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अमेरिकी संसद में पेश हुआ 7 प्रतिशत ग्रीन कार्ड की सीमा खत्म करने वाला बिल
Fri, 08 Feb 2019 09:42 PM IST
आसिम खान
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला
Published by: आसिम खान
Updated Fri, 08 Feb 2019 09:42 PM IST
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लंबे समय से अमेरिका में बसने की राह देख रहे भारतीय पेशेवरों के लिए अच्छी खबर है। अमेरिकी संसद में प्रतिवर्ष हर देश को 7 प्रतिशत ग्रीन कार्ड जारी करने की सीमा खत्म करने वाला बिल पेश किया गया। ग्रीन कार्ड लोगों को अमेरिका में स्थायी रूप से बसने और काम करने की अनुमति देता है। अगर इस बिल को संसद की मंजूरी मिलती है, तो इसका फायदा हजारों भारतीय पेशेवरों को होगा, जो कानूनी रूप से अमेरिका में बसने की लंबे समय से आस लगाए बैठे हैं।
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संसद के निचले सदन हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव और ऊपरी सदन सीनेट में एक साथ पेश ‘फेयरनेस फॉर हाई-स्किल्ड इमिग्रैंट्स एक्ट’ बिल को गूगल जैसी सिलिकॉन वैली स्थित कंपनियों का समर्थन हासिल है। सीनेट में इस बिल को रिपब्लिकन सांसद माइक ली और डेमोक्रेटिक पार्टी की सांसद कमला हैरिस ने पेश किया। वहीं, हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव में इसको जो लॉफग्रेन और केन बक ने पेश किया।
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अगर इस बिल पर कांग्रेस (अमेरिकी संसद) की मुहर लगती है तो एक दशक से भी ज्यादा समय से ग्रीन कार्ड पाने की चाहत लिए अमेरिका में काम करने वाले एच-1बी वीजा धारक हजारों भारतीय पेशवरों को इसका लाभ होगा। भारतीय आईटी पेशवरों के बाद सबसे ज्यादा मांग एच-1बी वीजा की है, जो अमेरिका में काम की इजाजत तो देता है, लेकिन स्थायी निवास के लिए नाकाफी है। जबकि, ग्रीन कार्ड (आधिकारिक तौर पर एक स्थायी निवासी कार्ड के रूप में जाना जाता है) स्थायी रूप से बसने और काम करने की अनुमति देता है।
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भारत-चीन के नागरिकों को होता था नुकसान
रोजगार आधारित अप्रवासियों को अमेरिका हर साल 1 लाख 40 हजार ग्रीन कार्ड जारी करता है। इनमें वो लोग भी शामिल होते हैं, जो अस्थायी एच-1बी वीजा या एल वीजा पर अमेरिका आते हैं। मौजूदा नियम के तहत 7 प्रतिशत से अधिक ग्रीन कार्ड किसी एक देश के नागरिक को जारी नहीं किया जा सकता है। भले ही कुछ देश दूसरों की तुलना में अधिक आबादी वाले हैं।
ग्रीन कार्ड जारी करने की 7 प्रतिशत की सीमा के चलते ही भारत और चीन जैसे ज्यादा वाले देशों के पेशेवरों को कम जनसंख्या वाले देश के लोगों की तुलना में ग्रीन कार्ड हासिल करने में एक दशक से भी ज्यादा समय लग जाता है। डेमोक्रेट सांसद कमला हैरिस ने कहा, अमेरिका अप्रवासियों का देश है। हमें हमेशा ताकत इसकी विविधता और एकता से मिलती है। ग्रीन कार्ड को लेकर भेदभावपूर्ण रवैये को खत्म करने की जरूरत है। ताकि उच्च कुशलता वाले अप्रवासियों को शोषण से बचाया जा सके।
1,40,000 ग्रीन कार्ड हर साल जारी करता है अमेरिका, 07 प्रतिशत ग्रीन कार्ड ही आता है एक देश के हिस्से में