{"_id":"631e2046273c6a3bf225c919","slug":"biden-leads-americans-in-observing-the-21st-anniversary-of-9-11-terror-attacks","type":"story","status":"publish","title_hn":"9\/11 हमलों की बरसी: नम आंखों से दी गई मृतकों को श्रद्धांजलि, बाइडन बोले- हम भूलेंगे नहीं","category":{"title":"World","title_hn":"दुनिया","slug":"world"}}
9/11 हमलों की बरसी: नम आंखों से दी गई मृतकों को श्रद्धांजलि, बाइडन बोले- हम भूलेंगे नहीं
Sun, 11 Sep 2022 11:22 PM IST
निर्मल कांत
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, वाशिंगटन
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, वाशिंगटन
Published by: निर्मल कांत
Updated Sun, 11 Sep 2022 11:22 PM IST
सार
पेंटागन में बारिश के बीच बाइडन ने कहा, "दुख वह कीमत है जो हम प्यार के लिए चुकाते हैं। यह न केवल याद करने का दिन है बल्कि संकल्प का दिन है।" उन्होंने कहा, "मैं उन सभी लोगों को जानता हूं जिन्होंने अपनों को खोया है।"
विज्ञापन
9/11 हमला
- फोटो : ANI
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
अमेरिका आज 9/11 हमलों की 21वीं बरसी मना रहा है। इस मौके पर अमेरिका के लोगों ने नम आंखों के साथ श्रद्धांजलि अर्पित की। राष्ट्रपति जो बाइडन ने कहा, हम इसे कभी नहीं भूलेंगे, हम कभी हार नहीं मानेंगे।
उपराष्ट्रपति कमला हैरिस 9/11 की बरसी पर आयोजित स्मरण समारोह में हिस्सा लेने के लिए न्यूयॉर्क पहुंची। वहीं राष्ट्रपति बाइडन की पत्नी डॉ. जिल बाइडन पेन्सिलवेनिया में उस स्थान पर पहुंचीं जहां हमला किया गया था।
हमले की 21वीं बरसी पर बाइडन ने महारानी एलिजाबेथ द्वितीय के संदेश का हवाला दिया। एलिजाबेथ की इसी सप्ताह के शुरुआत में मौत हो गई है। इन आतंकी हमलों में भारतीय अमेरिकियों समेत 3,000 हजार लोग मारे गए थे।
विज्ञापन
पेंटागन में बारिश के बीच बाइडन ने कहा, "दुख वह कीमत है जो हम प्यार के लिए चुकाते हैं। यह न केवल याद करने का दिन है बल्कि संकल्प का दिन है।" उन्होंने कहा, "मैं उन सभी लोगों को जानता हूं जिन्होंने अपनों को खोया है।"
बाइडन ने कहा, "उन्हें (मृतकों) सालभर में एक बार याद करना लोकतंत्र के लिए पर्याप्त नहीं है। उन्हें हर दिन याद करना है। आज का दिन न केवल याद रखने का दिन है बल्कि अमेरिका और इस देश प्रति हमारे संकल्प का दिन है।"
बाइडन ने अपने संबोधन में अलकायदा के आतंकी अयमान अल-जवाहिरी का भी जिक्र किया जिसे इसी साल अफगानिस्तान की राजधानी काबुल में ड्रोन हमले में मारा गया था। राष्ट्रपति ने कहा, "अमेरिका रुकेगा नहीं। हम कभी नहीं भूलेंगे, हम कभी हार नहीं मानेंगे। अल जवाहिरी अब कभी अमेरिकी लोगों को धमकी नहीं दे सकता।"
वहीं रक्षा मंत्री ऑस्टिन ने कहा, "ठीक एक साल पहले अफगानिस्तान में अमेरिका युद्ध खत्म हुआ था। लेकिन आतंकवादी खतरों का मुकाबला करने के लिए हम अपने राष्ट्र पर निरंतर ध्यान देना जारी रखेंगे।"
बाइडन ने कहा, हमारी जिम्मेदारी है कि हम अपने लोकतंत्र की रक्षा और सुरक्षा करें। लोकतंत्र ने हमें जो स्वतंत्रता दी है, उसे वे आतंकी 11 सितंबर के हमले की आग से दबाना चाहते थे।
विज्ञापन
उपराष्ट्रपति कमला हैरिस 9/11 की बरसी पर आयोजित स्मरण समारोह में हिस्सा लेने के लिए न्यूयॉर्क पहुंची। वहीं राष्ट्रपति बाइडन की पत्नी डॉ. जिल बाइडन पेन्सिलवेनिया में उस स्थान पर पहुंचीं जहां हमला किया गया था।
विज्ञापन
हमले की 21वीं बरसी पर बाइडन ने महारानी एलिजाबेथ द्वितीय के संदेश का हवाला दिया। एलिजाबेथ की इसी सप्ताह के शुरुआत में मौत हो गई है। इन आतंकी हमलों में भारतीय अमेरिकियों समेत 3,000 हजार लोग मारे गए थे।
विज्ञापन
पेंटागन में बारिश के बीच बाइडन ने कहा, "दुख वह कीमत है जो हम प्यार के लिए चुकाते हैं। यह न केवल याद करने का दिन है बल्कि संकल्प का दिन है।" उन्होंने कहा, "मैं उन सभी लोगों को जानता हूं जिन्होंने अपनों को खोया है।"
बाइडन ने कहा, "उन्हें (मृतकों) सालभर में एक बार याद करना लोकतंत्र के लिए पर्याप्त नहीं है। उन्हें हर दिन याद करना है। आज का दिन न केवल याद रखने का दिन है बल्कि अमेरिका और इस देश प्रति हमारे संकल्प का दिन है।"
बाइडन ने अपने संबोधन में अलकायदा के आतंकी अयमान अल-जवाहिरी का भी जिक्र किया जिसे इसी साल अफगानिस्तान की राजधानी काबुल में ड्रोन हमले में मारा गया था। राष्ट्रपति ने कहा, "अमेरिका रुकेगा नहीं। हम कभी नहीं भूलेंगे, हम कभी हार नहीं मानेंगे। अल जवाहिरी अब कभी अमेरिकी लोगों को धमकी नहीं दे सकता।"
वहीं रक्षा मंत्री ऑस्टिन ने कहा, "ठीक एक साल पहले अफगानिस्तान में अमेरिका युद्ध खत्म हुआ था। लेकिन आतंकवादी खतरों का मुकाबला करने के लिए हम अपने राष्ट्र पर निरंतर ध्यान देना जारी रखेंगे।"
बाइडन ने कहा, हमारी जिम्मेदारी है कि हम अपने लोकतंत्र की रक्षा और सुरक्षा करें। लोकतंत्र ने हमें जो स्वतंत्रता दी है, उसे वे आतंकी 11 सितंबर के हमले की आग से दबाना चाहते थे।