Benjamin Netanyahu: नेतन्याहू ने ली इस्राइल के प्रधानमंत्री पद की शपथ, विश्वास मत भी जीता, PM मोदी ने दी बधाई
Benjamin Netanyahu: प्रधानमंत्री पद की शपथ लेने के बाद 73 वर्षीय नेतन्याहू ने इस्राइल की संसद में विश्वास मत भी जीत लिया। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, कुल 120 सांसदों में से 63 ने नई सरकार के पक्ष में मतदान किया।
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लिकुड पार्टी के नेता बेंजामिन नेतन्याहू ने गुरुवार को इस्राइल के प्रधानमंत्री पद की शपथ ली। इसके बाद देश में राजनीतिक स्थिरता की उम्मीद है, क्योंकि 2019 के बाद से यहां पांच आम चुनाव हो चुके हैं। 73 वर्षीय नेतन्याहू ने छठी बार सरकार बनाई है। वह इस्राइल में सबसे अधिक समय तक प्रधानमंत्री रहने वाले नेता बन गए हैं। उनकी नई सरकार में कई धुर दक्षिणपंथी दल शामिल हैं। इनमें ओत्ज्मा येहुदित, यूनाइटेड तोरा जुदैज्म, रिलिजियस जियोनिस्ट पार्टी और नोआम शामिल हैं। नेतन्याहू इससे पहले 14 वर्ष प्रधानमंत्री पद पर रह चुके हैं।
प्रधानमंत्री पद की शपथ लेने के बाद नेतन्याहू ने इस्राइल की संसद 'नेसेट' में विश्वास मत भी जीत लिया। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, कुल 120 सांसदों में से 63 ने नई सरकार के पक्ष में मतदान किया। 54 सांसदों ने सरकार के खिलाफ मतदान किया। पीएम नेतन्याहू ने अपनी कैबिनेट में 31 मंत्रियों और तीन उपमंत्रियों को नियुक्त किया है। रक्षा, शिक्षा और कल्याण मंत्रालय में दो-दो मंत्रियों की नियुक्ति की गई है। उन्होंने पांच महिलाओं को भी अपने मंत्रिमंडल में शामिल किया है।
शपथ लेने से पहले नेतन्याहू ने अपनी सरकार के लिए तीन राष्ट्रीय लक्ष्य तय किए। उन्होंने कहा कि उनकी सरकार का लक्ष्य ईरान के परमाणु कार्यक्रमों को रोकना, देश में बुलेट ट्रेन का जाल बिछाना और अब्राहम समझौते के दायरे में अधिक से अधिक अरब देशों को लाना है। इसके अलावा नेतन्याहू ने देश के नागरिकों की सुरक्षा में सुधार करने और महंगाई को कम करने का वादा किया।
पीएम मोदी ने दी बधाई
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बेंजामिन नेतन्याहू को नई सरकार बनाने पर बधाई दी। पीएम मोदी ने ट्वीट किया कि वह भारत और इस्राइल के बीच रणनीतिक साझेदारी को मजबूत करने के लिए मिलकर काम करने की उम्मीद करते हैं।
नेतन्याहू के गठबंधन को मिली थीं 64 सीटें
लगभग चार सालों के पांच चुनावों के बाद एक नवंबर को हुए संसदीय चुनावों में नेतन्याहू और उनके सहयोगियों ने 120 में से 64 सीटों पर जीत हासिल की। लिकुड पार्टी ने एक बयान में कहा कि उसने इतामार बेन-गवीर के साथ एक समझौते पर हस्ताक्षर किए हैं, जो एक चरमपंथी राजनीतिज्ञ हैं, जिनके नेतन्याहू की सरकार में राष्ट्रीय सुरक्षा मंत्री बनने की उम्मीद है।