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US: बाइडन के पीछे हटने के फैसले से भारतीय-अमेरिकी नागरिक खुश, बोले- राष्ट्रपति ने अमेरिका को खुद से आगे रखा
Mon, 22 Jul 2024 11:02 AM IST
बशु जैन
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, वॉशिंगटन
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, वॉशिंगटन
Published by: बशु जैन
Updated Mon, 22 Jul 2024 11:02 AM IST
सार
न्यूयॉर्क में प्रमुख वकील रवि बत्रा का कहना है कि मैं राष्ट्रपति बाइडन के फैसले का स्वागत करता हूं। मैं उनके फैसले को अमेरिकी असाधारणता को बनाए रखने अंतिम कार्य और अमेरिका फर्स्ट के फैसले के रूप में स्वीकार करता हूं। उन्होंने बाइडन का धन्यवाद जताते हुए कहा कि उनके लिए यह कठिन फैसला रहा होगा।
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जो बाइडन
- फोटो : ANI
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विस्तार
अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन के नवंबर 2024 में होने वाले राष्ट्रपति चुनाव लड़ने से इन्कार करने के बाद अमेरिका में राजनीतिक उथल-पुथल है। राजनीतिक दल डेमोक्रेटिक पार्टी ने जहां नए उम्मीदवार की तलाश शुरू कर दी है। वहीं रिपब्लिकन पार्टी ने जो बाइडन से इस्तीफा मांगा। इसके दूसरी तरफ भारतीय अमेरिकियों ने जो बाइडन के फैसले का स्वागत किया है। भारतीय-अमेरिकी समुदाय के प्रमुख सदस्य ने कहा कि यह उनके लिए कठिन फैसला रहा होगा, लेकिन उन्होंने अमेरिका को पहले रखने के लिए यह कदम उठाया।
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न्यूयॉर्क में प्रमुख वकील रवि बत्रा का कहना है कि मैं राष्ट्रपति बाइडन के फैसले का स्वागत करता हूं। मैं उनके फैसले को अमेरिकी असाधारणता को बनाए रखने अंतिम कार्य और अमेरिका फर्स्ट के फैसले के रूप में स्वीकार करता हूं। उन्होंने बाइडन का धन्यवाद जताते हुए कहा कि उनके लिए यह कठिन फैसला रहा होगा। जैसे युद्ध के मैदान में हर सैनिक अपना योगदान देता है, वैसे ही बाइडन अमेरिका को अपना सर्वश्रेष्ठ अंतिम योगदान दें।
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बत्रा ने कहा कि 50 साल तक बाइडन ने देश की सेवा की। राष्ट्रपति से पहले बराक ओबामा की सरकार में विदेश संबंधों के सीनेट के रूप में उनका कार्यकाल शानदार रहा। उनकी नजर में देश के लोग रिपलब्किन और डेमोक्रेट बाद में पहले अमेरिकी हैं। बाइडन जानते हैं कि वह डेमोक्रेटिक पार्टी के लिए सही चेहरा नहीं बनते। वह भी ऐसे समय में जब रिपब्लिकन राष्ट्रपति पद के उम्मीदवार डोनाल्ड ट्रंप के खिलाफ चुनाव लड़ना हो। जिन्हें हाल ही में पेंसिल्वेनिया में चुनाव अभियान में गोली मार दी गई थी। इस अत्यधिक संकट के क्षण में भी डोनाल्ड ट्रंप ने अपना सर्वश्रेष्ठ कर्तव्य निभाया और खून से सने चेहरे के साथ लड़ो कहने के लिए कहा। उन्होंने कहा कि ट्रंप लोकतंत्र के लिए लड़ते हैं। क्योंकि अगर हम नहीं लड़ेंगे तो सब कुछ खत्म हो जाएगा।
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अमेरिका में प्रमुख रियल एस्टेट सलाहकार और उद्यमी अल मेसन ने कहा कि पहले से ही उम्मीद थी कि बाइडन राष्ट्रपति पद की दौड़ से बाहर हो जाएंगे। उन्होंने अच्छा काम किया। वह अच्छे व्यक्ति भी हैं, लेकिन वह ट्रंप से नहीं जीत सकते हैं। हालांकि बाइडन समर्थित कमला हैरिस भी ट्रंप को हरा नहीं सकतीं। क्योंकि उनकी चुनाव मैदान और राज्यों में उनकी कोई अपील नहीं है। उन्होंने यह भी कहा कि ट्रंप को हराना असंभव है। खासकर तब जब उनके साथ उपराष्ट्रपति पद के उम्मीदवार के तौर पर जेडी वेंस हों, जिनकी एरिजोना, उत्तरी कैरोलिना, मिशिगन, पेंसिल्वेनिया और विस्कॉन्सिन जैसे राज्यों में अच्छी पकड़ है।