यूक्रेन संकट: संबोधन के दौरान फिसली थी बाइडन की जुबान, यूक्रेनियन को कह दिया 'ईरानी लोग', वीडियो वायरल
अपने भाषण के दौरान बाइडन ने रूसी आक्रमण का जिक्र करते हुए कहा कि पुतिन टैंकों के साथ कीव को घेर सकते हैं, लेकिन वह 'ईरानी लोगों' के दिलों और आत्माओं को कभी हासिल नहीं कर पाएंगे।
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यूक्रेन संकट को लेकर अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन ने अपने पहले स्टेट ऑफ द यूनियन संबोधन के दौरान एक बड़ी गलती कर गए। बताया जा रहा है कि अपने संबोधन में बाइडन ने यूक्रेनियन को ईरानी कह दिया और उनसे रूसी आक्रामकता के खिलाफ एकजुट होने का आग्रह किया। मंगलवार रात को अपने संबोधन में बाइडन ने यूक्रेन में रूसी आक्रामकता की जांच करने, अमेरिकी मुद्रास्फीति और कोविड-19 महामारी से निपटने का संकल्प लिया। अपने भाषण के दौरान बाइडन ने रूसी आक्रमण का जिक्र करते हुए कहा कि पुतिन टैंकों के साथ कीव को घेर सकते हैं, लेकिन वह 'ईरानी लोगों' के दिलों और आत्माओं को कभी हासिल नहीं कर पाएंगे।
जुबान से ईरान निकलते ही वीडियो वायरल
भीड़ में से किसी के चिल्लाने से पहले बाइडन ने कहा, वह (पुतिन) कभी भी उनके स्वतंत्रता के प्यार को खत्म नहीं कर पाएंगे। तालियों की गड़गड़ाहट और खड़े होकर भीड़ की तालियों के बीच बाइडन ने कहा कि वह (पुतिन) मुक्त दुनिया के संकल्प को कभी कमजोर नहीं कर पाएंगे। इस दौरान बाइडन की जुबान से ईरान निकलते ही यह पल तेजी से वीडियो के रूप में ऑनलाइन वायरल हो गया। ट्रंप प्रशासन के पूर्व कर्मचारी सेबेस्टियन गोर्का जैसे राजनीतिक टिप्पणीकारों द्वारा इसे जीर्ण राष्ट्रपति (#SenilePresident) के उदाहरण के रूप में टैग करते हुए व्यापक रूप से साझा किया गया। अब तक इस वीडियो 10 लाख से अधिक बार देखा जा चुका है। 79 साल की उम्र में बाइडन सबसे उम्रदराज अमेरिकी राष्ट्रपति हैं।
कमला हैरिस ने धीरे से कहा- यूक्रेनियन
एक क्लिप में बाइडन की गलती के बाद उप-राष्ट्रपति कमला हैरिस को यूक्रेनियन कहते हुए दिखाई दे रहा है। न्यूजवीक ने बताया कि राष्ट्रपति को अपनी गलती के लिए सोशल मीडिया पर आलोचना का भी सामना करना पड़ा है। द इंडिपेंडेंट अखबार की रिपोर्ट के अनुसार, चाहे वह हकलाना हो, गलती हो या भौगोलिक भ्रम, बाइडन पहले से ही अपने मानसिक तेजी के बारे में सवालों का सामना कर रहे हैं।
बाइडन की मानसिक तेजी पर उठे सवाल
भाषण की पूर्व संध्या पर जारी एबीसी न्यूज/द वॉशिंगटन पोस्ट के एक नए सर्वेक्षण में पाया गया कि 54 प्रतिशत अमेरिकियों को विश्वास नहीं है कि उनके पास राष्ट्रपति के रूप में प्रभावी ढंग से सेवा करने के लिए मानसिक तेजी है। रिपोर्ट के अनुसार, केवल 40 प्रतिशत का मानना है कि 2020 से लगभग उलट स्थिति में इस पद के लिए बाइडन मानसिक रूप से काफी तेज हैं। जबकि 51 प्रतिशत अमेरिकी सोचते हैं कि उनके पास राष्ट्रपति पद के लिए जरूरी मानसिक तेजी है, लेकिन 43 फीसदी लोग ऐसा नहीं मानते।