने लैटिन अमेरिकी पड़ोसी देशों की तरह ब्राजील भी उच्च मुद्रास्फीति दर, बड़े आकार की अनौपचारिक अर्थव्यवस्था, बेरोजगारी जैसी समस्याओं से जूझ रहा है। इसी कारण लोगों का झुकाव वामपंथी प्रत्याशी की ओर है। फिलहाल लग रहा है कि 2003-2010 तक देश की बागडोर संभाल चुके सिल्वा पहला दौर बिना किसी समस्या जीत सकते हैं।
विज्ञापन
Luiz Inacio Lula da Silva and Jair Bolsonaro
- फोटो : Agency
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
ब्राजील में रविवार को ऐतिहासिक वोटिंग हुई। मुकाबला चार साल से राष्ट्रपति पद पर आसीन दक्षिणपंथी जैर बोलसोनारो और वामपंथी लुइज इनसियो लुला द सिल्वा के बीच है। दुनिया के चौथे सबसे बड़े लोकतंत्र में मतदाताओं का पलड़ा वामपंथी सिल्वा की ओर झुकता दिख रहा है।
विज्ञापन
वर्तमान राष्ट्रपति बोलसोनारो आग लगाने वाले भाषणों के लिए मशहूर हैं। लोकतांत्रिक संस्थानों के परीक्षण, कोविड-19 जैसी विनाशकारी महामारी से निपटने के तरीके और परंपरागत सामाजिक मूल्यों की रक्षा के लिए काफी ब्राजीली उनकी प्रशंसा करते हैं। अमेजन के वर्षावनों की पिछले 15 वर्ष के दौरान निर्मम कटाई की अनदेखी का आरोप झेल रहे बोलसोनारो खुद को वामपंथी राजनीति से देश को बचाने का श्रेय तेते हैं। हाल के जनमत सर्वेक्षणों के दौरान सिल्वा निर्णायक बढ़त बनाते दिखे। शनिवार को प्रकाशित अंतिम डाटाफोल्हा सर्वे में शामिल लोगों में से 50 फीसदी ने उन्हें वोट देने का इरादा जताया। बोलसोनारो के पक्ष में केवल 36 फीसदी लोग थे। सर्वे कराने वाले संस्थान ने इसमें 12,800 लोगों को शामिल किया था। इसमें दो फीसदी कम-ज्यादा अंतर की बात कही गई।
विज्ञापन
अपने लैटिन अमेरिकी पड़ोसी देशों की तरह ब्राजील भी उच्च मुद्रास्फीति दर, बड़े आकार की अनौपचारिक अर्थव्यवस्था, बेरोजगारी जैसी समस्याओं से जूझ रहा है। इसी कारण लोगों का झुकाव वामपंथी प्रत्याशी की ओर है। फिलहाल लग रहा है कि 2003-2010 तक देश की बागडोर संभाल चुके सिल्वा पहला दौर बिना किसी समस्या जीत सकते हैं। 30 अक्तूबर को आने वाले परिणाम में उन्हें कुल में से अवैध और कोरे मतपत्र हटाकर 50 फीसदी वोट हासिल करने होंगे।
विज्ञापन
पंद्रह करोड़ से ज्यादा लोग हैं वैध मतदाता
ब्राजील में कुल मतदाताओं की तादाद 15 करोड़ से ज्यादा है। विश्लेषकों का अनुमान है कि अनिवार्य मतदान के बावजूद इनमें से 20 फीसदी अनुपस्थित रहेंगे। वैसे मुकाबले में नौ अन्य प्रत्याशी भी हैं, लेकिन मुख्य मुकाबला दक्षिणपंथी और वामपंथी उम्मीदवारों के बीच ही है।