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Israel: चार साल से भी कम वक्त में पांचवीं बार चुनाव, वापसी कर सकते हैं नेतन्याहू, लैपिड से मुख्य मुकाबला
Mon, 31 Oct 2022 06:46 PM IST
निर्मल कांत
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, टेल अविव
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, टेल अविव
Published by: निर्मल कांत
Updated Mon, 31 Oct 2022 06:46 PM IST
सार
नेतन्याहू की लिकुड पार्टी को स्पष्ट बहुमत मिलता नहीं दिख रहा है। फिर भी वह सहयोगी दलों के सहयोग से सरकार बनाने में सफल हो सकते हैं। नेतन्याहू के प्रतिद्वंद्वी यैर लैपिड भी उन्हें कड़ी टक्कर दे रहे हैं।
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benjamin Netnyahu, Yair Lapid
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
इस्राइल में मंगलवार को चार वर्ष में पांचवीं बार संसदीय चुनाव हुए। राष्ट्रपति इसहाक हर्जोग ने मतदाओं से अपील करते हुए कहा कि वे राजनीतिक गतिरोध को खत्म करने के लिए ज्यादा से ज्यादा वोटिंग करें। स्थानीय समय के मुताबिक कड़ी सुरक्षा के बीच मतदान सुबह सात बजे से रात 10 तक जारी रहा। ज्यादातर सर्वेक्षणों में लिकुड पार्टी के नेता और पूर्व प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू की सरकार में वापसी होती दिख रही है।
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मौजूदा सत्ताधारी गठबंधन का हिस्सा रहे पूर्व प्रधानमंत्री नफ्ताली बेनेट की पार्टी चुनाव ही नहीं लड़ रही है। ऐसे में मुकाबला नेतन्याहू के दक्षिणपंथी गठबंधन और अंतरिम प्रधानमंत्री याइर लापिद के गठबंधन के बीच है। दुनियाभर की तरह ही इस्राइल में भी महंगाई, रोजगार और सुरक्षा जैसे मुद्दों को लेकर मतदान हो रहा है। चुनाव के नतीजे आज रात तक आएंगे। हालांकि, अगर किसी गठबंधन को स्पष्ट बहुमत नहीं मिलता है, तो नतीजों के बाद सरकार गठन में कुछ सप्ताह का समय लग सकता है।
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नेतन्याहू को भ्रष्टाचार के आरोपों के बीच 2020 में पद से इस्तीफा देने पड़ा था। हालांकि, इससे ठीक पहले 2019 में हुए चुनावों में दक्षिणपंथी गठबंधन को स्पष्ट बहुमत मिला था। लेकिन, मौजूदा गठबंधन में सभी तरह की विचारधारा के दल शामिल हैं। इसी वजह से दो बार चुनाव हो चुके हैं। बहरहाल, नेतन्याहू की लिकुट पार्टी के साथ ही उनक समर्थक इतमार बेन ग्वीर की कट्टर दक्षिणपंथी पार्टी को भी खासा समर्थन मिल रहा है, जिससे नेत्यनाहू का फिर से सत्ता में लौटना तय माना जा रहा है।
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नेतन्याहू के पक्ष में आंकड़े
120 सदस्यों वाली इस्राइली संसद नेसेट में बहुमत के लिए 61 सीटों की जरूरत होती है। आजतक यहां कभी किसी एक पार्टी की पूर्ण बहुमत की सरकार नहीं बन पाई है। हालांकि, बेंजामिन नेतन्याहू सबसे लंबे समय 15 वर्ष तक प्रधानमंत्री रहे हैं। इस्राइल में 67.8 लाख मतदाता हैं, जिन्होंने मंगलवार को 25वीं नेसेट के लिए मतदान किया। इस चुनाव में बहुत हद तक नतीजा 2,10,720 नए मतदाता करने वाले हैं। मतदान पूर्व ज्यादातर सर्वेक्षणों में नेतन्याहू के नेतृत्व वाला दक्षिणपंथी गठबंधन वापसी करता दिख रहा है।
अरब वोटरों की एकजुटता बड़ी बाधा
इस्राइल की आबादी में 17 फीसदी अरब नागरिक हैं। अगर अरब नागरिकों का मतदान 48 फीसदी से से कम रहा तो वे संसद में एक भी सीट हासिल नहीं कर पाएंगे, जाहिर है इसका सीधा फायदा नेतन्याहू को होगा, लेकिन अगर अरब मतदाता एकजुट होकर किसी एक अरब पार्टी को वोट करते हैं, तो यह नेतन्याहू की मुश्किलें बढ़ सकती हैं। क्योंकि, सर्वेक्षणों के मुताबिक गठबंधन को 61-65 के आसपास सीटें ही मिल रही हैं।
इस वजह से मुश्किल है बहुमत की डगर
नेसेट चुनाव में करीब 40 दल दौड़ में हैं। हालांकि, इनमें से 12-15 पार्टी ही नेसेट तक पहुंच पाती हैं। क्योंकि, नेसेट में प्रवेश पाने के लिए किसी भी दल को कुल मतदाताओं के 3.25 फीसदी मत हासिल करना जरूरी होता है। यही वजह है कि यहां किसी एक पार्टी को कभी बहुमत नहीं मिलता।