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ट्रंप की शक्लोसूरत का 10 सेकंड का वीडियो 48 लाख रुपये में खरीदा, 48 करोड़ में बेचा

Wed, 03 Mar 2021 06:27 AM IST
Amit Mandal अमर उजाला रिसर्च टीम, नई दिल्ली। 
अमर उजाला रिसर्च टीम, नई दिल्ली।  Published by: Amit Mandal Updated Wed, 03 Mar 2021 06:27 AM IST
सार

  • डिजिटल एनएफटी कलाकृतियों में ऐतिहासिक निवेश का मामला, तेजी से बढ़ रही लोगों की रुचि 

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Bought 10-second video of Trump's personality for Rs 48 lakhs, sold for 48 crores
Trump beeple video - फोटो : Screen grab

विस्तार

पार्क में ट्रंप की शक्लोसूरत व हेयर स्टाइल के साथ औंधा लेटा व्यक्ति, शरीर पर ट्रंप सहित बीसियों नाम, नारे व अपशब्द गुदे हुए, सामने जॉगिंग ट्रैक पर गुजरते लोग। 10 सेकंड के इस डिजिटल वीडियो को अक्तूबर 2020 में नॉन-फंजिबल टोकन (एनएफटी) कलाकृति के तौर पर कला संग्रहकर्ता पाब्लो रोडरिग फ्रेल ने करीब 48 लाख रुपये में खरीदा। अब फरवरी 2021 में करीब 48 करोड़ रुपये में बेच भी दिया है। यह डिजिटल आर्ट माइक विंकलमन ‘बीपल’ ने बनाई थी। ब्लॉकचेन के जरिए दर्ज डिजिटल हस्ताक्षर ने प्रमाणित किया कि इसे माइक ने ही बनाया। नये समय में यह एनएफटी कलाकृतियां निवेश का नया रूप बन रहीं हैं। यह विशिष्ट क्रिप्टोग्राफिक टोकन हैं, जिनका रुपयों, सोना या किसी दूसरी एनएफटी के बदले लेन-देन नहीं हो सकता। 

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इस वीडियो में अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति के एक विशाल स्वरूप को मैदान में धराशाई दिखाया गया है। इसमें उनके पूरे शरीर पर 'लूजर', 'फैट' जैसी तमाम बातें लिखी हैं। इस वीडियो को राष्ट्रपति चुनाव से पहले बनाया गया था और ट्रंप की हार के बाद यह काफी लोकप्रिय हो गया। यह वीडियो इतना वायरल हुआ है कि अलग-अलग माध्यमों पर लाखों लोग इसे रोज देख रहे हैं। इसका निर्माण करने वाले आर्टिस्ट बीपल काफी मशहूर हैं, लेकिन यह वीडियो सामने आने के बाद पूरी दुनिया में उनके प्रशंसकों की संख्या बढ़ गई है। 

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इसे ऐसे समझें कि अगर आपके पास 100 रुपये हैं तो बाजार से सौ रुपये मूल्य की वस्तु खरीद सकते हैं, लेकिन इस प्रकार के नोट लाखों करोड़ हो सकते हैं। वहीं हर एनएफटी कलाकृति का अपना मूल्य होता है, जिसे बांट नहीं सकते। इन्हें कोई एक ही व्यक्ति खरीद सकता है, न इनकी नकल हो सकती। ब्लॉकचेन सिस्टम से दर्ज जानकारी की वजह से मालिकाना हक भी हमेशा सुरक्षित रहता है। हर एनएफटी कृति का विशिष्ट क्रमांक होता है जो इसकी विशिष्टता की गारंटी है। यही वजह है कि अब बड़ी संख्या में लोग इनमें निवेश कर इनका संग्रह कर रहे हैं। जिस 10 सेकंड के वीडियो की बात हो रही है, उसे पाब्लो रोडरिग ने खरीदा ही इसलिए क्योंकि वे इसके सृजक बीपल और उनकी कला को जानते थे। दूसरी नीलामी कंपनी क्रिस्टी ने पांच हजार तस्वीरों की एक डिजिटल आर्ट की नीलामी एनएफटी के रूप में शुरू की है। इसे भी बीपल ने ही बनाया था। नीलामी 11 मार्च को खत्म होनी है, भाव 22 करोड़ पार हो चुका है।

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11 करोड़ से 633 करोड़ पहुंची मासिक बिक्री 
ब्लॉकचेन डाटा के अनुसार एनएफटी के बाजार के रूप में मशहूर ऑनलाइन प्लेटफॉर्म ओपन-सी पर एक साल पहले तक हर महीने सिर्फ 11 करोड़ रुपये की एनएफटी कलाकृतियां बिक रही थीं। लेकिन जनवरी 2021 में 59 करोड़ और फरवरी में 633 करोड़ की यह डिजिटल कलाकृतियां बेची गईं। लोकप्रियता बढ़ी क्योंकि हम दिन के 8-10 घंटे ऑनलाइन विशेषज्ञों के अनुसार बड़ी संख्या में लोग दिन के 8 से 10 घंटे तक कंप्यूटर, मोबाइल आदि के जरिए ऑनलाइन दुनिया में बिता रहे हैं। लगभग पूरे समय ऑनलाइन उपलब्ध भी रहते हैं। यह वास्तविक दुनिया से ज्यादा समय है क्योंकि बाकी समय में नींद का समय भी शामिल है। यह एनएफटी कृतियां डिजिटल दुनिया का हिस्सा हैं, इसलिए हमारे जीवन का भी हिस्सा बन रही हैं।


क्रिप्टो करेंसी को मुख्यधारा में लाने की कोशिश
एनएफटी को क्रिप्टो करेंसी को मुख्यधारा में लाने की कोशिश भी माना जा रहा है, ढाई सौ साल पहले बनी क्रिस्टी जैसी कंपनी भी एनएफटी खरीदने के लिए ईथर जैसे डिजिटल कॉइन स्वीकार रही है।

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