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भारतीय नेता को वॉशिंगटन पोस्ट के संपादक का जवाब- बेजोस नहीं बताते क्या लिखना है
Sat, 18 Jan 2020 03:48 PM IST
Sneha Baluni
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, वाशिंगटन
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, वाशिंगटन
Published by: Sneha Baluni
Updated Sat, 18 Jan 2020 03:48 PM IST
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जेफ बेजोस (फाइल फोटो)
- फोटो : Twitter
अमेजन के फाउंडर और सीईओ जेफ बेजोस का अखबार वाशिंगटन पोस्ट केंद्र की मोदी सरकार की नीतियों के खिलाफ लिखता रहा है। इसी कारण बेजोस जब भारत आए तो उन्हें भाजपा की आलोचना का सामना करना पड़ा। विदेशों में भाजपा के मामलों को देखने वाले विजय चौथाईवाले की वाशिंगटन पोस्ट की वरिष्ठ संपादक एली लोपेज के साथ ट्विटर पर बहस हो गई।
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चौथाईवाले ने शुक्रवार को ट्विटर पर लिखा, 'मिस्टर जेफ बेजोस, वाशिंगटन के अपने कर्मचारियों को समझाइये वरना आपके रिझाने का प्रयास समय और पैसे को बर्बाद करने की तरह होगा।' इसपर वरिष्ठ संपादक, ग्लोबल ओपिनियन के एली लोपेज ने जवाब देते हुए कहा, 'मैं आपको साफ कर देना चाहता हूं कि जेफ बेजोस वाशिंगटन पोस्ट के पत्रकारों को नहीं बताते हैं कि क्या लिखना है और क्या नहीं। स्वतंत्र पत्रकारिता सरकारों को रिझाने के लिए नहीं होती है। हमारे पत्रकारों और कॉलमनिस्ट का काम भारतीय लोकतंत्र की परंपराओं के अनुसार होता है जिसपर सवाल नहीं उठाया जा सकता।
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Just to clarify: Jeff Bezos doesn't tell Washington Post journalists what to write. Independent journalism is not about charming governments. But there's no question the work of our correspondents and columnists fits within India's democratic traditions. https://t.co/TzrMZoCw69
विज्ञापन विज्ञापन— Eli Lopez (@elopezgross) January 17, 2020
इसलिए वाशिंगटन पोस्ट पर उठा विवाद
अमेजन के फाउंडर जेफ बेजोस ने हाल ही में तीन दिनों के भारत दौरे पर आए थे। पहले उनकी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उद्योग एवं रेलवे मंत्री पीयूष गोयल से मिलने की अटकलें लगाई जा रही थीं। गोयल ने कहा था कि बेजोस भारत में एक अरब डॉलर का निवेश कर रहे हैं, लेकिन ये कोई उपकार नहीं है।प्रधानमंत्री मोदी की भी जेफ बेजोस से मुलाकात नहीं हुई। बेजोस से मुलाकात को लेकर प्रधानमंत्री कार्यालय ने पहले ही कोई शेड्यूल जारी नहीं किया था। माना जा रहा है कि मोदी दो वजहों से बेजोस से नहीं मिले। एक वजह है कॉम्पिटीशन कमीशन ऑफ इंडिया (सीसीआई) का अमेजन के खिलाफ जांच करना। दूसरी वजह बेजोस के अखबार वाशिंगटन पोस्ट का मोदी सरकार के प्रति आलोचनात्मक रवैया।