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Earthquake: रूस से पहले इन देशों में कई बार तेजी से कांपी धरती, दुनियाभर में 10 बड़े भूकंपों के बारे में जानिए
Wed, 30 Jul 2025 02:48 PM IST
बशु जैन
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला
Published by: बशु जैन
Updated Wed, 30 Jul 2025 02:48 PM IST
सार
रूस के पूर्वी तट पर कामचटका प्रायद्वीप के पास आए शक्तिशाली भूकंप आया। इसके बाद सुनामी ने कहर बरपाया। पहले भी दुनियाभर के कई देशों में शक्तिशाली भूकंप और सुनामी ने लोगों की जान ली है। आइए दुनियाभर के 10 बड़े भूकंपों और सुनामी के बारे में जानते हैं...।
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भूकंप (सांकेतिक तस्वीर)
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
रूस के पूर्वी तट पर कामचटका प्रायद्वीप के पास आए भूकंप ने तबाही मचा दी। रिक्टर स्केल पर 8.7 तीव्रता वाले भूकंप के चलते लोग दहशत में आ गए। इस शक्तिशाली भूकंप के बाद जापान समेत कई देशों में सुनामी आ गई। इसके चलते अलर्ट जारी किया गया। पहले भी दुनियाभर के कई देशों में शक्तिशाली भूकंप से धरती कांपी है। इन देशों में भूकंप के बाद सुनामी ने भी कहर बरपाया। अमेरिकी भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण के अनुसार पांच जून 2025 तक दुनियाभर में कई जगह बड़ी तीव्रता वाले भूकंप और सुनामी आए। आइए दुनियाभर के 10 बड़े भूकंपों और सुनामी के बारे में जानते हैं...।
1. चिली में आया था 9.5 तीव्रता भूकंप
1960 में चिली के मध्य क्षेत्र में 9.5 तीव्रता का भूकंप आया था। वाल्डिविया या ग्रेट चिली के नाम से जाना जाने वाला यह अब तक का सबसे बड़ा भूकंप था। इस आपदा में 1600 से ज्यादा लोगों की मौत हुई। इसमें अधिकतर मौतें विशाल सुनामी के कारण हुईं। हजारों लोग घायल हुए।
2. अलास्का में 9.2 की तीव्रता से कांपी धरती
1964 में अलास्का के प्रिंस विलियम साउंड में 9.2 तीव्रता का भूकंप आया था। यह लगभग पांच मिनट तक रहा। अमेरिका में दर्ज किए गए सबसे बड़े भूकंप और सुनामी में 130 से ज्यादा लोग मारे गए थे। भूकंप के चलते भूस्खलन होने और ऊंची लहरों के चलते भीषण बाढ़ आई थी। शुरुआती भूकंप के बाद हफ्तों तक हजारों झटके आते रहे।
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1. चिली में आया था 9.5 तीव्रता भूकंप
1960 में चिली के मध्य क्षेत्र में 9.5 तीव्रता का भूकंप आया था। वाल्डिविया या ग्रेट चिली के नाम से जाना जाने वाला यह अब तक का सबसे बड़ा भूकंप था। इस आपदा में 1600 से ज्यादा लोगों की मौत हुई। इसमें अधिकतर मौतें विशाल सुनामी के कारण हुईं। हजारों लोग घायल हुए।
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2. अलास्का में 9.2 की तीव्रता से कांपी धरती
1964 में अलास्का के प्रिंस विलियम साउंड में 9.2 तीव्रता का भूकंप आया था। यह लगभग पांच मिनट तक रहा। अमेरिका में दर्ज किए गए सबसे बड़े भूकंप और सुनामी में 130 से ज्यादा लोग मारे गए थे। भूकंप के चलते भूस्खलन होने और ऊंची लहरों के चलते भीषण बाढ़ आई थी। शुरुआती भूकंप के बाद हफ्तों तक हजारों झटके आते रहे।
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भूकंप के झटकों और सुनामी के अलर्ट के बाद रूस का एक इलाका
- फोटो : पीटीआई
3. सुमात्रा में गई थी 2.30 लाख लोगों की जान
2004 में 9.1 तीव्रता के भूकंप और उसके बाद आई सुनामी ने दक्षिण-पूर्व, दक्षिण एशिया और पूर्वी अफ्रीका को तबाह कर दिया था। इसमें 2.30 लाख लोग मारे गए। अकेले इंडोनेशिया में ही 1.67 लाख से ज़्यादा मौतें दर्ज की गईं।
4. फुकुशिमा परमाणु संयंत्र हुआ तबाह
2011 में उत्तर-पूर्वी जापान के तट पर 9.1 तीव्रता का भूकंप आया। इसके बाद विशाल सुनामी आई। इसने फुकुशिमा परमाणु संयंत्र को तहस-नहस कर दिया था। इससे बिजली प्रणालियां ठप हो गईं और तीन रिएक्टरों में दिक्कत आई। इस भूकंप और सुनामी में 18,000 से ज़्यादा लोग मारे गए। इनमें से कुछ के शव आज तक बरामद नहीं हो पाए हैं।
5. रूस में पहले भी लग चुके हैं झटके
1952 में 9.0 तीव्रता के भूकंप से काफी क्षति हुई थी। वहीं हवाई में 9.1 मीटर (30 फुट) ऊंची लहरों के साथ आई सुनामी के बावजूद किसी की मृत्यु की सूचना नहीं मिली थी।
2004 में 9.1 तीव्रता के भूकंप और उसके बाद आई सुनामी ने दक्षिण-पूर्व, दक्षिण एशिया और पूर्वी अफ्रीका को तबाह कर दिया था। इसमें 2.30 लाख लोग मारे गए। अकेले इंडोनेशिया में ही 1.67 लाख से ज़्यादा मौतें दर्ज की गईं।
4. फुकुशिमा परमाणु संयंत्र हुआ तबाह
2011 में उत्तर-पूर्वी जापान के तट पर 9.1 तीव्रता का भूकंप आया। इसके बाद विशाल सुनामी आई। इसने फुकुशिमा परमाणु संयंत्र को तहस-नहस कर दिया था। इससे बिजली प्रणालियां ठप हो गईं और तीन रिएक्टरों में दिक्कत आई। इस भूकंप और सुनामी में 18,000 से ज़्यादा लोग मारे गए। इनमें से कुछ के शव आज तक बरामद नहीं हो पाए हैं।
5. रूस में पहले भी लग चुके हैं झटके
1952 में 9.0 तीव्रता के भूकंप से काफी क्षति हुई थी। वहीं हवाई में 9.1 मीटर (30 फुट) ऊंची लहरों के साथ आई सुनामी के बावजूद किसी की मृत्यु की सूचना नहीं मिली थी।
भूकंप
- फोटो : संवाद
6. मध्य चिली में आया भूकंप
2010 में मध्य चिली में 8.8 तीव्रता का भूकंप आया। इसने राजधानी को डेढ़ मिनट तक हिलाकर रख दिया। इसके बाद सुनामी की स्थिति पैदा हो गई। इस आपदा में 500 से ज्यादा लोग मारे गए थे।
7. इक्वाडोर में 1500 लोगों की हुई थी मौत
1906 में 8.8 तीव्रता के भूकंप और उसके बाद आई सुनामी ने लगभग 1,500 लोगों की जान ले ली थी। इसका असर मध्य अमेरिकी तट से लेकर सैन फ्रांसिस्को और जापान तक महसूस किया गया।
8. अलास्का के रैट द्वीप पर आया था 8.7 तीव्रता भूकंप
1965 में अलास्का के रैट द्वीप समूह में 8.7 तीव्रता का भूकंप आया था। इसके बाद 11 मीटर (35 फुट) ऊंची सुनामी आई। इससे इमारतों में दरारें और डामर रनवे सहित अपेक्षाकृत मामूली क्षति हुई।
2010 में मध्य चिली में 8.8 तीव्रता का भूकंप आया। इसने राजधानी को डेढ़ मिनट तक हिलाकर रख दिया। इसके बाद सुनामी की स्थिति पैदा हो गई। इस आपदा में 500 से ज्यादा लोग मारे गए थे।
7. इक्वाडोर में 1500 लोगों की हुई थी मौत
1906 में 8.8 तीव्रता के भूकंप और उसके बाद आई सुनामी ने लगभग 1,500 लोगों की जान ले ली थी। इसका असर मध्य अमेरिकी तट से लेकर सैन फ्रांसिस्को और जापान तक महसूस किया गया।
8. अलास्का के रैट द्वीप पर आया था 8.7 तीव्रता भूकंप
1965 में अलास्का के रैट द्वीप समूह में 8.7 तीव्रता का भूकंप आया था। इसके बाद 11 मीटर (35 फुट) ऊंची सुनामी आई। इससे इमारतों में दरारें और डामर रनवे सहित अपेक्षाकृत मामूली क्षति हुई।
रूस में भूकंप
- फोटो : PTI
9. तिब्बत में तबाह हो गए थे गांव
1950 में आए 8.6 तीव्रता के भूकंप में कम से कम 780 लोग मारे गए थे। दर्जनों गांव तबाह हो गए थे। एक गांव तो नदी में बह गया था। भारत में सुबनसिरी नदी में भी बड़े भूस्खलन हुए थे। इससे नदी जाम हो गई थी। जब पानी आखिरकार टूटा तो 7 मीटर ऊंची एक घातक लहर उठी।
10. सुमात्रा में भी हुई तबाही
2012 में इंडोनेशिया के उत्तरी सुमात्रा के पश्चिमी तट पर 8.6 तीव्रता का एक शक्तिशाली भूकंप आया। हालांकि इस भूकंप से ज्यादा नुकसान नहीं हुआ, लेकिन इसके बाद सुनामी का जोर बढ़ा।
1950 में आए 8.6 तीव्रता के भूकंप में कम से कम 780 लोग मारे गए थे। दर्जनों गांव तबाह हो गए थे। एक गांव तो नदी में बह गया था। भारत में सुबनसिरी नदी में भी बड़े भूस्खलन हुए थे। इससे नदी जाम हो गई थी। जब पानी आखिरकार टूटा तो 7 मीटर ऊंची एक घातक लहर उठी।
10. सुमात्रा में भी हुई तबाही
2012 में इंडोनेशिया के उत्तरी सुमात्रा के पश्चिमी तट पर 8.6 तीव्रता का एक शक्तिशाली भूकंप आया। हालांकि इस भूकंप से ज्यादा नुकसान नहीं हुआ, लेकिन इसके बाद सुनामी का जोर बढ़ा।