Brazil: टैरिफ नीति को लेकर ब्राजील की रणनीति, अमेरिका से व्यापार वार्ता और नए समझौते बढ़ाने की तैयारी
ब्राजील ट्रंप की टैरिफ नीति के प्रभावों से बचने के लिए अपनी रणनीति तैयार कर रहा है। ब्राजील के एक शीर्ष अधिकारी ने बताया कि उनका देश अमेरिका द्वारा लगाए गए टैरिफ पर बातचीत करने के लिए अमेरिका के साथ व्यापार वार्ता को प्राथमिकता देगा।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की टैरिफ नीति इन दिनों दुनियाभर में चर्चा का विषय बना हुआ है। इसी बीच अमेरिकी टैरिफ के प्रभाव को कम करने के लिए ब्राजील ने भी अपनी रणनीति तैयार कर ली है। ब्राजील के एक शीर्ष विदेश व्यापार अधिकारी ने बताया कि उनका देश अमेरिका द्वारा लगाए गए टैरिफ पर बातचीत करने के लिए अमेरिका के साथ व्यापार वार्ता को प्राथमिकता देगा। साथ ही ब्राजील अपने अन्य व्यापारिक समझौतों को भी बढ़ा रहा है, ताकि अमेरिकी टैरिफ से होने वाले प्रभाव को कम किया जा सके।
तातियाना प्रेजेरेस ने दी जानकारी
ब्राजील के विदेश व्यापार सचिव तातियाना प्रेजेरेस ने एक ऑनलाइन कार्यक्रम में कहा कि ब्राजील के राष्ट्रपति लूला दा सिल्वा की सलाह है कि वह लगातार बातचीत करें और अमेरिका के साथ खुली वार्ता जारी रखें। बता दें कि अमेरिका ने पिछले सप्ताह ब्राजील के आयात पर 10% टैरिफ़ लागू किया है। साथ ही मार्च से ब्राजील के स्टील पर 25% टैरिफ भी लगा है। अमेरिका ब्राजील का दूसरा सबसे बड़ा व्यापारिक साझेदार है।
ये भी पढ़ें:- helicopter crash : न्यूयॉर्क में हडसन नदी में हेलीकॉप्टर दुर्घटना; छह लोगों की मौत
जवाबी कार्रवाई को भी तैयार ब्राजील
ट्रंप द्वारा ब्राजील पर लगाए गए टैरिफ को लेकर ब्राजील के अधिकारियों ने कहा कि वे अमेरिका से बातचीत के लिए तैयार हैं, लेकिन अगर आवश्यक हुआ तो वे जवाबी कार्रवाई भी कर सकते हैं। इसके अलावा, ब्राजील एशियाई देशों और चीन से आने वाली प्रतिस्पर्धा से भी चिंतित है, क्योंकि अमेरिका द्वारा ब्राजील के खिलाफ उठाए गए कदम अन्य देशों को फायदा पहुंचा सकता हैं।
ये भी पढ़ें:- Tariff War: टैरिफ बढ़ाने के बाद यूएस विरोधी वैश्विक मोर्चा बनाने की तैयारी में चीन; कई देशों से संपर्क साधा
व्यापार युद्ध से अवसर की तलाश
हालांकि प्रेजेरेस ने आगे कहा कि अमेरिकी व्यापार युद्ध से कुछ अवसर मिल सकते हैं, जैसा कि पहले चीन को ब्राजील के सोयाबीन निर्यात में वृद्धि देखने को मिली थी। साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि यह स्थिति जोखिम से भरी हुई है। फिलहाल ब्राजील के अधिकारी इस बात पर भी ध्यान दे रहे हैं कि एशियाई देशों के निर्यात में वृद्धि हो सकती है, जो अब अमेरिकी बाजार में नहीं जा पा रहे हैं।